बिना बंटवारे भूमि का विक्रय कर दिया, माफियाओं ने कॉलोनी काट दी | Shivpuri News

शिवपुरी। प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ भू माफियाओं के खिलाफ लगातार कार्यवाही कराने के निर्देश जारी कर दिए गए हों लेकिन जिला मुख्यालय पर पदस्थ अधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री के आदेश को धता बताते हुए भू माफियाओं की मदद कर करोड़ों रूपए की जिलाधीश निवास के सामने निजी स्वामित्य की भूमि को हिस्सेदारों के बीच बटबारे किए बिना  तथा कमिश्नरी में मामला विचाराधीन हैं।

लेकिन इसके बावजूद भी भूमि का विक्रय किया जा रहा हैं। जिसमें दो हिस्सेदारों को भूमि विक्रय करने की सूचना ही नहीं दी गई हैं। भूमि का विक्रय कर क्रेताओं द्वारा उसमें भवन निर्माण का कार्य भी धड़ल्ले से किया जा रहा हैं।

श्रीमती गीता बाई, श्रीमती विमला बाई पुत्री स्व. कमरलाल निवासी झींगुरा ने जिलाधीश को जनसुनवाई में दिए गए आवेदन में बताया हैं कि सर्वे नम्बर 18/1, 18/2, 19/मिन-1  एवं 20/मिन-1 उक्त भूमि श्रीराम कॉलोनी में स्थित हैं। उक्त भूमि में 9 हिस्सेदार हैं। श्रीमती गीता बाई व विमला बाई उक्त भूमि में बराबर की हिस्सेदार हैं। साथ ही भूमि का बटबारा भी नहीं किया गया हैं। उक्त दोनों हिस्सेदारों को भूमि विक्रय किए जाने की सूचना भी नहीं दी गई हैं।

भूमि विक्रय करने से पूर्व नगर पालिका द्वारा बगैर डायवर्सन एवं टाउन एण्ड कंट्री प्लान से स्वीकृति लिए बिना ही विक्रय किया जा रहा हैं। इतना ही नहीं उक्त भूमि का मामला कमिश्नरी ग्वालियर में विचाराधीन हैं। तब ऐसी परिस्थिति में भूमि का विक्रय नहीं किया जा सकता। तब फिर उक्त भूमि का विक्रय किस आधार पर किया जा रहा हैं। श्रीमती गीता बाई एवं विमला बाई ने जिला प्रशासन से मांग की हैं कि उक्त भूमि विक्रय के मामले में शीघ्र हस्तक्षेप कर रोक लगाई जाए।

कलेक्टर निवास के सामने कट रही हैं अवैध कॉलोनी

शहर के बीचों बीच स्थित निजी स्वामित्य की कृषि भूमि में कलेक्टर निवास के सामने अवैध भू माफियाओं द्वारा जिलाधीश को मुंह चिड़ाते हुए खुलेआम प्लाटिंग  की जा रही हैं। उक्त भूमि का न तो विधिवत बटबारा ही कराया गया हैं तथा उक्त भूमि का मामला कमिश्नरी ग्वालियर में विचाराधीन हैं। साथ ही कृषि योग्य भूमि को आवासीय भूमि में भी परिवर्तित नहीं कराया गया हैं इतना ही नहीं टाउन एण्ड कन्ट्री प्लान के तहत स्वीकृति भी नहीं की गई हैं। जिसकी बजह से शासन को हजारों रूपए की क्षति का सामना करना पड़ रहा हैं।