कोरोना से कैसे निपटेगा प्रशासन, अस्पताल में व्यवस्थाएं ध्वस्थ, भटकते मरीज, हेल्पलाईन पर समाधान नहीं | Shivpuri News

शिवपुरी। इन दिनों पूरे विश्व में कोरोना का कहर बरफ रहा है। इन दिनों सिर्फ प्रशासन और चिकित्सकों पर लोगों की उम्मीद टिकी हुई है। इसी बीच जो खबर सामने आई है वह चौकाने बाली है। कोरोना के कहर के बीच जिन पर इस वायरस से लडने की जिम्मेदारी है वह ही इस जिम्मेदारी को हल्के मेें ले रहे है। जिसके चलते आने बाले समय से होने बाली आपदा का अंदेशा लगाना भी मुश्किल हो जाएगा।

इस कोरोना वायरस जैसी गंभीर महामारी से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग कितना तत्पर है इसका जीता जागता उदाहरण आज जिला अस्पताल में उस समय देखने मिला, जब हलवाई खाना में रहने वाली एक महिला पुष्पा जैन सर्दी जुकाम के बाद अपने स्वास्थ्य का परीक्षण कराने अस्पताल पहुंची। जहां ड्यूटी पर कोई भी डॅाक्टर तैनात नहीं था।

वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी किए गए हेल्पलाईन नम्बर 7354134959 पर डॉ. दिनेश राजपूत ने अपनी नाईट ड्यूटी का हवाला देकर चैकअप करने से इंकार कर दिया और उन्हें डॉ. पंकज गुप्ता से मिलने की सलाह दी गई। लेकिन डॉ. पंकज गुप्ता भी अस्पताल मेें मौजूद नहीं थे। वहीं सिविल सर्जन डॉ. पीके खरे ने भी शिकायत सुनकर उन्हें कोई एडवाईज नहीं दी और अपना मोबाइल बंद कर लिया। इसके बाद से ही वह महिला अपने स्वास्थ्य परीक्षण के लिए अस्पताल में घूम रही है।

जानकारी के अनुसार पुष्पा जैन पत्नी अशोक जैन निवासी हलवाई खाना को पिछले दो-तीन दिन से हल्की सर्दी और जुकाम की शिकायत है। इसे लेकर पूरा परिवार काफी चिंतित है। आज जब श्रीमति पुष्पा जैन के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी नम्बर पर सम्पर्क किया गया तो नम्बर पर मौजूद डॉ. दिनेश राजपूत ने उन्हें यह कहकर चलता कर दिया कि वह नाईट ड्यूटी में थे और वह थक चुके हैं और कहां-कहां ड्यूटी करें।

बाद में सिविल सर्जन डॉ. पीके खरे के मोबाइल नम्बर पर सम्पर्क किया तो उन्होंने सलाह दी कि अस्पताल जाकर डॉ. पंकज गुप्ता से मिलें। जब श्रीमति पुष्पा जैन अस्पताल पहुंची तो उन्हें ड्यूटी पर डॉ. गुप्ता नहीं मिले। बाद में डॉ. पीके खरे ने अपना मोबाइल बंद कर लिया और फिर उनसे सम्पर्क नहीं हो सका। श्रीमति जैन ने हेल्पलाइन नम्बर पर पुन: सम्पर्क साधा तो नम्बर पर मौजूद व्यक्ति ने गलत नंबर डायल करने की बात कहकर फोन काट दिया।

स्वास्थ्य विभाग से जब श्रीमति जैन को कोई राहत नहीं मिली तो वह सपरिवार परेशान होकर अस्पताल में घूम रही हैं। जबकि स्वास्थ्य विभाग के नुमाइंदे दावा कर रहे हैं कि वह कोरोना को लेकर काफी सङ्क्षक्रय हैं। लेकिन उनके इन दावों की पोल खुल चुकी है।

स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी हेल्पलाइन नम्बर 104 पर भी नहीं हुई सुनवाई

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग भोपाल द्वारा हेल्पलाइन नम्बर 104 जारी किया गया है। जिस पर कोई भी व्यक्ति अपनी बीमारी से संबंधित जानकारी दे सकता है और उसकी जानकारी के बाद स्वास्थ्यकर्मी उनके घर पर ही परीक्षण के लिए पहुंचेंगे और उन्हें निशुल्क दवाएं भी उपलब्ध कराएंगे। लेकिन यह हेल्पलाइन नम्बर भी कोई काम का नहीं निकला।

श्रीमति जैन ने इस नम्बर पर अपनी समस्या बताई तो उनकी कॉल को 181 पर फॉरवर्ड कर उनकी शिकायत दर्ज कर उन्हें एक शिकायत नम्बर 10552593 देकर आश्वस्त कर दिया कि चार दिन में उनकी समस्या का हल कर दिया जाएगा। इस तरह का मजाक हेल्पलाइन नम्बर पर करने से लोगों का इससे विश्वास उठ गया है।

कलेक्टर और सीएमएचओ ने नहीं किए फोन रिसीव

हेल्पलाइन नम्बर और जिला अस्पताल से जब श्रीमति जैन को कोई राहत नहीं मिली तो वह अपना इलाज कराने के लिए अस्पताल में भटकती रहीं। इसके बाद उन्होंने मीडियोकर्मियों से सम्पर्क साधा। जिन्होनें उनकी समस्या हल कराने का प्रयास किया। लेकिन अधिकारियों के फोन तक रिसीव नहीं हुए। कलेक्टर अनुग्रह पी और सीएमएचओ डॉ. एएल शर्मा ने भी फोन नहीं उठाए। जिस कारण उनसे सम्पर्क नहीं हो सका।