GM ने किया शिवपुरी रेलवे स्टेशन का निरीक्षण, रेलवे पुल और फाटकों का लिया जायजा - Shivpuri News

शिवपुरी। पश्चिम मध्य रेल के महाप्रबंधक शैलेंद्र कुमार सिंह ने शुक्रवार को ग्वालियर-गुना रेल खंड का वार्षिक निरीक्षण किया गया। उनके साथ मुख्यालय के प्रमुख विभागाध्यक्ष एवं मंडल रेल प्रबंधक भोपाल के अन्य लोगों की टीम मौजूद थी।

निरीक्षण के दौरान जीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने रेल खंड पर स्थित समपार फाटकों, रेल पुलों, रेल पथों, संरक्षा एवं सुरक्षा से जुड़े संसाधनों, ओएचई लाइन, संबद्ध उपकरण, सिग्नल प्रणाली आदि का सघन निरीक्षण कर उनकी कार्य क्षमता को परखा।

इसके साथ ही उन्होंने पनिहार और शिवपुरी स्टेशन पर यात्रियों से जुड़ी सुविधाओं प्लेटफॉर्मों, यात्री प्रतीक्षालयों, आरक्षण/बुकिंग कार्यालयों, सरकुलेटिंग एरिया आदि का सघन निरीक्षण कर साफ सफाई एवं उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने नए बन रहे वीआइपी वेटिंग एरिया का निरीक्षण करते हुए वहां पर खुले दिख रहे बिजली के तारों को अंडरग्राउंड करने और अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए।

उन्होंने बनाई गई ग्राइंड तिरंगा वॉल और पैसेंजर ट्रैक को अलग-अलग रास्ते में बांटने की बात कहीं। उन्होंने कहा कि भले ही रास्ता थोड़ा लंबा हो जाए, लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से अलग होना चाहिए। अभी इसमें पार्टिशन कम दूरी तक किया गया था।

शैलेंद्र सिंह ने कहा कि पहले इस ट्रैक पर रेल 80 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चली थीं। अब नया इलेक्ट्रिक ट्रैक बनने से गाड़ी की रफ्तार बढ़कर 130 किमी प्रति घंटा हो गई है। इससे अब दो स्टेशनों के बीच की दूरी कम समय में पूरी की जाएगी। नई ट्रेनें चलाने के विषय में उन्होंने कहा कि कोरोना अभी गया नहीं है।

जैसे-जैसे स्थितियां नॉर्मल होती जा रही हैं, वैसे-वैसे रेलवे गाडियों की संख्या बढ़ा भी रहा है। कोटा-भिंड पैसेंजर को चालू करने और आगरा शटल को गुना तक लाने के लिए भेजे गए प्रस्ताव के बारे में शैलेंद्र सिंह ने कहा कि इस प्रस्ताव को दिखवाएंगे। इलेक्ट्रिक ट्रैक बनने के बाद नई ट्रेनें चलने के विषय में उनका कहना है कि नई ट्रेन चलना पैसेंजरों की जरूरतों के मुताबिक होता हैै।

यदि पैसेंजरों की संख्या अधिक होती है तो उस अनुसार नई ट्रेन चलाने का निर्णय लिया जाता है। सिर्फ चलाने के लिए गाड़ी नहीं चला सकते हैं। पोहरी रोड पर बने रेलवे क्रॉसिंग के कारण हर दिन यहां पर जाम की िस्थति निर्मित होती है। यहां पर ओवर ब्रिज बनाने के लिए पीडब्ल्यूडी राज्यमंत्री सुरेश रांठखेड़ा ने प्रस्ताव भी तैयार किया है। इस पर रेलवे जीएम का कहना है कि अभी ओवर ब्रिज का प्रस्ताव मंजूर नहीं हुआ है। वह अभी प्रोसेस में है। हम इसे दिखवाते हैं।