SDM ने व्यापारी के गोदाम के ताले तुडवाए, मुंह की खानी पडी, निकल रहा हैं मिर्ची सेठ कनेक्शन | Shivpuri News

एक्सरे @ललित मुदगल / शिवपुरी। एसडीएम शिवपुरी ने बछोरा स्थित शुंभागी ट्रेडर्स के गोदाम के गोदाम के ताले तोडकर राजश्री गुटका का माल जब्त करना विवादो में आ गया। एसडीएम शिवपुरी के कारण कोतवाली पुलिस की जगसाई हो रही है,ओर व्यापारी को एक नियम के तहत जब्त माल वापस करना पडा। इस काण्ड में मिर्ची सेठ के कनेक्शन निकल कर आ रहा हैं। आईए इस पूरे मामले का एक्सरे करते है। 

कल दोपहर लगभग 11 बजे खबर आई की कोतवाली टीआई बादाम सिंह और शिवपुरी एसडीएम अतेन्द्र सिंह गुर्जर ने शुंभागी ट्रेडर्स के गोदाम पर छापामार कार्यवाही करते हुए एक मेटाडोर राजश्री पान मसाला अवैध जब्त किया हैं।

लेकिन दोपहर 2 बजे पूरा सीन उल्टा हो गया। फुड विभाग के एक नियम के तहत पूरा का पूरा माल वापस करना पडा। पासा उल्टा देश एसडीएम कोतवाली से बीच कार्रवाई से चले गए लिखा पढी फूड इस्पेक्टर से करवा दी।

सभी के मन में सवाल उठा की ऐसा क्या हुआ के 2 घंटे के अंदर सीन बदल गया। शुंभागी ट्रेडर्स लखेरा गली शिवपुरी के बछोरा स्थित गोदाम पर एसडीएम के नेतृत्व में कोतवाली पुलिस के साथ छापामार कार्यवाही को अंजाम दिया गया। शुंभागी ट्रेडर्स राजश्री गुटका के डीलर हैं। शुंभागी ट्रेडर्स के गोदाम पर अवैध और नकली राजश्री गुटको के भंडारण की जानकारी एसडीएम के गुप्तचरो ने दी।

गोदाम पर दल बल के साथ एसडीएम अतेन्द्र सिंह गुर्जर पहुंचे। गोदाम बंद था ताले लटके थे। एसडीएम ने ताले तुडवाए और अंदर प्रवेश किया। और गोदाम में रखे झाल गाडी में लोड करवा लिए। इस पूरी कार्यवाही में गोदाम मलिक अनिल डेंगरे को कोई सूचना नही दी गई।

शुंभागी ट्रेडर्स के संचालक ने बताया कि मेरे गोदाम के पडोसियो ने मुझे फोन पर सूचना दी की मेरे गोदाम की बाउंडरी वाल पर चढकर पुलिस गोदाम में प्रवेश कर रही हैंं मे भगा—भगा गोदाम की ओर अपनी गया,लेकिन ग्वालियर वाईपास पर ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मियो ने मुझे रोक लिया और पूछताछ करने लगे।

मुझे पूरा मामला समझाने में 10 मिनिट लग गए। मे वहां से चलता तो समाने से मुझे एसडीएम साहब की गाडी दिखी मैने स्वयं एसडीएम साहब को रोका ओर कहा कि साहब कार्रवाई करने से पहले मुझे सूचना देत। इस पर एसडीएम ने कहा कि तुम क्या कलेक्टर हो जो तुम्है सूचना देते। जो भी कुछ कहना हैं कोतवाली में देना, मुझे अपराधियो की तरह गाडी में पटकावा दिया।

कोतवाली में मुझे आधा घंटा तक बिठाया गया। इसके बाद फुड इस्पेक्टर राणा जी को बुलाया गया। उन्होने कहा की माल असली हैं या नकली हैं,और इसका सैंपल भी ले लेते हैं। इतना सुनते ही एसडीएम साहब वहां से चले गए। जब तक मैने अपने माल की खरीद का बिल भी मंगा लिया। इसके बाद फुड विभाग ने माल का सैंपल लेते हुए जब्त माल को सील कर मेरी ही सुपुर्दगी में दे दिया।  

इस पूरी कार्रवाई में सार्वजनिक मैसैस यह गया की कोतवाली पुलिस ने यह कार्रवाही की है। व्यापारी वर्ग जो कल तक सडको पर आकर पुलिस का सम्मान कर रहा था पुलिस के मार्च पर पुष्प वर्षा कर ताली बजाकर सम्मान दे रहा था वही व्यापारी अब पुलिस की इस कार्यवाही से रोष हैं।

