फोरेस्ट के रिटायर्ड कर्मचारी ने DFO पर डाला पेट्रोल और आग लगाने की कोशिशः 4 साल से PPO को भटक रहा था कर्मचारी - Shivpuri News

शिवपुरी। खबर शिवपुरी के DFO कार्यालय से आ रही हैं जहां फोरेस्ट के रिटायर्ड कर्मचारी ने DFO पर पेट्रोल डाल दिया ओर स्वय पर भी पेट्रोल की बोतल उडेलकर आग लगाने की कोशिश की। रिटायर्ड कर्मचारी का 4 साल PPO जारी नही हुआ इस कारण वह पूरे साल से अपने विभाग से लेकर कलेक्टर की जनसुनवाई में चक्कर लगा रहा था।

जानकारी के अनुसार आज दोपहर 2 बजे के शिवुपरी वायपस पर स्थित DFO कार्यालय में फोरेस्ट के रिटायर्ड बाबू कैलाश नारायण भार्गव पेट्रोल की बोतल लेकर और साल औढकर पहुंचा। बताया जा रहा हैं कि जैसे ही दोपहर में DFO लबित भारती लंच करने के लिए अपनी गाडी में बैठकर अपने घर के लिए निकले कैलाश नारायण भार्गव ने DFO की कार को रोक लिया और DFO से बातचीत करने लगे। 

बताया जा रहा है कि DFO ने कैलाश नारायण के हाथ में पेट्रोल की बोतल को देख लिया था और अपने ड्रायवर को आगह भी कर दिया था कि देखना यह अपने आप में आग ना लगा ले,लेकिन अचानक से कैलाश नारायण ने DFO पर पेट्रोल छिडक दिया और अपने आप पर भी पेट्रोल उडेल लिया और पास में जल रही आग से कोयले उठाने के लिए दौडे ,लेकिन ड्रायवर ने उसे धकेल दिया और वहां पर मौजूद फोरेस्ट के कर्मचारियो ने कैलाश नारायण को दबौच लिया। 

इस घटना की सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पुलिस प्रशासन सहित फोरेस्ट का अमला भी पहुंच गयां,कोतवाली पुलिस ने कैलाश नारायण भार्गव को गिरफ्तार करते हुए भादवि की धारा 307,332,353 के तहत मामला दर्ज कर लिया हैं। 

पहले रिटायर फिर बढ़ा वेतन
कर्मचारी जिस महीने में रिटायर हुआ उसके कुछ महीने बाद वेतनमान बढ़ाया गया। पेंशन भी इसीलिए बढ़ी जिसका लाभ कैलाश के बाद रिटायर साथी ले रहे हैं। लेकिन कैलाश तकनीकी रूप से पात्र नहीं है ऐसा वन अधिकारी कह रहे हैं। जबकि कैलाश लंबे समय से इसी जिद पर अड़ा है कि उसे भी अन्य साथियो की तरह बढ़ी राशि का भुगतान किया जाए। 

इसी विषय को लेकर वह पहले भी आत्मदाह और किसी की जान लेने की बात कहता रहा है। उसने 26 जनवरी को आत्मदाह करने की बात भी कही थी। जबकि आज भी डीएफओ की जान लेने और खुद भी जान देने की बात उसने सरेआम कही। उसका कहना है कि भले ही उसे गिरफ्तार कर लो जब भी छूटकर आएगा जान दे देगा। 

चेम्बर से पेट्रोल की दुर्गंध
डीएफओ पर लिपिक कैलाश ने पेट्रोल छिड़का जिससे वह खुद तो महक ही रहा था जबकि डीएफओ भारती भी चेंबर में पेट्रोल की बदबू के बीच बैठे दिखे। उनकी आँख से लेकर शरीर मे पैट्रोल चला गया था। उनका कहना था की उन्हें सभी कर्मचारियों से सिमपेथी है। आज जब यह कैलाश आया। जोर जोर से चीख चिल्ला रहा था तो मैने मानवता के नाते उससे बात करनी चाही। 

जब उसने वही पुरानी बात दोहराई तो मेंने बताया कि शासन के आदेश के सामने हम खुद कुछ नहीं कर सकते यह तय करना शाषन का काम है कि किसे कितना वेतनए कब किस तरह दिया जाए। 

बस यह सुनते ही उसने जोर से कहा तुमको जलाकर खत्म कर दूंगा खुद भी खत्म हो जाऊंगा। ऒर पैट्रोल छिड़क कर पास में जल रही आग से कोयले उठाने दौड़ पड़ा। सर्दी के चलते रात की ड्यूटी वाले जिस आग से तापते हैं उसी के कोयले को उठाकर आग लगाना चाहता था।