एक नही तीन पेट्रोल पंप संचालक हुए ASP के नाम पर ठगी का शिकार, खाते होल्ड, मामला दर्ज

शिवपुरी। इन दिनों ठगों का आंतक इतना हो गया है कि इससे पुलिस भी अछूती नहीं है। अभी तक तो आपने सुना होगा कि पुलिस कर्मी ठगी का शिकार हुए है। परंतु आज जो खबर आई है वह और भी चौकाने बाली है। इस ठग गिरोह ने न केवल पुलिस कर्मीयों को गुमराह कर ठगी की बारदात को अंजाम दिया है। अपितु नाम भी शहर के एएसपी का लिया है। जिसमें उक्त आरोपीयों ने शिवपुरी पुलिस के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के नाम पर ठगी की बारदात को अंजाम दिया है।

हांलाकि अभी यह मामला जिले के कोलारस थाना क्षेत्र से आ रहा था। परंतु अब तीन और पेट्रोल पंप संचालक सामने आए है जिनके साथ उक्त तरह की ठगी हुई है।  इस घटना से पुलिस की किरकिरी हुई है। क्योंकि जिस ठग ने इस घटना को अंजाम दिया है, उस ठग ने थाने पर फोन लगाकर अपने आप को एडिशनल एसपी गजेंद्र सिंह कंवर बताया और उस ठग के झांसे में थाने का स्टाफ आ गया और कोलारस व सतनवाड़ा थाने के स्टाफ को देखकर पेट्रोल पम्प संचालकों ने ठग के खाते में मैनेजरों को पहुंचाकर 50-50 हजार रूपए जमा करा दिए।

लेकिन देर शाम जब खुलासा हुआ कि फोन पर बात करने वाला शख्स एडिशनल एसपी नहीं था। इसके बाद पेट्रोल पम्प संचालक थानों में पहुंचे और अपने साथ हुई ठगी का जिम्मेदार थाना स्टाफ को बताते हुए शिकायतें दर्ज करा दी। सतनवाड़ा पुलिस ने महावीर फिलिंग स्टेशन के मैनेजर लक्ष्मण ओझा की रिपोर्ट पर से अज्ञात ठग के खिलाफ भादिव की धारा 420 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया। जबकि कोलारस पुलिस ने सर्वेश फिलिंग स्टेशन के मैनेजर देवेंद्र सिंह यादव की रिपोर्ट से कायमी कर ली। सतनवाड़ा पुलिस ने ठगी का शिकार हुए रिहाना फिलिंग स्टेशन के मैनेजर की भी शिकायत दर्ज की है। ठग ने इस पेट्रोल पम्प के संचालक से भी 50 हजार रूपए ठगे हैं।

जानकारी के अनुसार 2 जनवरी गुरूवार को सुबह 11 बजे सतनवाड़ा स्थित महावीर पेट्रोल पम्प पर दीवान नवल सिंह और आरक्षक राजेश मिश्रा पहुंचे। जहां उन्होंने पम्प मैनेजर लक्ष्मण ओझा से कहा कि एडिशनल साहब अर्जेंट बात करना चाहते हैं। जिस पर मैनेजर ने पुलिसकर्मी द्वारा दिए गए मोबइल नम्बर 8287434650 पर बात की तो ट्रू कॉलर पर एडिशनल एसपी शिवपुरी लिखा आया।

फोन पर बात करने वाले शख्स ने अपना परिचय एडिशनल एसपी गजेंद्र सिंह कंवर के रूप में दिया और कहा कि मुझे बेटी की फीस जमा करनी है इसलिए अर्जेंट 50 हजार रूपए केस थाने भिजवा दो। यहीं बात उक्त ठग ने महावीर फिलिंग स्टेशन के सामने स्थित रिहाना फिलिंग स्टेशन के मैनेजर सुघर सिंह रावत से कही। इसके बाद दोनों मैनेजरों ने अपने-अपने मालिकों को उक्त फोन के बारे में बता दिया। बाद में ठग का फोन आया कि थाने पर रूपए भिजवाना ठीक नहीं रहेंगे। आप उनके खातों में जमा कर दें।