कोतवाली पुलिस की इस कार्रवाही के कारण पूरे जिले के सम्मान के ग्राफ में कमी आई हैं लेकिन इस काण्ड के असली दोषी एसडीएम हैं। एसडीएम अतेन्द्र सिंह गुर्जर के गुप्तचर शाखाा ने इस काण्ड की सूचना दी।

अपने राम का तो यह कहना हैं कि यह व्यापारी द्धेष को लेकर यह पूरा मामला रचित कराया गया हैं। इसमें मिर्ची सेठ का कनेक्शन आया हैं। इसके पूरे साक्ष्य हमारे पास उपलब्ध हैं। पाठको हम यह बता दे कि इस माल का बिल भी व्यापारी ने मीडिया को दिया। माल नंबर एक में खरीदा गया हैं सरकार को पूरा 160 प्रतिशत टैक्स देकर।

अब एसडीएम महोदय से कुछ सवाल


सूचना के आधार पर गोदाम में छापामार कार्रवाही की। सूचना था कि माल अवैध था। ज्यादा रेटो पर बेचा जा रहा था। अब जब गोदाम बंद हैं तो माल कैसे बेचा जा रहा था....ताले तोडने से पहले व्यापारी को सूचना क्यो नही दी... क्या कानूनन यह सही है कि प्रशासन किसी के भी गोदाम के ताले तोडकर माल जब्त कर सकता हैं... पुलिस ने किसके आदेश पर ताले तोड़़...

पहले तो व्यापारी को सूचना नही दी। अगर दी वह नही आया तो गोदाम सील किया जा सकता था....ऐसा क्यो नही किया गया... अगर राजश्री गुटका के सैंपल फूड विभाग को लेने थे तो अभी तक यह देखा कि फूड विभाग ने आज तक किसी के ताले तोडकर सैंपल नही लिए....इस प्रकरण में व्यापारी के गोदाम के ताले क्यो तोडे। गोदाम खुलवाकर भी सैंपल लिए जा सकते थे यह सवाल है जो जबाब की प्रतिक्षा में हैं। एसडीएम शिवपुरी से संपर्क करने की कोशिश की गई फोन रिसीव नही किया गया।

सूत्रो का कहना हैं कि यह छापा व्यापारिक विद्धेष के कारण पडवाया गया। इस पूरे मामले में मिर्ची सेठ का कनेक्शन इस काण्ड से जुड रहा हैं। बताया गया हैं कि इस कार्यवाही के दौरान व्यापारी के पास मिर्ची सेठ के फोन आए,मामला सुलटाने के लिए कहा गया। इस फोन डिटेल के प्रिंट स्क्रीन इस खबर के साथ छापे जा रहे है।

इस बात को बल इस बात का भी मिलता हैं कि कार्यवाही के दौरान मिर्ची सेठ ने कोतवाली में भी तफरी की थी। सवाल उठ रहा हैं क्यो की....इस पूरे काण्ड से मिर्ची सेठ का क्या लेना देना। बताया जा रहा हैं कि व्यापारी इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय शिकायत करने का मन बना चुका हैं।

व्यापारी प्रेस को फोन लगाकर कल के घटना क्रम के फुटेज मांग रहा हैं। कभी भी व्यापारी और मिर्ची सेठ की आडियो वायरल हो सकती हैं। कुल मिलाकर कल का दिन प्रशासन की छबि को बिगाडने वाला रहा। इस पूरे प्रकरण में पुलिस सिर्फ मूक दर्शक बनी रही हैं उसे इस पूरे काण्ड की अंदरूनी जानकारी नही हैं।  

यह सर्व विदित हैं कि मिर्ची सेठ कितनी तरह की मिर्ची सप्लाई करते हैं। शिवपुरी के अतिक्रमण टूटने के मामले में भी प्रेस वार्ता में भी मिर्ची सेठ का नाम आया था। पूरा शहर जनता है कि मिर्ची सेठ किस किस तरह की मिर्चीया सप्लाई करता हैं। कुल मिलाकर इस कार्यवाही से पूरे प्रशासन पर उंगली उठ रही हैं।

इनका कहना हैं
मेरे को इस छापे की कोई जानकारी नही थी। मुझे मेरे वरिष्ठ अधिकारियो ने फोन लगाकर कोतवाली बुलाया था मैने सैंपल लिए हैं और आगे जांच के लिए भेजे जाऐंगें। व्यापारी का माल सील करके उसकी ही सुर्पुदगी में दे दिया गया है।
जितेन्द्र सिंह राणा,फूड इंस्पेक्टर शिवपुरी।