पानी की टंकी से गिरा मजदूर, एक घंटे तक तडपता रहा, CMO और प्रशासक गाडियों से घूमते रहे,मौत

करैरा। जिले के करैरा नगर पंचायत कार्यालय सामने एक गरीब मजदूर जो नगर पंचायत कार्यालय के सामने निर्माणाधीन पानी की टंकी पर काम करते हुए गिर पड़ा और उसकी हालत बिगड़ गई, लेकिन वहां केवल तमाशबीन लोग तमाशा देखते रहे और वह घायल मजदूर 1 घंटे तडफ़ता रहा आधा घंटे तक इंतजार करने के बाद जब एम्बुलेंस नहीं आई तो तत्काल साथी मजदूरों ने उसे एक चादर में डालकर अस्पताल तक पहुंचाया जहां उसका उपचार के दौरान मौत हो गई।

यहां बताना होगा कि नगर पंचायत करैरा के सीएमओ सीएमओ व प्रशासक महोदय अपनी गाड़ी न सही मानवता के नाते कम से कम ट्रेक्टर ट्रॉली से उसे जिला अस्पताल तक पहुंचा सकते थे। लेकिन इन अधिकारियों की मानवीय संवेदना इनमें बची नही है। वही टंकी निर्माण करने वाली कंपनी रिहान वाटर सप्लाई कंपनी की भी लापरवाही उक्त मामले में साफ नजर आ रही है।

क्योंकि बिना सुरक्षा इंतजाम के चंद पैसे बचाने की खातिर वह मजदूरों के जीवन से खिलवाड़ कर रही है। आज एक पिछला मामला मुझे याद आ गया जिसमें तहसील करैरा में एक व्यक्ति को अटैक आने के बाद इंसानियत दिखाते हुए करैरा तहसीलदार गौरीशंकर जी उसे अपनी गाड़ी में बैठाकर स्वयं अस्पताल ले गए थे और मानवता का परिचय दिया था।