नवांकुर काव्य महोत्सव: नन्ने मुन्ने कवियों ने मन मोहा,बांसुरी की धुन ने किया मंत्रमुग्ध | Shivpuri News

शिवपुरी। नई प्रतिभाओं की खोज के लिए शहर में नवांकुर काव्य महोत्सव का आयोजन फिजीकल स्थित चस्का सेंटर पर युवा साहित्यकारों ने किया। जिसमें शिवपुरी सहित बाहर से आए युवाओं ने भागीदारी की। महोत्सव के दौरान युवा साहित्यकारों ने कविताएं सुनाई तो कुछ ने बांसुरी की धुन से वहां मौजूद लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। यह आयोजन पहली बार शिवपुरी में किया गया। जिसका उद्देश्य नई प्रतिभाओं की खोज करना था। इस कार्यक्रम में दतिया और श्योपुर के युवा भी शामिल होने आए थे।

नवांकुर काव्य महोत्सव में युवा साहित्यकारों के साथ-साथ शहर के वरिष्ठ साहित्यकार और कवि भी मौजूद रहे, जो नए युवाओं की टीम की सराहना करते देखे गए। कार्यक्रम में निखिल राठौर ने अपनी काव्य रचना सुनाते हुए कहा कि-नादान दिल, आज फिर कोई दिल तुम्हें याद कर रहा है। आशीष शर्मा कोलारस ने अपनी काव्य रचना की प्रस्तुति सुनाते हुए कहा कि वह इश्क करने के बाद समझदार हो गए। दतिया से आए अंकित शर्मा ने आधुनिकता में सजा गीत सुनाया। जिस पर संगीत यश खरे ने बैकग्राउंड म्यूजिक बजाकर दिया।

अमन गुप्ता ने बांसुरी से गीत की धुन बजाकर मौजूद श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कानिका गौतम ने काव्य रचना सुनाते हुए कहा कि-मेरी जिंदगी में इंट्रेस्ट लेने वालों क्या तुम्हारी जिंदगी नहीं है। शुभम शर्मा और सिमरन कोठिया ने कहा चलों इस साल नई शुरूआत करते हैं।

इस दौरान गिर्राज शर्मा, प्रियंका राजपूत, मिथलेश, कवीर, श्याम शर्मा, कृष्णकांत धाकड़ और श्योपुर से आए कवियों ने अपनी प्रस्तुतियां दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में एएसपी गजेंद्र सिंह कंवर, महिला बाल विकास अधिकारी के साथ गिरीश मिश्रा, डॉ. प्रियंका भार्गव, शिवा पाराशर, साहित्यकार अरूण उपेक्षित, ब्रजेश अग्रिहोत्री शामिल रहे। आयोजन के संयोजक समीक्षा भार्गव, दिव्या भागवानी और मयंक राठौर थे।