आपातकाल की वर्षी पर भाजपा ने किया लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान / SHIVPURI NEWS

शिवपुरी। आपातकाल की बरसी 25 जून को भारतीय जनता पार्टी ने लोकतंत्र सैनानियों का जिला कार्यालय पर सम्मान किया और 25 जून को लोकतंत्र के काले दिवस के रूप में याद किया।

इस अवसर पर लोकतंत्र सैनानियों ने जेल में बिताए गए अपने अनुभवों को भी साझा किया और आरोप लगाए कि जेल में मीसाबंदियों के साथ आमानवीय अत्याचार किए गए। उन्हें पीटा गया और यहां तक कि करंट भी लगाया गया। भाजपा जिलाध्यक्ष राजू बाथम ने अपने उदबोधन में कहा कि 25 जून 1975 का दिन देश के इतिहास मेें काले दिवस के रूप में हमेशा याद रखा जाएगा।

मीसाबंदी घनश्याम भसीन ने अपने उदबोधन में कहा कि स्वतंत्र भारत में लोगों को इस तरह की यातनाएं दी जाएंगी इसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। मेरे हम उम्र 16-17 साल के कार्यकर्ताओं तक को जेल में डाल दिया गया। आज भी कांग्रेस उसी मानसिकता से काम कर रही है।

पूर्व विधायक कामता प्रसाद वेमटे ने कहा कि आपातकाल सत्ता की लोलुपता की देन थी। इंदिरा गांधी ने सत्ता में बने रहने के लिए कोर्ट के फैसले को नहीं माना और जब जयप्रकाश नारायण ने सिंघासन खाली करो कि जनता आती है का नारा दिया, तो कांग्रेस की सरकार ने लोकतंत्र को कुचल दिया।

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ जैसे अनेक संगठनों के कार्यकर्ताओं को जेल में डाल दिया गया। भाजपा जिलाध्यक्ष राजू बाथम ने रहस्योदघाटन किया कि इंदिरा गांधी ने आपातकाल की भूमिका 1971 में ही बना ली थी। जब उन्होंने मीसा एक्ट बनाया था। श्री बाथम ने कहा कि आज भारत का लोकतंत्र परिपक्व है। विधायक वीरेंद्र रघुवंशी ने कहा कि आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए लोकतंत्र सैनानियों ने लंबा संघर्ष किया। कार्यक्रम का संचालन अमित भार्गव ने किया।

इस कार्यक्रम में मीसाबंदी घनश्याम भसीन, कामता प्रसाद बेमटे, महेश गौतम भाजपा जिला अध्यक्ष राजू बाथम विधायक, वीरेंद्र रघुवंशी, पूर्व विधायक प्रहलाद भारती, अशोक खंडेलवाल, हेमंत ओझा, अनुराग अष्ठाना, ओमी जैन, रामू विंदल, हरिओम काका, डॉक्टर राकेश राठौर, अमित भार्गव, सोनू विरथरे, मुकेश सिंह चौहान, केपी परमार, सतीश भार्गव, मनोज शर्मा, दीपेश फंडनिस, आकाश राठौर, हरवीर सिंह चौहान व कार्यकर्ता उपस्थित थे।