वन विभाग की मिलीभगत से खुलेआम चल रहा है अवैध उत्खनन, डायनामाईट से कर रहे है विस्फोट - Shivpuri News

शिवपुरी।
वन विभाग के अधिकारियों की शह पर एक डील के तहत गत 2 अक्टूबर से शुरु हुए अवैध पत्थर खनन ने तेजी पकड़ ली है। शिवपुरी मुख्यालय के निकट की तीन अवैध पत्थर खदानों पर इन दिनों मेला सा लगा है। यहां रात आबाद देखी जा सकती है। वाहनों की गडग़ड़़ाहट और इनमें लादे जाने वाले लाखों रुपए के फर्शी पत्थर की निकासी का यह खेल रात के अंधेरे में चलता है जबकि दिन और रात दोनों ही वक्त मशीनों की आवाजें यहां का सन्नाटा तोड़ती हैं।

रिजर्व फारेस्ट के इस क्षेत्र में डायनामाईट के विस्फोट भी सुनाई दे रहे हैं। जो मझेरा खदान कागजों में अब से 5 माह पूर्व ही बंद कर दी गई और जिससे अब रेवेन्यू के नाम पर रायल्टी की एक पाई भी सरकारी गुल्लक में नहीं पहुंच रही उस सफेदा फ र्शी पत्थर खदान को शिवपुरी जिले के वन मंडल अधिकारी के संरक्षण में धुआंधार तरीके से अवैध तौर पर काटा जा रहा है इसके साथ ही खेरोना,पाठखेड़ा और अर्जुनगवां आरक्षित वन क्षेत्र में भी इस समय खदान माफि या उतर धुआंधार तरीके से जंगल का सीना चीर कर पत्थर खनन करने में जुटे।

यहां रिजर्व फॉरेस्ट और संरक्षित वन क्षेत्र में रात के अंधेरे में लगभग दो दर्जन वाहनों से पत्थर की निकासी की जा रही है जबकि दिन रात 24 घंटे यहां अवैध रूप से पत्थर की कटाई की जा रही है। वृक्षों को काट डाला गया है पूरे क्षेत्र में रिजर्व फॉरेस्ट और संरक्षित वन क्षेत्र होने के कारण फॉरेस्ट एरिया इस अवैध उत्खनन से तहस नहस हो रहा है।

आरएफ के मझेरा, खेरोना और पाठखेड़ा की इन बीटों में बेतहाशा खनन

शिवपुरी अनु विभाग के मझेरा में संचालित खदान सर्वे क्रमांक 314 और 316 को 4 माह पूर्व कागजों में बंद कर दी गई हैं लेकिन यहां से लेकर सफेदा पत्थर खदान तक धुआंधार तरीके से अवैध उत्खनन किया जा रहा है। पत्थर माफिया यहां से पत्थर की निकासी कर पत्थर फैक्ट्रियों पर ले जाते हैं। एक्सपोर्ट क्वालिटी के इस पत्थर को तराश कर पेटियों में पैक कर विदेशों तक एक्सपोर्ट किया जाता है।

शिवपुरी के मझेरा से ही लगे हुए आरक्षित वन क्षेत्र पाठखेड़ा बीट के रिजर्व फॉरेस्ट के कक्ष क्रमांक 47 कक्ष क्रमांक 48 कक्ष क्रमांक 49 और कक्ष क्रमांक 50 में भी पिछले एक माह से अवैध खनन कर्ता उतर गए हैं और यहां बड़े पैमाने पर पत्थर काटा जा रहा है। बीट अर्जुन घुमा के रिजर्व फॉरेस्ट कक्ष क्रमांक 57 से कक्ष क्रमांक 60 में भी अवैध खनन जोरों पर है। वन विभाग तमाशाई बना है।

आरक्षित वन क्षेत्र की खैरोना बीट के कक्ष क्रमांक 56 कक्ष क्रमांक 53 कक्ष क्रमांक 52 मेंं भी खदान माफियाओं ने जबरदस्त पैमाने पर गड्ढे लगा दिए हैं। यहां चल रहे अवैध उत्खनन की व्यापकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रतिदिन लगभग 5 से 6 लाख रुपए का फ र्शी पत्थर तस्करी कर निकाला जा रहा है।

इस पत्थर का भंडारण प्रशासन यहां के स्टोन फैक्ट्री पर पकड़ा जा सकता है साथ ही खदानों पर यदि छापामारी हो तो रिजर्व फॉरेस्ट में इस अवैध खनन की प्रमाणिकता सामने आ सकती है। सब कुछ मिलीभगत से चल रहा है और फॉरेस्ट विभाग के जिला स्तर के अधिकारी इसे पोषित कर रहे हैं। यहां बंदूकों के जोर पर गिरोह की शक्ल में सक्रिय खदान माफिया और उनके गुर्गे अवैध रूप से ये कारोबार चला रहे हैं।