वह उन्हें 49 हजार 990 रूपए की एनईएफटी करके वह रूपए वापस कर देंगे और ठग ने उनसे कहा कि वह उन रूपयों की डीजल पर्चियां काटकर थाने पहुंचा दें। इसके बाद ठग के खाता क्रमांक 14470400000468 में 50 हजार रूपए जमा करा दिए। यह खाता चौधरी ब्रदर्स के नाम से लक्ष्मणगढ़ राजस्थान स्थित बैंक ऑफ बडौदा का था। बाद में मैनेजर के मोबाइल पर एनईएफटी का मैसेज आया। लेकिन खाते में राशि जमा नहीं हुई।

जिस पर मैनेजर ने उक्त मोबाइल नम्बर पर फोन लगाकर पूछा तो ठग ने उनसे कहा कि राशि उनके खाते में पहुंच जाएगी। इसके बाद वह मोबाइल बंद हो गए। बाद में भाजपा नेता अजीत जैन ने पुलिस कंट्रोल रूम से एडिशनल एसपी का नम्बर लिया और उस पर बात की तो एएसपी गजेंद्र सिंह कंवर ने कहा कि उन्होंने किसी से पैसे के लिए नहीं बोला। एडिशनल एसपी के इस कथन के बाद श्री जैन पूरा माजरा समझ गए और उन्होंने मैनेजर को थाने पहुंचाकर एफआईआर दर्ज करा दी।

ऐसी ही घटना कोलारस के सर्वेश फिलिंग स्टेशन के सैल्स मैनेजर देवेंद्र यादव के साथ 1 जनवरी को घटी थी। जहां आरक्षक दीनू रघुवंशी एवं आरक्षक ओम सिंह ने पेट्रोल पम्प के मैनेजर से एडिशनल एसपी से बात करने के लिए कहा था और उक्त आरक्षकों ने उन्हें नम्बर 8287434650 दिया था और ठग से बात होने के बाद उसके खाता क्रमांक 38610101710 में 49 हजार रूपए जमा करा दिए। यह खाता अंजना सिंह मानिकचंद के नाम से भारतीय स्टेट बैंक का था।  हांलाकि बताया अब यह जा रहा है जिस खाते में उक्त राशि ट्रांसफर कराई गई है। उसपर बैंक से होल्ड लगा दिया गया है। इस खाते में 12 लाख रूपए की राशि भी डली हुई बताई जा रही है।

इनका कहना है-
पुलिस मामले की तह तक जाएगी, चूकि थाना स्टाफ में अधिकतर स्टाफ को एसपी और एडिशनल एसपी के नम्बर याद नहीं रहते, इसमें पुलिसकर्मियों की कोई लापरवाही नहीं है। हमारा मुख्य काम उन दोषियों पर कार्रवाई करने का है, हम यहां स्टाफ पर कार्रवाई करके उलझना नहीं चाहते और जल्द ही मामले में बदमाशों तक पहुंच जाएंगे।
गजेंद्र सिंह कंवर, एएसपी शिवपुरी

ठगी करने वाले बदमाश काफी शातिर हैं और उन्होंने अपनी ठगी में पुलिस का उपयोग किया है, जो बहुत ही गंभीर बात है। ठगों ने तीन पेट्रोल पम्पों के साथ-साथ गांधी पेट्रेाल पम्प पर भी ठगी करने का प्रयास किया। लेकिन पेट्रोल पम्प संचालक समीर गांधी ने समझदारी का परिचय दिया और ठग के झांसे में नहीं आए। जिससे वह ठगी होने से बच गए। इस मामले का जल्द ही खुलासा कर दिया जाएगा। प्रदेश में भी ऐसे कई प्रकरण हुए हैं, उसकी जानकारी भी जुटाई जा रही है।
अमरनाथ वर्मा, एसडीओपी कोलारस

थाने पर दीवान नवल सिंह मौजूद थे, जिन पर एक फोन आया। जिस पर बोलने वाले शख्स ने अपने आप को एडिशनल एसपी बताया। जिससे दीवानजी उसके बहकावे में आ गए। चूकि दीवानजी को एडिशनल साहब का मोबाइल नंबर पता नहीं था। इसलिए वह ठग की बातों में आ गए और यह घटना घटित हो गई। हालांकि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है और जल्द ही ठग को पकड़ लिया जाएगा।
गब्बर सिंह गुर्जर,थाना प्रभारी सतनवाड़ा