गुरूकुलम-30 कांड: शिक्षा विभाग के अधिकारी भी साजिश में शामिल हैं

Ex-Rey @ ललित मुदगल
, शिवपुरी समाचार डॉट कॉम। आज शिवपुरी समाचार सहित शहर की मीडिया ने गुरूकुलम 30 के संचालक के द्वारा जिले को 1 करोड का चूना लगा कर फरार होने की खबर को प्रकाशित किया है। सूत्र बता रहे है कि इस ठग को शहर में स्कूलों की फ्रेंचाइजी के नाम पर लूट करने का लाइसेंस शिक्षा विभाग के अधिकारियेा ने दिया था और इसके द्वारा जिले को 1 करोड का चूना लगाने का श्रेय शिक्षा विभाग को ही जाता है। आइए इस 1 करोड की ठगी का एक्सरे करते है।

7 फरवरी 2020 को मीडिया की सूचना पर शहर के फिजीकल थाना क्षेत्र के सिद्धेश्वर मंदिर के सामने एक किराए के मकान में संचालित गुरूकुलम 30 स्कूल के आफिस पर शिक्षा विभाग ने छापामार कार्रवाई की थी। गुरूकुलम-30  के नाम से महज एक कमरे में स्कूल के संचालन के साथ साथ शहर के भोले भाले युवा और युवतीयों को गुमराह कर 30-30 हजार रूपए लेकर उन्हें स्कूल संचालन की ट्रेनिंग दे रहे थे।

बताया जा रहा है कि गुंरूकुलम 30 के इस आफिस पर फिजीकल थाने की पुलिस और बीआरसी अंगद सिंह तोमर और डीईओ कार्यालय से एके रोहित मौके पर पहुंचे।

जिन्हे भी उक्त स्कूल संचालक ने गुमराह कर चलता कर दिया। उसके बाद इस मामले की सूचना पर जिला शिक्षाधिकारी अजय कटियार उक्त कार्यालय पर पहुंचे। जहां जाकर उन्होंने बारीकी से चर्चा की तो वह आज ही मान्यता के लिए एप्लाई करने की बात कहते नजर आए। उसके बाद पूरे कागजात 2 घंटे में उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था।

इस मामले की खबर शिवपुरी समाचार डॉट कॉम ने 7 फरवरी 2020 को  बडी खबर: खुद की मान्यता नहीं और 30-30 हजार में स्कूल की फ्रेंचाइजी दे रहा था, SHIVPURI SAMACHAR ने किया भंडाफोड हैडलाईन से प्रकाशित की थी। इसके बाद इसी मामले को लेकर समय समय पर इस संचालक पर कार्रवाई न होने की खबरे भी प्रकाशित की गई। तात्कालिन डीईओ अजय कटियार मीडिया को यह बयान देते रहे कि जांच चल रही हैं जांच के बाद कार्रवाई की जाऐगा। बडा सवाल बन रहा था कि जिस पर स्वयं की मान्यता नही थी वह अपने संस्थान की फ्रेंचचाईजी कैसे दे सकता है।

फिर क्या हुआ...

जांच के नाम पर मामले को लटका दिया गया। स्कूल संचालक के पास कोई कागजात नही दी। भारी रिश्वत की डील शिक्षा विभाग के अधिकारियो ने की। अगर उसी समय इस आफिस को शिक्षा विभाग सील कर देता और गुरूकुलम 30 के संचालक पर धोखाधडी का मामला दर्ज करवा देता तो शहर को 1 करोड का चूना नही लगता। इस धोखाधडी ओर इस ठग को फरार करवाने का श्रेय शिक्षा विभाग को देना चाहिए,क्यो की इसने समय पर कार्रवाई नही की....

कौन है यह शातिर ठग और कैसे लगाया 1 करोड से अधिक का चूना

बताया जा रहा है कि प्रवीणकांत पाठक को बनारस का रहने वाला बताया जा रहा है। पाठक 30 सितंबर को बनारस गया और अब तक शिवपुरी नहीं लौटा। शिवपुरी जिले में स्कूल की जितनी भी शाखाएं खोली हैं, उनकी बिल्डिंग और गाड़ियों का भाड़ा तक लोगों को नहीं दिया है।

प्रवीणकांत पाठक गुरूकुलम 30 के संचालक  गुरूकुलम खोलने के लिए 30—30 हजार की वसूली बेरोजगार लोगो से वसूली की। क्राइम ब्रांच के डीजीपी संजीव नारकर को अपना पार्टनर बताता था। ट्रेनिंग के एवज में इंटरव्यू देने वाले युवाओं से 10 से 20 हजार रु. फीस वसूली।

ग्रामीण क्षेत्र में जाकर सालभर की फीस में 50% के डिस्काउंट का लालच देकर 15-15 हजार रुपए वसूलकर बच्चों को प्रवेश भी दे दिया। इस प्रकार जिले के लाेगाें से एक साल में एक करोड़ रुपए से अधिक वसूलने के बाद बनारस का वह व्यक्ति आठ महीने से गायब है। अब धोखाधड़ी के शिकार हुए लोगों ने फिजीकल थाना शिवपुरी में प्रवीणकांत पाठक नाम के व्यक्ति के खिलाफ लिखित शिकायत कर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।

30 जगह शाखाएं खोलीं, फर्जीवाड़ा कर गायब

शिवपुरी जिले सहित आसपास जिलों में गुरुकुलम की 30 शाखाएं खोलीं और फर्जीवाड़ा कर गायब है। इनमें शिवपुरी शहर में करीब तीन जगह और लुकवासा, कोलारस, बदरवास, पोहरी, करैरा, बैराड़ और पड़ौसी जिले गुना, मधुसूदनगढ़, ग्वालियर के मोहना, अशोकनगर, दतिया, डबरा, दबोह, मुरैना, कैलारस, भिंड, श्योपुर जिले के कराहल, विजयपुर, सबलगढ़, गंजबासौदा, विदिशा आदि शामिल हैं।

बलात्कार का आरोपी था गुरूकुलम का संचालक

शिवपुरी निवासी नीरज श्रीवास्तव का कहना है कि प्रवीणकांत पाठक अक्सर मुंबई क्राइम ब्रांच के डीजीपी संजीव नारकर से बात करता था। वह कहता था कि हमारी देशभर में गुरुकुलम नाम से 500 से ज्यादा शाखाएं हैं जिसमें डीजीपी नारकर पार्टनर हैं।

एक साल में उसने कभी डीजीपी से बात नहीं कराई लेकिन चुपके से नीरज ने डीजीपी का माेबाइल नंबर सेव कर लिया था। सोमवार को डीजीपी को फोन लगाया तो पता चला कि पाठक पर रेप का केस है। तारीख पर आने के लिए फोन लगाता था। यह सुनकर नीरज के होश उड़ गए।