ब्लैक फंगस से जिले में दूसरी मौत, स्वास्थ्य विभाग को खबर तक नहीं: झोलाछाप डॉक्टर से कराया था इलाज - Badarwas News

बदरवास। जिले के बदरवास जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बारौद निवासी एक महिला की ब्लैक फंगस की बीमारी से भोपाल में सोमवार को मौत हो गई। मंगलवार को उसका शव बारौद लाया गया। इसके बाद पता चला कि महिला की मौत ब्लैक फंगस से हुई है। महिला की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव थी।

आंखों में परेशानी आने पर वह गांव में झोलाछाप डॉक्टर से इलाज कराती रही। गांव में ही इलाज के दौरान उसकी आंखों की रोशनी चली गई। मामला बिगडऩे पर झोलाछाप ने गुना भेज दिया। गुना से भी महिला को भोपाल रैफर कर दिया गया जहां हमीदिया अस्पताल में उसकी मौत हो गई।

जानकारी के अनुसार बदरवास जनपद के बारौद ग्राम में रहने वाली फूलवती पत्नी इतवारी वाल्मीक उम्र 52 वर्ष की 8 दिन पहले तबीयत खराब हुई। तबीयत बिगडऩे पर उसे खतौरा में इलाज के लिए लेकर गए। खतौरा एक झोलाछाप डॉक्टर के यहां उसका 2 दिन इलाज चला। खतौरा का झोलाछाप बीमारी को समझ नहीं पाया और महिला की आंखों की रोशनी चली गई।

जब महिला को दिखना बंद हो गया तो उसे गुना रैफर कर दिया गया। गुना में महिला को सहयोग अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां पर भी महिला दो दिन भर्ती रही, लेकिन उसकी हालत बिगड़ गई। गुना में ब्लैक फंगस के लक्षण देखकर महिला को भोपाल रैफर कर दिया गया। हमीदिया में तीन दिन तक महिला का इलाज चला, लेकिन संक्रमण ब्रेन तक पहुंच जाने के कारण उसे बचाया नहीं जा सका। महिला को शुगर की बीमारी थी। मंगलवार को बारौद में फूलवती वाल्मीक की अंतिम संस्कार किया गया।

रेड जोन में शामिल है बारौद, एक ही परिवार के 14 लोग संक्रमित

ग्राम पंचायत बारौद रेड जोन में शामिल है। यहां पर शैतान सिंह और संग्राम सिंह के परिवार के लोग गोदी भरने के कार्यक्रम के लिए उत्तरप्रदेश गए थे।

वहां से लौटने पर इनके परिवार के 14 लोग कोरोना संक्रमित हो गए। अभी भी इनके परिवार में 5 लोग कोरोना संक्रमित हैं। यहां से पंचायत में संक्रमण फैलने की शुरुआत हुई। हालांकि फूलवती की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव थी।