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यशोधरा राजे सिंधिया ने सीवर और भूदान यज्ञ बोर्ड की मामला विधानसभा में उठाया, जवाब मिला सीवर जैसा लिपा पुता

शिवपुरी। शिवपुरी के बहुचर्चित और बहुत हद तक सनसनी खेज मामलों में शिवपुरी विधायक यशोधरा राजे सिंधिया ने अपनी भकुटियां विधानसभा में टेेडी कर ली हैं। उन्होंने सीवर प्रोजेक्ट को विधानसभा में उठाते हुए उसकी गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं वहीं भू दान यज्ञ बोर्ड की जमीनों को उन्होंने विधानसभा के पटल पर लाने और सरकार की आंखें खोलने का काम भी बखूबी किया हें।

विधायक ने सीवर  प्रोजेक्ट में पूछा है कि शिवपुरी शहर में कितनी लम्बाई में किस फर्म से सीवर प्रोजेक्ट का कार्य कराया जा रहा हैं और कितनी गहराई में किस माफ के पाईप लगाए गए हैं। साथ ही चैंबर निर्माण की गुणवत्ता की जांच किसके द्वारा कराई गई साथ ही कितनी लागत का कार्य किया जा चुका हैं। सवीर योजना का कार्य कब तक पूर्ण किया जाएगा और इसका लाभ जनता को कब तक मिलेगा।

इसके जवाब में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकीय मंत्री सुखदेव पांस ने बताया कि 9200.00 लाख की लागत से 109.98  किलोमीटर सीवर लाईन बिछाने का कार्य मेसर्स जैन एण्ड रॉय कंन्स. कंपनी ग्वालियर तथा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का कार्य मेसर्स जी.एस.जे. इन्वो, नई दिल्ली से कराया जा रहा हैं। सीवर योजना के अंतर्गत 1.50 मीटर से 11.50. मीटर गहराई में 150 मि.मी. व्यास से 1100 मि.मी. व्यास के आरसीसी सहित एस.डब्ल्यू सीवर पाइप लगाए गए हैं ।

चेम्बर निर्माण कार्य में उपयोग होने वाली सामिग्री की गुणवत्ता की जांच माधव तकनीकी एवं विज्ञान संस्थान ग्वालियर, डी.जी.एस. एण्ड डी कानपुर तथा वीनस टेस्टिंग एवं रिसर्च लेबोरेटरी खुरई रोड़ इण्डस्ट्रीज एरिया बीना जिला सागर से कराई गई हैं। अभी तक रूपए 8155.30 लाख का कार्य किया जा चुका है। दिसम्बर 2019 तक यह कार्य पूर्ण होना संभावित किया है।
 
वहीं विधायक यशोधरा राजे सिंधिया ने शिवपुरी जिले में अनुसूचित जनजाति के व्यक्तियों को पट्टे पर दी गई शासकीय भूमि एवं भूदान यज्ञ बोर्ड के अंतर्गत आवंटित भूमि पर अन्य लोगों के कब्जे संबंधित कितने प्रकरण विचाराधीन हैं। विचाराधीन प्रकरणों का निराकरण कब तक किया जाएगा।

इन आवंटित की गई जमीन पर से अन्य लोगों द्वारा किए गए कब्जों को हटाने के संबंध में कितनी शिकायतें की जा चुकी हैं और इन पर कार्यवाही क्यों नहीं की जा रही हैं। इसके जवाब में राजस्व मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने भूदान यज्ञ बोर्ड के अंतर्गत पट्टे के 24 प्रकरण निगरानी में लिए गए हैं जो न्यायालय में विचाराधी हैं।

वहीं लंबित प्रकरणों में आगामी 15 जुलाई तक निर्धारित की जाकर प्रकरणों का निराकरण न्यायालयीन प्रक्रिया अनुसार किया जाएगा। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि प्रकरणों का निराकरण समय सीमा किया जाना संभव नहीं हैं। साथ ही इस संबंध अभी तक कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।