अस्पताल का हाल बेहाल:समय पर नही आते DOCTOR, मरीजो की लंबी कतारे,बीमारो पर दौहरी मार

शिवपुरी। जिला अस्पताल में मरीजों का हाल बेहाल है। मरीजों को डॉक्टरों का घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, बावजूद इसके डॉक्टर अपने कक्षों में नहीं मिल रहे हैं, जिससे मरीज परेशान हैं। डॉक्टरों के कक्षों के बाहर मरीजों की बड़ी बड़ी कतार लग रही हैं। नतीजे में मरीजों को घंटों लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है। मरीज दूर दराज के इलाके से इलाज की आस में जिला अस्पताल आ रहे हैं, लेकिन उन्हें इलाज तक नसीब नहीं हो रहा है।

10 बजे भी कक्षों में नहीं पहुंचे डॉक्टर
जिला अस्पताल में मरीज सुबह 9 बजे से ही पहुंच गए थे, लेकिन 10 बजे तक डॉक्टर अपने कक्षों में नहीं पहुंचे थे। कक्षों के बाहर मरीजों की कतार लगी थी, लेकिन डॉक्टर न होने से मरीज परेशान हो रहे थे। मरीजों का कहना है कि वह एक घंटे से डॉक्टर का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन कोई भी डॉक्टर यहां मौजूद नहीं हैं।

अल्ट्रा सोनोग्राफी कक्ष
जिला अस्पताल के अल्ट्रा सोनोग्राफी कक्ष पर जब सुबह 9ः53 मिनिट पर टीम पहुंची तो कक्ष में कोई भी डॉक्टर मौजूद नहीं थे, जबकि कक्ष के बाहर सोनोग्राफी कराने के लिए महिलाएं बैठी थीं। महिला रामवती ने बताया कि वह एक घंटे से बैठी हैं, जबकि सोनोग्राफी कराने के लिए मुस्कान आई थी, जो शनिवार को भी जिला अस्पताल पहुंची थी, लेकिन यहां मौजूद स्टाफ ने कहा कि वह सोमवार को आए। जब वह सोमवार की सुबह 9 बजे जिला अस्पताल पहुंची तो 9ः55 तक कोई भी डॉक्टर यहां नहीं आए थे। स्टाफ का कहना था कि डॉक्टर आ रहे हैं, लेकिन 10 बजे तक डॉक्टर यहां आए नहीं थे और मरीज इंतजार करते नजर आए।

बाल व शिशु रोग इकाई
बाल व शिशु रोग इकाई के बाहर 10 बजे मरीज इंतजार करते देखे गए। यहां छोटे छोटे बच्चों को लेकर महिलाएं आई थीं, लेकिन यहां डॉक्टर अपने कक्षों में मौजूद नहीं थे, जब पूछा तो बताया कि अभी आए नहीं हैं आ रहे हैं। तो किसी ने कहा कि डॉक्टर राउंड पर गए हैं। आने के बाद ही मरीजों को देखेंगे।

मेडिकल इकाई
मेडिकल इकाई के बाहर भी 10ः 10 बजे मरीजों की लाइन लगी थी, लेकिन चेंबर में कुर्सियां खाली पड़ी थीं। डॉक्टर नदारद थे। मरीजों का कहना था कि वह एक घंटे से इंतजार कर रहे हैं, लेकिन यहां डॉक्टर तक नहीं आए। मरीजों का कहना था कि वह दूर दराज के क्षेत्रों से इलाज की आस में आए हैं, लेकिन यहां का तो भगवान मालिक है। कोरोना के डर के चलते डॉक्टर तक अपनी सीटों पर नहीं बैठ रहे हैं।

ईएनटी में खाली पड़ी कुर्सियां
जिला अस्पताल ईएनटी विंग में 9ः46 बजे कुर्सियां खाली पड़ी थीं। मरीजों की कतार लगी थी। यहां वृद्ध से लेकर अन्य लोग अपनी अपनी बीमारियों के इलाज के लिए आए, लेकिन यहां कुर्सियां खाली पड़ी होने से मरीज परेशान हुए। मरीजों का कहना था कि वह यहां काफी देर से खड़े हैं और यहां बैठने तक की सुविधा नहीं हैं। ऐसे में डॉक्टर समय पर अस्पताल आते नहीं हैं, जिससे मरीज परेशान होते हैं।

स्टाफ बोला-डॉक्टर साहब रास्ते में ग्वालियर से आ रहे
ईएनटी कक्ष में बैठने वाले एक डॉक्टर मौजूद नहीं थे। पता लगा कि वे कुछ ही देर में ग्वालियर से आ रहे थे। इसके बाद वे 10ः20 मिनट पर आए। उनसे पूछा कि वह देरी से क्यों आए हैं, तो डॉक्टर धीरेन्द्र त्रिपाठी ने अपना ही राग अलापना शुरू कर दिया और कहा कि अस्पताल में न तो मास्क हैं, और न ही सैनिटाइजर ऐसे में मरीजों को कैसे देखें। संक्रमण फैल रहा है। ऐसे में कोई संक्रमित मरीज आ गया तो हमें तो परेशानी होगी, जबकि वे खुद ग्वालियर से आए थे।

मेडिकल कॉलेज अधीक्षक बोले-करेंगे कार्रवाई
मेडिकल कालेज के अधीक्षक डॉ. केवी वर्मा से जब डॉक्टरों के समय पर न आने की बात पूछी तो वह खुद निरीक्षण पर निकल पड़े। उन्होंने देखा कि कक्षों के बाहर मरीज खड़े हैं, लेकिन डॉक्टर कक्षों में मौजूद नहीं हैं, इसके बाद उन्होंने डॉक्टरों को कक्ष में तलब किया और समझाइश दी उसके बाद 10ः30 बजे से मरीजों को देखने का सिलसिला शुरू हुआ। डॉ. वर्मा का कहना है कि ऐसे लापरवाह डॉक्टरों को नोटिस जारी किया जाएगा। संतोषजनक जवाब न मिलने पर इनके विरुद्ध कार्रवाई भी की जाएगी।