प्लाट और मकान का अनुबंध कराकर साढ़े 8 लाख रूपए लेकर रजिस्ट्री कराने से मुकरे मां और बेटा: मामला दर्ज - Shivpuri News

शिवपुरी। कोतवाली पुलिस ने रिटायर्ड पोस्ट मास्टर नेमचंद जैन और उनके पुत्र आशीष जैन के साथ हुई धोखाधड़ी के मामले में मां बेटे के खिलाफ प्रकरण पंजीबद्ध किया है।

आरोपी मां बेटे ने पीडि़त पिता पुत्र को झांसे मेें लेकर उनसे साढ़े 8 लाख रूपए प्राप्त कर लिए और अपने एक प्लाट व मकान का अनुबंध करा दिया। लेकिन जब रजिस्ट्री कराने का समय आया तो आरोपी मुकर गए। इसके बाद आरोपी ने चलन से बाहर का एक चैक भी फरियादी को सौंप दिया, जो बैंक में लगाने पर बाउंस हो गया। बाद में पीडि़त ने शिकायत दर्ज कराई।

जिसकी जांच के बाद पुलिस ने आरोपी मुकेश ओझा और उसकी मां मुन्नी ओझा के खिलाफ भादवि की धारा 420 धोखाधड़ी, 406 अमानत में ख्यानत और 34 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया है।

फरियादी आशीष जैन के पिता रिटायर्ड पोस्ट मास्टर नेमचंद जैन ने निवासी झांसी तिराहा तुलसी नगर ने जानकारी देते हुए बताया कि वह 2010 में शिवपुरी मुख्य डाकघर शाखा में पोस्ट मास्टर के पद से रिटायर्ड हुए थे। जिसका उन्हें 25 लाख रूपए मिला था।

उनका पुत्र आशीष और आरोपी मुकेश ओझा काफी घनिष्ठ मित्र थे। 25 लाख रूपए मिलने की जानकारी मुकेश ओझा को लगी तो उसने मेरे पुत्र से कहा कि उसका एक प्लाट फतेहपुर टोंगरा रोड़ पर स्थित है। जिसका साईज 53 वाई 40 वर्गफिट है।

जिसे वह बेचना चाहता है। क्योंकि उसे रूपयों की सख्त जरूरत है। आरोपी ने कहा कि अगर वह प्लाट खरीद ले तो उसकी जरूरत पूरी जो जाएगी। जिस पर आशीष ने उक्त प्लाट का सौदा 4 लाख रूपए में कर लिया और 11 जनवरी 2012 को साढ़े 3 लाख रूपए आरोपी को देकर उससे अनुबंध रजिस्टर्ड कराया।

कुछ दिनों बाद मुकेश अपनी मां मुन्नी ओझा को लेकर पुनरू घर आया। जहां उसने बताया कि उसे रूपयों की और जरूरत है। इसलिए वह अपना मकान भी बेचना चाहता है।

जिसकी कीमत उसने 4 लाख रूपए बताई और साढ़े 3 लाख रूपए लेकर उसने एक और अनुबंध करा दिया। बाद मेें उसने डेढ़ लाख रूपए और ले लिए। जिसे उन्होंने चैकों के माध्यम से दिया। जब अनुबंध के अनुसार रजिस्ट्री कराने का समय आया तो आरोपी ने प्लॉट और मकान की रजिस्ट्री कराने में आनाकानी शुरू कर दी। कई दिन बीत गए।

लेकिन आरोपी ने रजिस्ट्री नहीं कराई। जब आशीष ने उस पर रूपए वापस करने का दबाव बनाया तो आरोपी ने उसे 5 लाख रूपए का एक चैक दे दिया। जिसे बैंक में क्लीरियंस पर लगाया तो उन्हें बताया गया कि यह चैक तो चलन से बाहर है और बैंक ने चैक वापस कर दिया।

इसके बाद आरोपी से सम्पर्क किया गया तो वह न ही पैसे वापस करने के लिए राजी हुआ और न ही वह रजिस्ट्री कराने के लिए तैयार था। जिस पर उन्होंने कोतवाली में एक शिकायती आवेदन दिया। जिसकी जांच के बाद पुलिस ने सोमवार को मामला दर्ज कर लिया।