पुलिसकर्मियों के शौर्य और बलिदान का प्रतीक है पुलिस स्मृति दिवस: आईजी मूलचंद पंवार - Shivpuri News

शिवपुरी। 21 अक्टूबर 1959 को हॉटस्प्रिंग लद्दाख में शहीद हुए सीआरपीएफ के जवानों की शौर्य गाथा उन महान शहीद पुलिसकर्मियों के शौर्य और बलिदान को याद दिलाता है जो सीआरपीएफ  के शहीद रणबांकुरे 1959 में चीनी गोलाबारी में शहीद हुए और आज का दिन उन्हीं 10 पुलिस कर्मियों के बलिदान को याद दिलाता है जो पुलिसकर्मियों के शौर्य और बलिदान का प्रतीक है इसलिए 21 अक्टूबर 2020 को प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी संस्थान में पुलिस स्मृति दिवस मनाया जा रहा है।

यह विचार प्रकट किए सीआरपीएफ सीआईएटी स्कूल के प्राचार्य आईजी मूलचंद पंवार ने जो संस्थान परिसर में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर अलख शुक्ला उप कमांडेंट, अनादि दयाल उप कमांडेंट अन्य अधिकारीगण अधीनस्थ अधिकारी गण अन्य कार्मिक तथा  प्रशिक्षर्थियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत शहीद स्मारक पर अमर शहीदों को श्रद्धांजलि देकर हुई। इस दौरान शहीदपुलिसकर्मियों का उल्लेख करते हुए आईजी श्री पंवार ने बताया कि यह पुलिस स्मृति दिवस शहीद सिपाही मेघ राज, मानसिंह, सरवन दास, शेयरिंग नवलु, पूरन सिंह, धर्म सिंह, पुराण सिंह, मोरबु लांबा, विश्वनाथ प्रताप और सिपाही माखनलाल की स्मृति में यह दिन मनाया जाता है।

इन शहीदों को उत्तर पूर्वी लद्दाख के हॉट स्प्रिंग में पूरे पुलिस सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया 1959 की शरद तक तिब्बत के साथ भारत की 2500मीटर लंबी सीमा को सुरक्षित करने की जिम्मेदारी सीआरपीएफ के पुलिसकर्मी  की थी। श्री पंवार ने बताया कि जनवरी 1960 में राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिरीक्षक का वार्षिक सम्मेलन हुआ उक्त सम्मेलन में लद्दाख में शहीद हुए उन वीर पुलिसकर्मियों और साल के दौरान ड्यूटी पर जान गवाने वाले अन्य पुलिसकर्मियों को सम्मानित करने का फैसला लिया गया।

उनके सम्मान में हर साल 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाने का फैसला हुआ। हॉटस्प्रिंग में एक स्मारक बनाया गया और देश के विभिन्न हिस्सों में पुलिस बलों के सदस्यों ने शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए हॉटस्प्रिंग की यात्रा की। वर्ष 2012 से पुलिस स्मारक दिवस परेड राष्ट्रीय स्तर पर पुलिस मेमोरियल चाणक्यपुरी में आयोजित किया जा रहा है।

इस अवसर पर सी आई ए टी स्कूल के प्राचार्य ने पिछले वर्ष 2019 से लेकर अभी तक देश की एकता एवं अखंडता को कायम रखते हुए देश के प्रत्येक भाग में विभिन्न बलों के शहीद अमर जवानों के  नामों को याद  कर उन्हें सम्मान दिया।