14 नंबर कोठी और पुराना बस स्टैंड को नीलाम कर बनेगा चमचमाता हुआ कलेक्ट्रेट: पुराना कलेक्ट्रेट बदलेगा हेरिटेज होटल में - Shivpuri City

शिवपुरी। शिवपुरी नगर में स्थिल 14 नंबर कोठी और पुराने बस स्टेंड की जमीन को नीलाम किया जाऐगा और इन पैसो से नए कलेक्ट्रेट भवन ओर परिसर का निर्माण किया जाऐगा। बताया जा रहा हैं कि नए कलेक्ट्रेट भवन के निर्माण के लिए डीपीआर तैयार कर ली गई हैं 

और जल्द ही इसे भोपाल मंजूरी के लिए भेजा जाऐगा। बताया जा रहा हैं कि अभी हाल ही में उप चुनाव के कारण इसमें थोड़ी देरी हुई थी। इसके एवज में शहर के बीचों बीच स्थित शासकीय रोडवेज बस स्टेण्ड की जगह हाउसिंग बोर्ड को कमर्शियल उपयोग के लिए दी गई हैं। इसका उपयोग हाउसिंग वोर्ड द्वारा जल्द ही किया जाएगा। 

जिससे हाउसिंग वोर्ड के कर्मचारी इस जमीन का कमर्शियल उपयोग करके कलेक्ट्रेट के भवन के निर्माण की लागत निकालेंगे। जिससे नवीन कलेक्ट्रेट भवन जल्द तैयार हो सकेगा।

जिलाधीश अक्षयकुमार ने बताया कि ग्वालियर फोरलेन बायपास चौराहे के समीप 6.690 हेक्टेयर भूमि पर बनने वाले नए कलेक्ट्रेट भवन का अब जल्द काम शुरू होने की उम्मीद बनी हुई है। बजट के कारण लंबे समय से इसका निर्माण कार्य अटका हुआ था। शहर से करीब 6 किलोमीटर दूर नए फोरलेन चौराहे पर थ्री साइड ओपन जमीन कलेक्ट्रेट के लिए दी गई हैं जिस पर नवीन कलेक्ट्रेट भवन हाउसिंग वोर्ड जल्द ही बनाया जाएगा। 

कलेक्ट्रेट के परिसर में ही आवश्यक ईवीएम गोदाम का निर्माण यहां पूरा भी हो चुका है, लेकिन उसके ठीक आगे यहां रीवा के कलेक्ट्रेट की तर्ज पर प्रस्तावित तीन मंजिला नए कलेक्ट्रेट भवन का निर्माण फिलहाल अटका हुआ है। करीब 3800 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में निर्मित होने वाले इस तीन मंजिला भवन में कलेक्ट्रेट से जुड़े तमाम अन्य विभागों के जिला कार्यालय जैसे शिक्षा विभाग, आबकारी, मत्स्य, आदिम जाति, एसएलआर कार्यालय, आबकारी सहित करीब 22 विभागों के कार्यालय भी संचालित होने हैं, ताकि आम लोगों को इस सुव्यवस्थित निर्मित होने वाली नई कलेक्ट्रेट में एक ही स्थान पर सभी जिला कार्यालयों से संबंधित कार्य पूरा हो सके। 

राजस्व विभाग के तहत तहसील व एसडीएम कार्यालय भी इसी नए भवन में निर्मित होना है। पूर्व कलेक्टर अनुग्रहा पी ने इसे पीपीपी मॉडल के तहत हाउसिंग बोर्ड से तैयार कराने की योजना बनाई थी। उनके ट्रांसफर होने और चुनाव आने से यह काम अटक गया था। 

बैठकों से आगे बात नहीं बन पाई थी लेकिन अब इसके लिए डीपीआर तैयार कर ली गई है, जिसे जल्द ही सरकार के सामने रखा जाएगा। इसकी स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य प्रारंभ हो जाएगा। अभी प्रोजेक्ट की कॉस्ट लगभग 23 करोड़ रुपये है जो और बड़ेगी।


कोर्ट के साथ अन्य कार्यालय भी पहुंचेंगे इसी क्षेत्र में
न्यायालय के कर्मचारियों व न्यायाधीशों के आवासीय कॉलोनी का निर्माण वर्तमान में प्रगति में है, जबकि फोरलेन बायपास चौराहे पर पावर हाउस से लगी खाली जमीन में नए न्यायालय भवन का निर्माण प्रस्तावित है। कलेक्ट्रेट के सामने ही नए पुलिस अधीक्षक कार्यालय के लिए भी जमीन सुरक्षित कर दी गई है, जिसका निर्माण हाउसिंग बोर्ड से होना है, लेकिन फिलहाल इनके भी निर्माण शुरू नहीं हुए हैं। 

सभी सरकारी गलियारों के इस क्षेत्र में निर्मित होने के बाद यह पूरा इलाका एक नए शहर के रूप में उभरकर सामने आएगा, क्योंकि इसी मार्ग पर मेडिकल कॉलेज बन चुका है, जबकि ठीक कॉलेज के पास 7 मंजिला नए अस्पताल भवन का निर्माण पूरा होना हैं।

स्टेट कालीन भवन में संचालित हो रही है कलेक्ट्रेट
वर्तमान में कलेक्टर कार्यालय पुराने स्टेट कालीन भवन में संचालित हो रहा है, जिसमें पर्याप्त स्थान नहीं है। भीड़-भाड़ होने से यहां आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। शहर के नए विकास के उद्देश्य से फोरलेन बायपास चौराहे तक शहर से नए फोरलेन मार्ग का निर्माण भी जारी है। 

ऐसे में कलेक्ट्रेट, कोर्ट व एसपी कार्यालय के नए भवनों के निर्माण के बाद शहर में फिलहाल इन कार्यालयों के कारण होने वाली भीड़भाड़ से निजात मिलेगी। एक नया शहर विकसित हो सकेगा। आरटीओ कार्यालय भी इसी नए प्रस्तावित कलेक्ट्रेट भवन के आगे ही निर्मित है। दूसरे शहरों में भी कलेक्ट्रेट को शहर से थोड़ा दूर बनाया गया है। शिवपुरी कलेक्ट्रेट भी रीवा कलेक्ट्रेट की तर्ज पर बनाया जा रहा है। पुराने कलेक्ट्रेट को हेरिटेज होटल में बदलने की योजना भी है।