सरकारी अस्तपाल पर कंट्रोल संचालक का कब्जा, 10 साल से बंद पडा हैं यह स्वास्थ्य केन्द्र - Pohri News

धर्मेन्द्र शर्मा-पोहरी। बीते रोज स्वास्थय विभाग ने प्रेस नोट रिजीज किया था। इस प्रेस नोट का मजनून यह था कि मप्र सरकार का स्वास्थय विभाग ग्रामीण क्षेत्रो में घर.घर जाकर लोगो का स्वास्थय परिक्षण करेगा और दवा भी मुफ्त देगा। खबर जन हितेषी थी मीडिया ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था।

धरातल पर अगर स्वास्थय विभाग की बात की जाए तो स्वास्थय विभाग के अस्पतालो पर कब्जा हो चुका हैं सीधे लिखे तो अतिक्रमण हो चुका हैं,पिछले 10 साल से स्वास्थय विभाग का परिंदा भी इस स्वास्थय केन्द्र के नजदीक भी नही गया हैं। हम बात कर रहे हैंएपोहरी अनुविभाग के ग्राम अहेरा उपस्वास्थय केन्द्र की।

हमारे रिर्पोटर ने इस गांव की गांउंड जीरो से रिर्पोटिंग की। इस ग्राम के उपस्वास्थय केन्द्र के बिल्डिंग पर एक कंट्रोल संचालक ने कब्जा कर लिया हैं अब यहां से ग्रामीणो को राशन बांटा जाता हैं। ग्रामीणो ने बताया कि इस अस्पताल में पिछले 10 साल से कोई नही आया हैं इस कारण यह बिल्डिंग छतिग्रस्त हो चुकी हैं।


ग्रामीणों का कहना है कि अहेरा उपस्वास्थ्य केंद्र पर कई सालो से कोई नही आता है वहीं सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं को आती है प्रसव के लिये पोहरी और शिवपुरी जाना पड़ रहा है तो वहीं ग्रामीणों को दवा तक उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इसके साथ ही डायबिटीज ब्लड प्रेशर के मरीजों को जांच के लिये भी भटकना पड़ता है। उपस्वास्थ्य केंद्रों की अव्यवस्थायों की और वरिष्ठ अधिकारियों का कतई ध्यान नहीं हैं।

यह हैं स्थिती इस उपस्वास्थय केंद्र की
इस स्वास्थय केंद्र पर असमाजिक तत्वो का डेरा जमा रहता हैंएकेन्द्र के गेट तक ग्रामीणे उखाड ले गए हैं। चारो ओर गंदगी ही गंदगी पसरी हुई हैं। अंदर के शौचालय भी छतिग्रस्त हो गए हैं। अब यह उपस्वास्थय केन्द्र नशे करने वालो का अड्डा बन गया हैं।

पिछले 10 साल से लगा हैं यह ताला
अहेरा के ग्रमीणो का कहना हैं कि इस स्वास्थय केन्द्र पर पिछले 10 वर्षो से ताला लगा हैं। इसमें कौन कौन पदस्थ हैं उनकी जानकारी ही नही हैंएक्यो की कोई यहां आता ही नही हैं,न ही यह कभी दवाईया वितरित होती है,सूत्रो के अनुसार इसके मेटिनेंस के बिल अवश्य प्रतिवर्ष फाइलो में लग रहे हैं।

नियमानुसार यह एक एएनएम की पदस्थाना होगी,जिसका मुख्य कार्य हैं गांव की गर्भवती महिलाओ को नियमित जांच करना टीका लगाना और प्रसब के समय उसकी सहायता करना। लेकिन ग्रामीणो ने आज इस केन्द्र के दर्शन तक नही किए हैं।

कहां हैं यह अहेरा उपस्वास्थय केन्द्र
पोहरी के भटनावर कस्बे की पुलिस चैकी के सामने से रोड गई हैं यह भटनावर से 20 किमी दूर हैं। अहेरा उपस्वास्थय केन्द्र ऐसवाया ग्राम पंचायत में आता हैं। यह चार.पांच गांव हैं जिसमें आदिवासी समाज बाहूल्य हैंएआदिवासी लोगो के लिए खोला गया यह केन्द्र अब बर्बादी के कगार पर हैं।

सबसे बडा सवाल
इस पूरी खबर में सबसे बडा सवाल यह हैं कि एएनएम तो गायब हैं लेकिन स्वास्थय विभाग के अधिकारी भी ग्रामीण क्षेत्रो में दौरे नही करते हैं अगर दौरे करते अहेरा के उपस्वास्थय केन्द्र के हालात हैं वैसे नही होतेएकहने का सीधा सा अर्थ हैं कि मैदानी अमला मैदान से गायब हैं और अधिकारियो में आफिस में जंग लग रही हैं।

गर्भवती महिला और समान्य बीमार लोगो को परेशानी
उपस्वास्थय केन्द्र पर ताला लगा होने के कारण गर्मवती महिलाओ को परेशानी का सामना करना पडता हैं। नियमित जांच और टीकाकरण के लिए पोहरी या शिवपुरी जाना पडता हैं। समान्य बीमर लोगो को मजबूरन झोला छाप डाॅक्टर के अपना ईलाज कराना पडता हैं।