2 साल से आफिस नही आई मेडम और वेतन लेती रही - भ्रष्टाचार - Shivpuri News

शिवपुरी। खबर शिवपुरी के खेल एंव युवक कल्याण विभाग शिवपुरी से आ रही हैंं कि शिवपुरी मे संविदा प्रशिक्षक ग्रेड 2 के पद पर पदस्थ एक महिला कर्मचारी ने उपस्थिती घोटाला कर दिया है। उक्त कर्मचारी ने 2 वर्ष का डिप्लोमा के लिए रेगुलर क्लास भोपाल से ली हैं और इधर शिवपुरी में आफिस में कागजो में दर्शाकरा नौकरी भी की हैं और हर माह वेतन लिया है। इस घोटाले में सबसे बडी बात यह हैं कि इस डिप्लोमा को करने के लिए महिला कर्मचारी ने विभागीय अनुमति नही ली हैं।

खेल एवं युवक कल्याण विभाग में हुए घोटाले की शिकायत शिकायतकर्ता उबैर आदिल ने संभागीय क्रीडा अधिकारी से की है। यदि शिकायत के बाद भी दोषी कर्मचारी पर कार्रवाई नहीं होती है तो वह न्यायालय की शरण में जाने की बात कह रहा है।

शिकायतकर्ता उबैर आदिल ने बताया कि संविदा प्रशिक्षक ग्रेड—2 के पद पर गीता लखेरा शिवपुरी जिले में पदस्थ हैं। इन्होने वर्ष 2009—10 में एमपीएड के नियमित पाठयक्रम में प्रवेश लिया साथ ही यह अपने कर्तव्य स्थल शिवपुरी में ही नियमित सेवाएं देती रही हैं जबकि एमपीएड के नियमित पाठयक्रम के लिए विभाग से अनुमति लेना अनिवार्य हैं।

जबकि बिना किसी अनुमति केि इनके द्वारा नियमित पाठयक्रम में प्रवेश तो लिया ही साथ ही खेल एवं युवक कल्याण विभाग में भी अपनी सेवाएं नियमित दी।

दो साल में किया लाखों रूपए वेतन का भुगतान
दो साल के इस नियमित पाठयक्रम में विभाग से अनुमति लेना होना होती है लेकिन विभाग ने गीता लखेरा को बिना अनुूमति के दो साल का एमपीएड पाठयक्रम तो कराया ही साथ ही खेल एवं युवक कल्याण विभाग से दो साल तक हर माह वेतन दिया गया जो लाखों रूपए होता है। ऐसे में अधिकारियों की मिर्लीभगत से विभाग को लाखों रूपए का चूना लगाया गया।

दो स्थानों पर कैसे रही एक साथ उपस्थित

एमपीएड का प्रवेश पाठयक्रम दो वर्ष है जबकि इसमें नियमित उपस्थिति देना होती है लेकिन गीता लखेरा ने खेल एवं युवक कल्याण विभाग में अपनी सेवाएं तो दी हीं साथ ही वह पाठयक्रम में भी नियमित उपस्थित रहीं।गीता लखेरा ने राजीव गांधी फिजीकल कॉलेज भोपाल से रेगुलर एमपीएड किया हैं।

जाचं कराकर दर्ज हो धोखाधडी का केस

शिकायतकर्ता उवैर का कहना है कि इस पूरे मामले में जांच कराकर दोषी कर्मचारी गीता लखेरा के विरूद्ध धोखाधडी का केस दर्ज कर जांच कराकर उन्हें वर्ष 2009—10 किए गया लाखों रूपए का भुगतान भी वसूला जाए।

कार्रवाई नहीं तो लेंगे न्यायालय की शरण

शिकायतकर्ता उवैर का कहना है कि इस मामले की शिकायत उन्होंने संभागीय क्रीडा अधिकारी से की है। यदि इस मामले में कार्रवाई नहीं होती है तो वह न्यायालय की शरण लेंगे।