शिवपुरी। मध्य प्रदेश प्रगतिशील लेखक संघ की जिला इकाई ने विगत दिवस हिन्दी के जाने माने कथाकार स्वयं प्रकाश और इकाई के अध्यक्ष प्रोफेसर पुनीत कुमार के पिता एडवोकेट मदन गोपाल श्रीवास्तव को श्रद्धासुमन अर्पित करने के लिए एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया।
हाजी सन्नू मार्केट स्थित एक निजी व्यावसायिक संस्थान में आयोजित इस श्रद्धांजलि सभा में स्वयं प्रकाश को याद करते हुए प्रगतिशील लेखक संघ के जिला सचिव जाहिद खान ने कहा, स्वयं प्रकाश की कहानी का स्वर हमेशा जनवादी और प्रगतिशील रहा। उन्होंने साहित्य की कई विधाओं में एक साथ लेखन किया। प्रगतिशील लेखक संघ के मुखपत्र 'वसुधा' का संपादन, तो बच्चों के लिए बाल साहित्य भी रचा। उन्होंने एक दर्जन से ज्यादा कहानी संग्रह और पांच उपन्यास लिखे। स्वयं प्रकाश ने अपने साहित्य से समाज को नई रौशनी दिखाई। उनका साहित्य रौशनी का पुंज था।
प्रगतिशील लेखक संघ के जिला अध्यक्ष डाॅ. पुनीत कुमार ने स्वयं प्रकाश को अपनी श्रद्धांजलि व्यक्त करते हुए कहा, स्वयं प्रकाश प्रेमचंद की परम्परा के कथाकार थे। 'पार्टीशन', 'क्या तुमने कभी सरदार भिखारी देखा ?', 'बलि', 'नन्हा कासिद' उनकी चर्चित कहानियां हैं। उनके जाने से हिन्दी साहित्य को वाकई बहुत बड़ी क्षति हुई है।
मध्य प्रदेश हिन्दी साहित्य सम्मेलन के जिला अध्यक्ष कवि विनय प्रकाश जैन 'नीरव' ने स्वयं प्रकाश की कुछ कहानियों पर प्रकाश डालते हुए कहा, मैंने उनकी जो भी कहानियां पढ़ी हैं, उनमें मानवीय संवेदनाओं का ऐसा चित्रण हुआ है कि दिल दृवित हो जाता है। भाषा इतनी सरल कि आम आदमी भी उनकी कहानियों से जुड़ जाए। वे लोकप्रिय कथाकार थे।
जिन्हें 'राजस्थान साहित्य अकादमी पुरस्कार' 'पहल सम्मान', 'कथाक्रम सम्मान', 'वनमाली सम्मान' और 'भवभूति अलंकरण' जैसे सम्मानों से सम्मानित किया गया। एडवोकेट मदन गोपाल श्रीवास्तव को अपनी श्रद्धांजलि व्यक्त करते हुए ओमप्रकाश शर्मा ने कहा, मदन गोपाल श्रीवास्तव ने साल 1958-59 मेें बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय से लाॅ किया था और 60 साल तक उन्होंने लगातार बलरामपुर में वकालत की।
वे दो बार बलरामपुर बार कौंसिल के अध्यक्ष और दो बार ही सचिव पद पर चुने गए। गोंडा से अलग, बलरामपुर को जब जिला बनाने का आंदोलन चला, तो उन्होंने उसमें भी सक्रिय हिस्सेदारी की। वे अपनी जिंदगी के आखिरी समय तक सक्रिय रहे। श्रद्धांजलि सभा के अंत में दो मिनिट का मौन धारण कर दोनों ही हस्तियों को श्रद्धांजलि प्रकट की गई।

