हार के इतने फैक्टस आए कि सिंधिया भी कन्फ्यूज, शिवपुरी समाचार की खबरों पर मुहर लगी | Shivpuri News

ललित मुदगल @ एक्सरे / शिवपुरी। कल ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपनी हार समीक्षा बैठक ली, 4 घंटे तक चली इस इस मैराथन बैठक में हार के इतने फैक्ट्स निकल कर सामने आ रहे हैं, कि स्वयं ज्योतिरादित्य सिंधिया को अपनी हार के कारण समझ नही आए होगें इस कारण ही उन्होने बयान दिया कि शायद मेरे अंदर ही कोई कमी रह गई होंगी लेकिन कल की इस समीक्षा बैठक के शिवपुरी समाचार डॉट कॉम की खबर पर अवश्य मुहर लग गई है। आईए पुन: पूर्व सासंद सिंधिया ओर इस समीक्षा बैठक में उड़े जवाबों का एक्सरे करते हैं।

जैसा कि विदित हैं कि साेमवार की सुबह कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया काली माता मंदिर के सामने जनसंपर्क कार्यालय पर ब्लॉक और मडलम् प्रभारियों से एक-एक कर बंद कमरे में मिले। उन्होंने शिवपुरी, कोलारस और पिछोर विधानसभा क्षेत्रों के 12 ब्लॉक अध्यक्ष और 48 मंडलम् प्रभारियों से एक-एक कर बातचीत की। बातचीत का दौर चार घंटे चला। सिंधिया ने सभी से हार की वजह जानी।

सिंधिया से वन टू वन की चर्चा में मिलने पहुंचें कांग्रेस के नेताओ ने हार के कारण में बताया कि मोदी की राष्ट्रवाद की लहर, केन्द्र की धरातल पर उतरी योजना, स्वयं कांग्रेस पार्टी तो वहीं कुछ ने बसपा प्रत्याशी को कांग्रेस में शामिल करना भी भूल कहा। इसके चलते धाकड वोट भाजपा को मिलने की बात कही तो यादव प्रत्याशी होने के चलते तीनों जिलों में ध्रवीकरण हो जाने के अलावा रघुवंशी एवं लोधी वोट न मिलने को भी कांग्रेसियों ने वजह बताया है। उन्होंने लिखकर भी कमियों में यह बिंदु भी शामिल किए हैं।

सूत्रो की कहना हैं कि कुछ कांग्रसियों ने कहा कि हार का कारण मंत्रियो का आभा मण्डल भी रहा। मंत्रियो की दखल अंदाजी और कुछ खास चेहरो से घिरे रहने की वजह से आम कार्यकर्ता ने खुद को अपेक्षित महसूस कर रहे थे।

कुछ कांग्रेसियो का कहना था कि हमने पूरी मेहनत की कोलारस में भाजपा के कई बूथ ऐसे थे जिन पर भाजपा का पोलिंग ऐजेंट भी नही था और ऐसी पोंलिंगो पर हम हारे, हम मतदाता के मूड को भापने में नकायब रहे। यह भी एक हार का कारण गिनाया जा रहा था। कुल मिलाकर सिंधिया को हारने के इतने कारण सामने आ गए कि स्वयं सिंधिया भी कन्फयूज हो गए कि हार का असली कारण कौन सा हैं। 

अभी तक ऐसा माना जा रहा था कि सिंधिया अजेय है, लेकिन मोदी की प्रचंड लहर में सिंधिया हारे नही है रन आउट हो गए। सिंधिया की हार पर वह भी दुखी हुआ जो भाजपा को वोट करके आया। हार की मंथन की खबरों में शहर ने यह खबर सबसे ज्यादा पढने मेें रूचि रखी कि सिंधिया अपनी हार को कैसे फेस कर रहे है। जनता को क्या संदेश देना चाह रहे हैं और सबसे बडा सवाल यह था कि सिंधिया अपना क्षेत्र तो नही छोड देंगें लेकिन मीडिया को कल दिए गए बयान में उन्होने स्पष्ट किया की परफैक्ट कोई नही होता हैं, मे अब सासंद नही हूं, लेकिन जनसेवक अवश्य हूं मै जनसेवक के रूप में जनता की सेवा करता रहूंगा।

शिवपुरी समाचार के उक्त खबर बैठी सटीक
शिवपुरी समाचार डॉट कॉम ने अपने सबसे लोकप्रिय कॉलम में बीच चुनाव में एक खबर प्रकाशित की जिसका शीर्षक था कि 'सिंधिया के शरणागत होने के बाद गले की फांस बन रहा है बसपा का प्रत्याशी लोकेन्द्र सिंह'। इस खबर में स्पष्ट लिखा था कि बसपा के प्रत्याशी लोकेन्द्र सिेह के कांग्रेस में शामिल होने के कारण बसपा का मूल वोटर कांग्रेस से नाराज हो गया। जो बसपा का मूल वोटर है वह अगर बसपा का प्रत्याशी मैदान में नही होता तो उस वोटर को कांग्रेस का शुद्ध् वोटर माना जाता हैं, तो वही धाकड मतदाता भी अब सिंधिया से नाराज हो गया हैं। इस कारण उक्त दोनों तरह के वोटरों ने कांग्रेस से दूरी बना ली। यह बात सिंधिया की हार की समीक्षा बैठक में उठी थी।

इस एक्सरे पर लगी मुहर
सांसद सिंधिया के चुनाव हारने के बाद शिवपुरी की मीडिया ने अपने अपने हिसाब से समीक्षा थी कि लेकिन शिवपुरी समाचार ने अपने कॉलम में सिंधिया की हार की समीक्षा की थी। खबर में जो हार के कारण गिनाए गए थें वे ही सब कारण सिंधिया को कांग्रेसियों ने बताए। हार की इस समीक्षा बैठक में शिवपुरी समाचार की खबरो की उच्च श्रेणी की पत्रकारता पर मोहर लग गई।