1700 करोड के प्रोजेक्ट की भूमिका से शिवयोग के डारेक्टर सतेन्द्र सिंह ने खोले कई और बडे प्रोजेक्टो के द्धार | Shivpuri News

शिवुपरी। किसी शहर के विकास के लिए उस शहर में बडें उदयोग होने चाहिए तभी शहर का विकास हो सकता हैं। इस समय शहर में 17 सौ करोड रूपए के सॉलर पवार प्लाट का काम तेजी से चल रहा हैं। इसका निर्माण ग्रिनको और टाटा पावर मिलकर कर हैं। 

इस पवार प्रोजेक्ट को शहर में लाने की भूमिका में शिवयोग इन्फ्राटेक प्राईवेट लिमिटेड कंपनी के डारेक्टर के सतेन्द्र सिंह ने इस शहर में कई और बडे प्रोजेक्टो के आने के द्धार खुल गए है। ऐसे प्रोजेक्ट शिवपुरी के विकास में सहायक होंगें।


शिवयोग इन्फ्राटेक के डारेक्टर का मुख्य कार्य लैड लाईन का हैं। शहर के प्रसिद्ध कॉलोनाईजर हैं। इस प्राजेक्ट के विषय और उनकी कंपनी के बारे में हमारी संवाददाता खूश्बू शिवहरे ने बातचीत की। इस बातचीत से पूर्व सतेन्द्र सिंह का पूरा परिचय करते है। नाम सतेन्द्र सिंह सेंगर पिता का नाम स्व:श्री मेहताव सिंह सेंगर,शिक्षा एमएसी कार्य लैड लाईन ओर कालोनाईजर।

सतेन्द्र सिंह ने इस सॉलर पवार प्रोजेक्ट में आई समस्यो के विषय में कहा कि जब ग्रिनको कंपनी इस प्रोजक्ट के लिए लैंड तलाश रही थी,उसे लैंड नही मिल रही थी। इस प्रोजेक्ट शिफ्ट करने की प्लानिंग शुरू हो चुकी थी। इस प्रोजेक्ट को 1600 बीघा लैड की एक जगह आवश्यकता थी।

और इसके लिए कई शर्ते थी। शहर से दूर नही होना चाहिए,लैंड मे पानी भराव की समस्या न हो बिजली के पवार स्टेशन पास में हो। एक निश्चित रेट की जमीन हो। इस लैंड को तलाशने का कार्य हमारी कंपनी शिवयोग को सौपा गया। हमने ग्रिनको कंपनी के दिए गए निर्देशो के अनुसार कार्य योजना बनाई और 2 साल की कडी मेहनत के बाद यह लैड फायनल हुई।

कई टूकडो में इस लैंड को खरीदा गया। इतने सारे लोगो को एक साथ कन्वैंस करना एक बहुत बडी बात थी। तमाम आरोप लगे। लेकिन ईमानदारी से किया गया कार्य अवश्य सफल होता है। इसी का परिणाम है कि ग्रिनको और टाटा सौलर पावर इस शहर में 1700 करोड का इन्वेस्ट कर रही हैं।

शिवुपरी शहर मध्यप्रदेश के ऐसे स्थान पर हैं जिसकी सीमाओ से 2 प्रदेश झांसी और राजस्थान लगते है। दिल्ली और भोपाल की एक दूरी हैं,अपना शहर शांत हैं और बडी—बडी कंपनियो को यहां काम करने में काई परेशान नही आ सकती है। शिवपुरी के जनता मिलनसार है, और टाटा पावर सौलर के इस प्रोजेक्ट के सफल होने के कारण देश की नई नामी गिरामी कंपनी इस प्रोजेक्ट के सफलता हो देखते हुए अपने प्रोजेक्ट लगाने का प्लान कर रही है।

कई बडी ब्रांड कंपनियो के कंसलेटट हमारे संपर्क में हैं,बडे—बडे उदयोगो का प्लान चल रहा है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो आने वाले समय में कई बडे प्रोजेक्ट आपको अपने शहर में देखेने को मिल सकते है। इससे शहर में रोजगार के अवसर तो बढेंगें साथ में व्यापर में भी मदद मिलेगी।

सतेन्द्र सिंह सेंगर ने अपनी सफलता का मूलमंत्र बताते हुए कहा कि लगातार कार्य के लिए समर्पण,ईमानदारी,टारगेट के सफल वर्क प्लान और रिस्क लेने की क्षमता जिसमें होगी वह व्यक्ति अवश्य सफल होता हैं।

शिवयोग के डारेक्टर से पूछा गया आप कर्म या भाग्य में किस पर विश्वास करते हा। इसके जबाब  में कहा 99 प्रतिशत कर्म पर और 1 प्रतिशत भाग्य पर। कैसे तो सतेन्द्र सिंह ने कहा कि हर व्यक्ति कि किस्मत का निर्माण उसके कर्म करते हैं। हमारा महान ग्रंथ गीता भी कहता हैं कि अच्छे और संस्कार युक्त कर्म होंगें तो उसके परिणाम आपके हित में ही होंगी।

जैसे कर्म करोगें वैसे ही फल मिलेंगा। अगर आपके कर्म संस्कार युक्त होंगें तो अवश्य ही आपको आपके कर्म का अच्छा फल मिलेगा। और संस्कार युक्त कर्म आपके भाग्य का निर्माण करते हैं फर्क इतना हैं कि किसी को सफलता कम समय में मिलती है ओर किसी को अधिक समय में मिलती अवश्य हैं।

अपनी सफलता के श्रेय में बातचीत करते हुए कहा कि अपने आध्यत्मिक गुरू,अपने कार्य योजना और अपनी टीम को देना चाहूंगा। समाज कैसा होना चाहिए इस पर सतेन्द्र सिंह ने कहा समाज दिमागी और शारिरिक रूप से स्वस्थय होना चाहिए,अपने आगे बढने के लिए किसी को गिरा कर नही बढे,अपनी कार्यक्षमता से आगे बढे। सभी को मानव धर्म पर चलना चाहिए।

आज कि किताबी शिक्षा और नैतिक शिक्षा में क्या अंतर हैं। इस पर शिवयोग के डारेक्टर ने कहा कि किताबी शिक्षा के बल पर लोग डिग्री तो प्राप्त कर सकते है,नौकरी प्राप्त कर सकते है,किसी प्राईवेट कंपनी में अच्छी जॉब् कर सकते हैं अपना बिजनिस कर सकते हैं,लेकिन सफलता और लोकप्रियता नैतिक शिक्षा के आधार पर ही प्राप्त कर सकते हैं।