रिश्वत के मामले में ट्रेप नही हो सके सहायक पेंशन अधिकारी, लोकायुक्त ऑडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर पेश करेगी चालान - Shivpuri News

शिवपुरी। एक पेंशनर्स से पेंशन पेेमेंट ऑर्डर जारी करने के लिए 25 हजार रूपए मांगने वाला सहायक पेंशन अधिकारी नरेंद्र सिंह लोकायुक्त पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ सका और वह भनक पाकर 15 जनवरी को फरार होने में सफल रहा। लेकिन लोकायुक्त पुलिस उसकी ऑडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर उसके विरूद्ध चालान पेश करने की तैयारी में है।

उक्त जानकारी लोकायुक्त निरीक्षक राघवेंद्र ऋषिश्वर ने दी। इस मामले में लोकायुक्त पुलिस ने 13 जनवरी को एफआईआर दर्ज की थी।

जानकारी के अनुसार भिंड निवासी विजय सिंह मौर्य राजस्व निरीक्षक के पद से 2016 में शिवपुरी से सेवानिवृत हुए थे। सेवानिवृति के दौरान उनके विरूद्ध एक जांच चल रही थी। जिससे उनकी पेंशन शुरू नहीं हो पाई। लेकिन बाद में जांच में फैसला श्री मौर्य के पक्ष में आ गया था। लेकिन सहायक पेंशन अधिकारी नरेंद्र सिंह उनके पेंशन प्रकरण को लटकाए हुए था और पेमेंट ऑर्डर जारी करने हेतु 15 हजार रूपए की मांग कर रहा था।

जिससे परेशान होकर विजय सिंह मौर्य न लोकायुक्त पुलिस की शरण ली और लोकायुक्त पुलिस ने उन्हें रिकॉर्डर देकर सहायक पेंशन अधिकारी से बातचीत करने को कहा ताकि रिश्वत की बात रिकॉर्ड हो सके।

रिकॉर्डिंग में सहायक पेंशन अधिकारी ने 25 हजार रूपए रिश्वत की मांग की और पहली किश्त 15 हजार रूपए देना तय हुआ। 15 जनवरी को सहायक पेंशन अधिकारी को ट्रेप करने के लिए लोकायुक्त की टीम शिवपुरी आई। लेकिन नरेंद्र सिंह को ट्रेप होने की आशंका हो गई और वह वहां से भाग निकला।