20 फुट के गणेश होंगें आर्कषण का केन्द्र, जिले मे 2 करोड़ का कारोबार बढ़ाएंगे विघ्नहर्ता | Shivpuri News

शिवपुरी। कल गणेश चतुर्थी का प्रथम दिन हैं,घर-घर कल श्रीजी विराजने का दिन हैं,वैसे तो शहर में गणेश उत्सव बडी ही धूमधाम से मनाया जाता हैं। नगर में कई स्थानो पर बडे-बडे पंडालो में गणेश धूमधाम से विराजित होंगें। इस बार शहर में 20 फुट के गणेश जी की प्रतिमा आर्कषण का केन्द्र होंगी। एक अनुमान के मुताबिक इस साल जिले में गणेश जी का त्यौहार 2 करोड का कारोबार बढाने में मदद करेंगें।

विदित हो कि शिवपुरी मेें गणेश उत्सव शुरू करने के परपंरा आजादी से पूर्व सिंधिया राजवंश की महारानी जीजाबाई ने शुरू की थी और शहर ने इस परपंरा को आज तक जीवित रखा है। इसे शिवपुरी का गणेश उत्सव कहा जाता था, लेकिन एक समिति ने इसका नाम बदलकर श्री गणेश सांस्कृतिक समारोह कर दिया। इस गणेश उत्सव का मुख्य आर्कषण पंडाल में बैठे गणेश जी के अतिरिक्त अनुत चौदहस की रात का होता हैं। इस दिन शहर की लाखो जनता शहर की सडको पर होती हैं।

इस साल भी शहर ने गणेश उत्सव की तैयारी शुरू कर दी। शिवपुरी में गणेश की प्रतिमा बनाने वाले मुर्तिकारो का कहना हैं कि इसकी तैयारिया हम 3 माह पूर्व शुरू कर देते हैं। शहर के संतोष माहौर ने शहर की सबसे बडी गणेश जी की 20 फुट की प्रतिमा बनाई हैं,जिसकी तैयारी 3 माह पूर्व ही शुरू कर दी थी। इस गणेश की जी प्रतिमा की कीमत 1 लाख रूपए आकी जा रही हैं लेकिन यह प्रतिमा वही फिजीकल पर विराजेगी। मुर्तिकार ने इस प्रतिमा को अपनी ओर से अपने मोहल्ले की समिति के लिए बनाई हैं इसका कितना मेहनताना मिलेंगा इसका जवाब मुर्तिकार ने नही दिया।

वही शहर के मुर्तिकार नरेश महौर ने 13-13 फुट की 4 प्रतिमाओ के सहित तमाम छोटी बडी मुर्तियो का निर्माण किया हैं 13 फुट की एक प्रतिमा की कीमत 65000 रूपए बताई जा रही हैं। यह प्रतिमा शहर के विभिन्न पंडालो में विराजमान होंगी। वही शहर के एक अन्य मुर्तिकार अमरलाल महौर ने 99 मुर्ति 8 से लेकर 12 फुट की बनाई हैं। वह भी शहर के साथ जिले में गई हैं।

शहर में गणेशजी की आगरा-हाथरस 40 गाडिया आई है। गणेश जी का थोक काम रकने वाले व्यारियो ने इनको मंगाया हैं। उन्होने बताया कि 4 माह पूर्व से हमने माल मंगाना शुरू कर दिया हैं। हमेशा छोटे व्यापारी इन को खरीद कर ले जाते हैं। साथ में पडौसी जिले अशोकनगर गुना और  के कुछ व्यापारी भी हर साल हमसे माल खरीद कर ले जाते हैं। एक अनुमान के हिसाब से 1 करोड रू की गणेश जी की मुर्तिया शहर के थोक व्यापरियो ने मगांई हैं,और लगभग 1 करोड रूपए की मुर्तिया शिवपुरी में ही निर्मित हुई है।

शिवपुरी में स्व:मातादिन माहौर ने इस शहर में मुर्तियो का निर्माण शुरू किया था। अब इनके लगभग 8 परिवारो की अजीविका मुर्तियो के निर्माण से चलती हैं। स्व:मातादिन माहौर की तीसरी पीढी अब इस काम में जुट गई हैं। हो सकता हैं कि तीसरी पीढी के मुर्ति निर्माण की सधी हुई कला आपके घर में गणेशजी के रूप में स्थापित होंगी।