दिनारा में लौटकर आए सैंकड़ों प्रवासी मजदूरों से संक्रमण का खतरा / karera News

करैरा। लॉकडाउन की वजह से दिनारा अंचल की विभिन्न पंचायतों में सैकडो की संख्या में मजदूर अपने अपने घर लौटे हैं। ग्राम पंचायत के सचिव और स्वास्थ विभाग के द्वारा इनका स्वास्थ्य परीक्षण कर घर में 14 दिन को क्वारंटाइन रहने का निर्देश देकर घर पर रहने की अनुमति दी थी।

स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों का कुछ ही मजदूर पालन करते हुए नजर आए, जबकि कई लोग स्वास्थ्य विभाग के इन नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। मजदूर मुंबई, अहमदाबाद, सूरत, दिल्ली, गांधी नगर, रेवाड़ी, बनारस, हैदराबाद, औरंगाबाद, इंदौर, कोटा आदि शहरों से यह मजदूर अपने अपने गांव पहुंचे।

ग्रामीण बोले-मजदूरों के हों सैंपल

ग्रामीणों का कहना है कि कोरोना के कई लोगों में लक्षण दिखाई नहीं दे रहे हैं। ऐसे में रेड जोन से आए कुछ मजदूरों ने होम क्वारंटाइन का समय पूरा कर लिया है, फिर भी कई मजदूर होम क्वारंटाइन के नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। ऐसे में इन मजदूरों की महज स्क्रीनिंग की गई है। इनके सैंपल लेकर उनहें जांच के लिए भेजा जाना चाहिए, जिससे संक्रमण न फैल सके।

इन गांवों में पहुंचे मजदूर

दिनारा अंचल की ग्राम पंचायत आवास में 60, अलगी में 80, ढाड में 100, कुम्हरौहा में 49, डामरोन कला में 58, कुचलोन में 48, कुड़ा में 34, खिरिया पुनवाली में 38, करोड़ा लोधी में 22, डामरोन खुर्द में 20, चंदवारा में 25, बम्हारी में 26, छितिपुर में 10, थनरा में 59, सलैया डामरोन में 27, दिनारा में 61 सहित अन्य ग्राम पंचायतों में भी मजदूर पहुंचे हैं।

ग्रामीणों को सता रहा संक्रमण का खतरा

ग्रामीणों का कहना है कि देश में बहुत से मरीजों में कोरोना के लक्षण दिखे ही नहीं, जब उनका टेस्ट हुआ तब पता चला कि वह कोरोना वायरस से संक्रमित है, यह मजदूर भी ठीक अवस्था में हैं। 14 दिन बीत जाने के बाद यह लोग सबसे मिल जुल रहे हैं। इसलिए उन्हें चिंता सता रही है कि यदि गांवों में संक्रमण फैला तो पूरा का पूरा गांव संक्रमित हो सकता है। ऐसे इनके सैंपल लिए जाने चाहिए।