अति गंभीर मरीज को डॉक्टर ने मल्लम पट्टी कर भगा दिया: घर पहुँचते ही मरीज दुनिया को अलविदा कह गया - shivpuri news

शिवपुरी। खबर जिले के सरकारी अस्पताल से आ रही हैं। यह खबर फिर अस्पताल को बदनाम करने वाली हैं और उसमें तैनात एमबीबीएस डॉक्टरो की कार्यशौली पर सवाल उठाती हैं,कि कैसे एमबीबएस डॉक्टर कंपोडरो से जैसा ईलाज करते हैं। दुर्घटना में घायल एक अति गंभीर मरीज का ईलाज अस्पताल में तैनात डॉक्टर ने कंपोडरो जैसी मल्लम पटटी करा दी,और मरीज की बारिकी से जांच न करते हुए उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया। मरीज घर पहुचते ही दम तौड गया। 

जानकारी के अनुससर रमेश उम्र 55 साल पुत्र रामभरोसे पाल निवासी कलार गली शिवपुरी पडौरा चौराहे पर रविवार की शाम 5.30 बजे हादसे का शिकार हो गया। रमेश पाल की पडौरा चौराहे पर पंक्चर की दुकान है। हादसे में सिर व पैर में चोट आने पर परिजन इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर आए।

ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टर ने सिर व पैर में टांके लगवाए और पट्टी बंधवाकर घर जाने की सलाह दे दी। परिजन ने भी समझा कि समस्या नहीं है, लेकिन अंदरूनी रूप से लगी गंभीर चोट के बारे में किसी ने गौर नहीं किया और रात में रमेश की मौत हो गई। परिजन रात 12 बजे अस्पताल लेकर आए। यहां दूसरे ड्यूटी डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।

मौत का कारण तक नहीं पूछा और परिजन को शव दे दिया। परिजन शव लेकर घर आ गए और सोमवार की सुबह अंत्येष्टि की तैयारी के दौरान रिश्तेदार व पड़ोसी आए। किसी ने जानकारी ली और बताया कि शव का पीएम होना चाहिए था । सोमवार को परिजन शव लेकर अस्पताल फिर से पहुंच गए। यहां पुलिस को सूचना दी और दूसरा एमएलसी पर्चा बनवाकर पीएम कराया।

मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरो के भरोसे हैं अस्पताल का ट्रामा सेंटर 

जिला अस्पताल शिवपुरी के ट्रॉमा सेंटर में इन दिनों मरीज मेडिकल कॉलेज के जेआर डॉक्टर के भरोसे हा गंभीर मामलों में सीनियर डॉक्टर को कॉल पर नहीं बुलाते। कई बार गंभीर मरीज को खुद ही ग्वालियर रैफर तक कर देते हैं। एमएलसी केस होने के बाद भी पुलिस को सूचना नहीं दी। इस बड़ी लापरवाही के बाद भी किसी ने सुध नहीं ली। कुल मिलाकर जिला अस्पताल शिवपुरी का ढर्रा बिगड़ गया है।