कलेक्टर ने किया स्कूलों का औचक निरीक्षक,अनुपस्थिति शिक्षकों पर कार्यवाही के दिए निर्देश | Shivpuri News

शिवपुरी। कलेक्टर श्रीमती अनुग्रहा पी ने शिवपुरी जिले के विकासखण्ड पोहरी अंतर्गत गोद लिये शासकीय विद्यालयों का शुक्रवार को आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित शिक्षक एवं विद्यालय बंद पाए जाने की स्थिति में संबंधितों के विरूद्ध निलंबन एवं वेतनवृद्धि रोकने की कार्यवाही करने तथा छात्रों की स्थिति शून्य एवं शैक्षणिक स्तर कक्षा अनुसार न होने के कारण संबंधितों को कारण बताओं सूचना पत्र जारी करने के निर्देश दिए है।

कलेक्टर श्रीमती अनुग्रहा पी ने विकासखण्ड पोहरी के एकीकृत माध्यमिक विद्यालय परिच्छा, माध्यमिक विद्यालय जाखनौद, प्राथमिक विद्यालय जाखनौद, प्राथमिक विद्यालय सहराना जाखनौद, माध्यमिक विद्यालय मडखेड़ा, प्राथमिक विद्यालय मडखेड़ा का आकस्मिक निरीक्षण किया गया।

कलेक्टर श्रीमती अनुग्रहा पी ने विकासखण्ड पोहरी के एकीकृत माध्यमिक विद्यालय परिच्छा के निरीक्षण के दौरान विद्यालय में 14 शिक्षकों में से 05 शिक्षक अनुपस्थित पाए जाने, छात्र-छात्राओं की संख्या कम पाए जाने पर संबंधित अधिकारी को कार्यवाही करने के निर्देश दिए। इस दौरान माध्यमिक शाला में शाला प्रबंधन समिति की सचिव एवं प्रभारी श्रीमती रतना सोनी द्वारा शाला निधि की राशि के चैक जारी नहीं किए जाने की शिकायत किए जाने पर डीपीसी को तत्काल अध्यक्ष परिवर्तन करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालय में शौचालय एवं कक्षों में रोशनी की व्यवस्था सही नहीं पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त की।

कलेक्टर द्वारा माध्यमिक विद्यालय जाखनौद के निरीक्षण के दौरान एक शिक्षक अनुपस्थित पाए जाने पर कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने छात्र-छात्राओं की संख्या कम पाए जाने, कक्षा अनुसार शैक्षणिक स्तर नहीं पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त की। इस दौरान विद्यालय के किचिन शेड पर ग्रामीण के कब्जे की शिकायत प्राप्त होने पर अनुविभागीय अधिकारी पोहरी एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पोहरी को तत्काल कब्जा हटाने के निर्देश दिए।

 कलेक्टर श्रीमती अनुग्रहा पी ने प्राथमिक विद्यालय जाखनौद में एक शिक्षक, प्राथमिक विद्यालय सहराना जाखनौद में तीन शिक्षक, प्राथमिक विद्यालय मडखेड़ा एक शिक्षक अनुपस्थित पाए जाने तथा माध्यमिक विद्यालय मडखेड़ा दोपहर 2.25 बजे निरीक्षण के दौरान बंद पाए जाने पर संबंधित शिक्षक के विरूद्ध कार्यवाही करने और विद्यालयों की व्यवस्थाओं और छात्र-छात्राओं की संख्या में सुधार लाने के निर्देश दिए है।