ये कैसा शिव राज :SDM का पुजारियों पर कहर, महंत का हाथ तोड़ा, पूरे शरीर पर लठठों के निशान | Shivpuri News

Ex-rey@lalit mudgal शिवपुरी। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की एक आवाज पर देश की जनता ने इस कोरोना से जंग करने के लिए अपने आप को घरो में कैद कर लिया। इतिहास में लिखा जाऐगा कि इस सनातन धर्म की धरती हिन्दुस्तान में किसी भी परिस्थती में मंदिरो के दरवाजे बंद नही हुए,लेकिन इस समय हो गए,भक्तो ने भी लॉकडाउन का सम्मान करते हुए मंदिरो से दूरी बनाते हुए घर घर को ही अपना मंदिर बना लिया।  

प्रशासन भी पूरी ताकत से कोरोना से युद्ध करने में लगा हैं। पूरे हिन्दुस्तान से कोरोना के खिलाफ लडाई की तस्वीरे आ रही हैं,लेकिन पोहरी से जो तस्वीर आ रही हैं,वह दिल को दुखाने वाली,कानून को तोडती हुई एक अधिकारी की हठधर्मिता और मानसिक दवालिया पन की आ रही हैं।

पोहरी अनुविभाग के एक महंत को पुलिस ने इतना मारा की उसका हाथ तक टूट गया,चलो पुलिस तो मारती हैं पुलिस का काम हैं लठठ मारना,लेकिन मामला जब बडा हो गया कि एक महिला अधिकारी के आदेश पर इस मंहत की मरम्मत की गई। इतना ही नही आज फिर मंदिरो के पुजारियो के साथ मारपीट की गई मंदिरो की चाबी छुडा कर अपने पास रखने का आरोप पोहरी एसडीएम पल्लवी वैदय पर लग रहा हैं।

पुजारियो का आरोप हैं कि इस कारण पिछले 3 दिन से मंदिरो की पूजा नही की गई मंदिरो की पूजा नही हुई तो प्रतीत होता हैं कि भगवानो ने भी व्रत रख लिया इस कारण रख लिया हो की उनके प्रधान सेवको का उकारण मारा जा रहा हो। जब यह मामले ने तूल पकडा तो मेडम भी बैकफुट पर आने का नाम नही ले रही ओर अब मंदिरो के पुजारियो पर दबाब बनाते हुए लॉकडाउन के कानून का तोडने का आरोप लगाने के नोटिस चस्पा करवाने का प्रयास किया जा रहा हैं इसे देखकर जनता भी कह रही हैं कि यह कैसा शिव का राज।

जैसा कि विदित हैं कि भटनावर स्थित धामौरा हनुमान मंदिर के मंहत बालगिरी महाराज की उस समय मारपीट की जब वह मंदिर के प्रांगण में अकेले ही साफ-सफाई करने में व्यस्त थे,तभी दो खाकी धारी आए और मंदिर के मंहत पर लठठ बरसाने लगे,आरोप है कि उस समय वहां पोहरी की एसडीएम पल्लवी वैदय थी और उन्होने ही इन मंहतजी को मारने का आदेश दिया।

इस मारपीट की शिकायत मंहत ने भटनावर चौकी और पोहरी थाने में दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया,वही पुलिस ने ही पास बनाकर मंदिर के मंहत को शिवपुरी अस्पताल तक भेजा और पोहरी थाने की पुलिस ने ही मंहत बालगिरी की एमएलसी और ईलाज कराया गया हो।  

एसडीएम मेडम का कहना हैं कि मंदिर के पुजारी लॉकडाउन का उल्लघन किया था। यह एक सवाल बनता हैं कि लॉकडाउन धारा 144 का उल्लघन बनता हैं तो भारत के कानून में आनस्पोट सजा देने का प्रावधान कहां से आ गया। कानून तोडा तो नियमानुसार कार्यवाही बनती थी। धारा 188 में कार्रवाई होनी थी।

