संकट काल में भी हमे हमारी संस्कृति को जिंदा रखना हैं,सिद्धेश्वर मेला का हुआ भूमि-पूजन - Shivpuri news

शिवपुरी। शिवपुरी में में सिद्धेश्वर ग्राउंड पर लगने वाला मेला शिवपुरी की संस्कृति का हिस्सा हैं,इस वर्तमान की बात करे तो शहर पर फिर कोरोना का संकट मडराने लगा है।  मार्च में फिर मरीजो की संख्या बढने लगी है। इस कारण ऐसे कायस लगाए जा रहे थे कि शिवपुरी के मेला कोरोना में फस सकता हैं लेकिन ऐसा नही हुआ हैं नपा ने बीते रोज सिद्धेश्वर मेले का हुआ भूमि-पूजन कर दिया हैं।

हालाकि इस मेले के आयोजन के कारण स्वास्थय विभाग में माथे पर चिंता की लकीरे स्पस्ट दिखाई दे रही है। सिद्धेश्वर मेले के आयोजन को लेकर नगर पालिका और स्वास्थ्य विभाग का अमला आमने सामने आ गया है। सीएमएचओ की चिंता है क्योंकि मार्च माह में लगातार कोरोना केस बढ़े हैं। इसलिए उन्होंने कलेक्टर और एसपी को सुझाव दिया है कि भीड़ वाले आयोजन और मेले को अनुमति न दी जाए। वहीं सीएमओ ने शिवरात्रि के अवसर से लगने वाले सिद्देश्वर मेले की तैयारियां भूमिपूजन के साथ शुरू कर दी हैं।

दरअसल नगर पालिका हर साल सिद्धेश्वर मेले का आयोजन करती है। वह इसलिए ताकि बाहर से आने वाले दुकानदार यहां अपने उत्पादों को आकर बेचें जिससे उन्हें खरीददार मिलें और शहरवासियों को बाजार मिले। यहां संभाग के साथ साथ अलग अलग संस्कृतियों के संगम की कई विरासतें देखने मिलती हैं और लोगों का मनोरंजन भी होता है।

इस वजह से शिवरात्रि के साथ ही मेले का भूमिपूजन हो जाता है और इसके साथ ही होली से हर साल मेला शुरू हो जाता है। जिसमें नगर पालिका दुकानें और लाइट कनेक्शन देकर दुकानदारों को दुकानें उपलब्ध कराती हैं। पूरे एक महीने तक मेले का आयोजन होता है। जिसमें मौत का कुआं, झूले और अन्य दुकानदार मेले का आयोजन करते है।

इस बार एसडीएम अरविंद वाजपेई, सीएमओ गोविंद भार्गव, यशपाल जाट, योगेश शर्मा, अब्दुल कुर्रेशी सहित कई लोग मौजूद थे जिन्होंने सिद्धेश्वर मेला ग्राउंड में मेले के लिए भूमिपूजन किया।

ग्वालियर के शिल्प बाजार की तर्ज पर लगेगा मेला
सीएमओ गोविंद भार्गव ने बताया कि शिल्प बाजार की तर्ज पर मेला लगाने की तैयारी है। स्थानीय जिले की महिलाओं को बाजार मिले इसलिए उनके बनाए उत्पादों के लिए भी हम दुकानें तैयार करने की योजना बना रहे हैं। हालांकि इस बार सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन नहीं होगा, लेकिन शासकीय योजनाओं के प्रचार प्रसार के साथ आजीविका मिशन की महिलाओं के उत्पाद और शिल्प बाजार अवश्य इस बार आकर्षण का केंद्र रहेगा।

ग्वालियर मेले के समापन के बाद दुकानदार यहां अपनी दुकानें मेले में लगाएंगे। वहीं सीएमएचओ की मानें तो कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है। यदि सोशल डिस्टेंस टूटता है तो खतरा और अधिक बढ़ जाएगा।

सांस्कृतिक आयोजन नहीं
देखिए यह तो परंपरा की बात है। प्रतिवर्ष नगरपालिका सिद्धेश्वर वाणगंगा मेले का आयोजन शिवरात्रि से करती है। इसलिए इस बार भी सोशल डिस्टेंस और मास्क अनिवार्यता के साथ थर्मल स्क्रीनिंग कर प्रवेश देने से कर रहे हैं। हमने इसके लिए भूमिपूजन कर लिया है और शिल्प बाजार के साथ आजीविका मिशन की महिलाओं द्वारा बनाए जाने वाले उत्पादों के विक्रय के लिए हम स्थान देने तैयारी कर रहे है। सांस्कृतिक आयोजन नहीं करेंगे।
गोविंद भार्गव, प्रभारी सीएमओ

कोरोना की रफ्तार बढ़ी इसलिए एहतियात जरूरी
मार्च माह जिले में कोरोना का संकट लेकर आया है। 3 तारीख को 3 केस और 9 मार्च को 4 केस पॉजिटिव आए। गुरुवार को एक साथ 7 पॉजिटिव केस आए हैं। ऐसे में यदि मेले और भीड़ भरे आयोजन हुए तो कोरोना फिर से गति ले लेगा। अभी क्राइसेस समूह की बैठक का आयोजन जिला प्रशासन करेगा जिसमें निर्णय लिए जाएंगे।
डॉ. एएल शर्मा, सीएमएचओ शिवपुरी