मातृ पितृ भक्ति की उज्ज्वल नजीर: माता-पिता की वैवाहिक वर्षगांठ पर दान की 10 लाख की एम्बुलैंस - Shivpuri News

शिवपुरी। मातृ देवो भव:पितृ देवो भव: की भावना को साकार करते हुए शिवपुरी के प्रतिष्ठित प्रेम स्वीट्स परिवार ने अपने माता पिता प्रेमकुमार जैन और मां श्रीमती विधादेवी जैन के विवाह की 50वीं वर्षगांठ पर उन्हें एक ऐसी न अनुपम सौगात भेंट की है। जिससे उनका पूरा जीवन न केवल सफल बल्कि सार्थक हो गया है।

उनके पुत्र राजेश जैन, राकेश जैन और एडीएम प्रदीप जैन और उनकी सुयोग्य पुत्र वधु श्रीमती भारती जैन श्रीमती रुचि जैन और श्रीमती अमृता जैन ने एक स्वर में अपने माता पिता की वैवाहिक वर्षगांठ को यादगार बनाते हुए मानवता की सेवा के लिये समाजसेवी संस्था रेडक्रॉस सोसायटी को दस लाख रुपए की लागत की आधुनिक सुविधाओं से युक्त एम्बुलेन्स भेंट किये जाने का संकल्प लिया है।

जैन परिवार ने प्रतीकात्मक रूप से यह एम्बुलेन्स आज रेडक्रॉस से जुड़े समाजसेवी समीर गांधी को भेंट की।

इस अवसर पर राजेश जैन ने बताया कि आज के शुभ अवसर पर हमने एम्बुलेन्स भेंट करने का संकल्प लिया है और लॉक डाउन के पश्चात अत्याधुनिक सुविधाओं से परिपूर्ण कर यह एम्बुलेन्स एक गरिमापूर्ण समारोह आयोजित कर रेडक्रॉस को सौपी जाएगी। ताकि एम्बुलेन्स के अभाव में किसी मरीज की जान न जाये।

श्री जैन कहते है कि उनके माता पिता की 50 वी वैवाहिक वर्षगांठ को यादगार बनाने के लिये उन्हें प्रदेश सरकार की मंत्री और शिवपुरी की यशस्वी विधायक यशोधरा राजे सिंधिया ने भी प्रेरित किया। उनकी प्रेरणा से हम तीनों भाइयों ने एक गिलहरी के अंशदान के रूप में आज के मंगलमयी दिन को यादगार बनाया है।

प्रेम स्वीट्स परिवार ने परमार्थ की भावना को आगे बढाते हुए कोविड काल मे समाजसेवी संस्था मंगलम को भी इस पुनीत अवसर पर पांच हजार एक रुपए की राशि भी भेंट की है। माता पिता की वैवाहिक वर्षगांठ के अवसर पर आल्हादित और अभिभूत राजेश जैन विन्रम भाव से कहते है कि माता पिता से बढ़कर कोई दूसरा देवता नही होता। सभी देवताओं में माता पिता ही प्रथम पूजनीय होते हैं।

मेरे पिता आदरणीय प्रेमकुमार जी संघर्ष,कर्मशीलता और कर्मठता की मिसाल हैं। पूरे परिवार को मानवीय गुण और संस्कारों की शिक्षा उन्होंने दी है।उन्होंने फर्श से अर्श तक का सफर बिना बिचलित हुए पूर्ण किया है।उनके आशीर्वाद और प्रदत संस्कारो ने ही हमे मानवीय सेवा के लिये प्रेरित किया है।

अभिभूत होकर श्री जैन कहते हैं कि प्रेम स्वीट्स कोई चमत्कार नही अपितु यह एक कर्मयोगी परिवार की मेहनत का फल है जो हमे परमात्मा ने दिया है। इस अवसर पर यह कहना भी पूरी तरह प्रासंगिक है कि शिवपुरी के सभी बड़े आदरणीय भैया का आशीष और छोटों के अविरल स्नेह से ही प्रेम स्वीट्स परिवार का अस्तित्व है।