लेकिन हुआ इसके उलट मंहत को इतना मारा गया कि उसका हाथ टूट गय पूरे शरीर पर पुलियिसा कहर अर्थात लठठो के निशान हैं। मंहत जी पूरे-पूरे सूज रहे हैं। इसी तरह पोहरी अस्पताल के पीछे काली माता मंदिर के पुजारी गोपाल गिरी, खेरे बाली माता मंदिर के पुजारी मनोज त्रिवेदी, ठाकुर बाबा मंदिर के बाबा को मंदिर से बुलाकर अपने समक्ष लट्ठों से पिटवाया।

पुजारियों का कहना हैं कि उनके साथ एसडीएम क्यों मारपीट करवा रही हैं यह समझ से परे हैं। जबकि लॉक डाउन के पालन का उन्होंने कोई उल्लंघन नहीं किया। चाबी भी एसडीएम मेडम के पास हैं पिछले 3 दिनो से मंदिरो की पूजा भी नही हुई हैं।अब मामला तूल पकड गया हैं। बताया जा रहा हैं कि मेडम के इस आनस्पाट कानून लठठो की कुटाई की शिकायत रजिस्टर्ड डाक द्धवारा भोपाल तक पहुंच चुकी हैं।

कानून को तोडने वाली एसडीएम अब कानून का प्रेशर बना रही हैंं

अपने बचाव में एसडीएम पल्लवी वैद्य पुजारियों पर दवाब बनाने में जुट गर्ई हैं। वे अपने कर्मचारियों को भेजकर मंदिर के पुजारियों को एक नोटिस जिसमें लिखा गया है कि जिस समय उनके साथ मारपीट की गई थी उस समय मंदिर में 40 से अधिक नागरिक उपस्थित थे।

इस नोटिस पर कर्मचारी पुजारी के हस्ताक्षर कराने के लिए दवाब डालते हुए एक वीडियो जो सोशल मीडिया पर चल रहा है उसमें साफ तौर से दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो में पुजारी बालगिरी यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि जिसमें समय उनके साथ मारपीट की गई उस समय वे अकेले ही मंदिर की साफ सफाई कर रहे थे।

सांसद,विधायक ओर भाजपा नेताओ ने एक सुर में की निदां

पुजारियों की मारपीट का मामला स्थानीय सांसद विवेक नारायण शेजवलकर ने अपने संज्ञान में लेते हुए इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी जिलाधीश देकर कार्यवाही करने के लिए कहा गया हैं।  पोहरी के पूर्व विधायक प्रहलाद भारती और कोलारस के विधायक वीरेन्द्र रघुवंशी, भाजपा के प्रदेश प्रवक्त धैर्यवर्धन शर्मा, प्रदेश प्रतिनिधि सुरेन्द्र शर्मा ने एसडीएम के आदेश पर पुलिस द्वारा पुजारियों की कि गई मारपीट को गंभीरता से लेते हुए इस पूरे मामले को मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाने की बात करते हुए कार्यवाही करने का आश्वासन दिया हैं।

भाजपा की गले की हड्डी बन सकता हैं यह काण्ड

पोहरी विधानसभा में अब उपचुनाव तय हैं। पूरे पोहरी क्षेत्र में इस काण्ड की चर्चा हैं।मंदिर हिन्दु धर्म में सबसे बडा ही आस्था का विषय हैं। हिन्दू धर्म में जितने भगवान पूजनीय हैं उतने ही उनके पुजारी। अगर मारपीट करने वाले पुलिसकर्मी ओर पोहरी एसडीएम के खिलाफ सख्त कार्रवाई नही होती हैं तो जनआक्रोश पनप सकता हैं। अब सरकार बनाने और गिराने के लिए एक-एक सीट महत्वपूर्ण हैंं,पोहरी भी उनमे से एक हैं। जिस आस्था के बल पर वह देश में राज्य कर रही हैं इसी आस्था अर्थात मंहत जी यह फोटो आने वाले उपचुनाव में कांग्रेस का हथियार न बन जाए।

एसडीएम ने नहीं दी अपनी प्रतिक्रिया, कहां बाद में बात करूंगी

पुजारियों के साथ एसडीएम के समक्ष पुलिस द्वारा की गई मारपीट की प्रतिक्रिया एसडीएम पल्लवी वैद्य से फोन के माध्यम से लिए जाने पर उन्होंने कहा कि वे अभी व्यस्त हैं। इस मामले के बारे में वे बाद में बात करेंगी।