शिवपुरी। ज्योतिरादित्य सिंधिया जानना चाहते हैं कि जनता ने उन्हे वोट क्यों नहीं दिया। हम पूरे 5 साल तक यह बताते रहेंगे कि उनके और दूसरे नेताओं के बीच क्या अंतर है। हम यह भी बताते रहेंगे कि कितनी सरकारी योजनाएं प्रदेश के किन क्षेत्रों को मिल रहीं हैं और क्या कुछ है जो शिवपुरी को नहीं मिलता, जबकि सिंधिया के प्रचारक कहते थे कि यहां एतिहासिक विकास हुआ है।
आज बात सरकारी विश्वविद्यालय की है। ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक उन्हे कमलनाथ से ज्यादा जनहितैषी, लोकप्रिय और ताकतवर मानते हैं लेकिन कमलनाथ ने अपने छिंदवाड़ा में सरकारी यूनिवर्सिटी खोलने के लिए मप्र विवि विधेयक में संशोधन करवा दिया। नियम बदल दिए गए और छिंदवाड़ा के लिए यूनिवर्सिटी पारित हो गई।
नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव जिद पर अड़ गए और उन्होंने विधेयक में तभी संशोधन होने दिया जब कमलनाथ ने आश्वासन दे दिया कि अगली सरकारी यूनिवर्सिटी उनके क्षेत्र सागर में होगी। ज्योतिरादित्य सिंधिया की प्रिय शिवपुरी के लिए उच्च शिक्षा विभाग के बजट में ऐसा कुछ भी नहीं मिला जो यह दर्शाता हो कि शिवपुरी विशेष है, क्योंकि वो 'सिंधिया का शहर' है। हां द सिंधिया स्कूल की जमीन का बिना ब्याज आवंटन जरूर हो गया।

