शिवपुरी। वन विभाग की टीमें शुक्रवार को बामौरकला, सुलार घाटी, झलकुई के जंगलों में अवैध उत्खनन के खिलाफ कार्रवाई करने उतरीं। माफिया द्वारा उत्खनन करके रखे फर्शी पत्थरों को तोड़कर नष्ट किया गया है। 20 से अधिक स्थानों पर लाखों का फर्शी पत्थर नष्ट किया गया है।
वन विभाग की अलग अलग टीमें जंगल में अवैध फर्शी पत्थर की खदानों पर पहुंचीं। यहां माफिया द्वारा उत्खनन करके रखे फर्शी पत्थर को तोड़ दिया गया है। इस तरह माफिया की मेहनत पर वन विभाग ने पूरी तरह पानी फेर दिया है। रेंजर एमएस राणा का कहना है कि बीस से अधिक स्थानों फर्शी पत्थर तोड़ा है। तोड़े गए फर्शी पत्थर की लाखों रुपए कीमत बताई जा रही है।
नावली गांव में पत्थर माफिया ने डिप्टी रेंजर व फॉरेस्ट गार्ड पर जानलेवा हमला कर दिया था। फिर बुधवार-गुरुवार की रात बामौरकला के पास अवैध फर्शी पत्थर परिवहन करते समय ट्रॉली पलट गई जिससे मजदूर की मौत हो गई। दूसरे दिन वन विभाग ने टीमें बनाकर फर्शी पत्थर नष्ट कराया है।
वन विभाग की अलग अलग टीमें जंगल में अवैध फर्शी पत्थर की खदानों पर पहुंचीं। यहां माफिया द्वारा उत्खनन करके रखे फर्शी पत्थर को तोड़ दिया गया है। इस तरह माफिया की मेहनत पर वन विभाग ने पूरी तरह पानी फेर दिया है। रेंजर एमएस राणा का कहना है कि बीस से अधिक स्थानों फर्शी पत्थर तोड़ा है। तोड़े गए फर्शी पत्थर की लाखों रुपए कीमत बताई जा रही है।
नावली गांव में पत्थर माफिया ने डिप्टी रेंजर व फॉरेस्ट गार्ड पर जानलेवा हमला कर दिया था। फिर बुधवार-गुरुवार की रात बामौरकला के पास अवैध फर्शी पत्थर परिवहन करते समय ट्रॉली पलट गई जिससे मजदूर की मौत हो गई। दूसरे दिन वन विभाग ने टीमें बनाकर फर्शी पत्थर नष्ट कराया है।

