पानी के लिए हाहाकार: 2 किलोमीटर से ला रहे है पानी, MPs and MLAs निधि के टैंकरों का हो रहा है दुरूपयोग | KOLARAS, SHIVPURI NEWS

कोलारस। खबर जिले के कोलारस अनु विभाग के ग्रामीण अंचलों में पानी के लिए इस भीषण गर्मी में आहाकार मचा हुआ दिखाई दे रहा है ग्रामीण अंचलों में देर सुबह से लेकर देर रात्रि तक ग्रामीण लोग पानी की जुगाड़ में इधर-उधर भटकते हुए दिखाई दे रहे हैं पीएचई विभाग में बजट आने के बावजूद भी खराब पड़े हुए हैंडपंपों को नहीं सुधारा जा रहा जिसके चलते PHE विभाग की लापरवाही स्पष्ट दिखाई दे रही है कोलारस पीएचई विभाग में पदस्थ अधिकारी ग्रामीणों की समस्या की ओर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहे।

जिसके चलते ग्रामीण अंचलों में हैंडपंप महीनों से खराब पड़े हुए हैं सूचना आवेदन देने के बावजूद भी पीएचई विभाग केअधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे है और हेडपंप आज भी खराब हालत में शोपीस बने हुए हैं। लाखों रुपए का बजट पीएचई विभाग के अधिकारी हजम कर रहे हैं और कागजों में मोटर डालकर हेडपंप सुधारना बता रहे हैं। साथ ही लाखों रूपए की शासन को चपत लगा रहे हैं। पीएचई विभाग जो कि जगतपुर में स्थित है खुलने के समय भी वीरान नजर आ रहा है यहां पर पदस्थ जिम्मेदार अधिकारी ने तो फोन उठाते हैं और ना ही खराब पड़े हुए हैंडपंप की शिकायत आने के बावजूद भी उनको ठीक तक नहीं  कर पाते हैं इसके चलते ग्रामीण दो किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद खेतों कुओ से पानी लाने को विवश दिखाई दे रहे हैं।

इन ग्रामीण अंचलों में पानी के लिए मची हाय तौबा

कोलारस विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों में पानी के लिए लोग रतजगा कर रहे हैं और रात रात भर जाकर इधर उधर से पानी लाकर अपनी प्यास बुझा पा रहे हैं क्षेत्र में स्थित सभी नदियां इस भीषण गर्मी में पूरी तरह से सूख चुकी हैं ग्रामीण क्षेत्रों में खेत खलियान पर लगी हुई बोरों से पानी ग्राम में जो बाजार पा रहे हैं वह भी तब मिल पाता है जब 2 से 3 किलोमीटर की दूरी  ग्रामीण तयकर लेते हैं तब जाकर उनको पानी बड़े नसीब से मिल पाता है कोलारस तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण अंचल राजगढ़ रामपुरी अटा मानपुरखरई डेहरवारा गोराटीला सेमरी चंदनपुरा बरखेड़ा टीला किलावनी खोकर कुल वाला मडीखेड़ा सेसई सडक़ मोहराई जूर भाटी चिलाबद खेरोना डोडयाई.डगोरा इमलावदी शकरगढ मोहरा मकरारा  डोगरपुर देहरोद कोटानाका   वेरखेडी।

ढीमरपुरा,वेरसियाकालोनी सहित अनेक ग्रामों में हैंडपंप खराब पड़े हुए हैं नल जल योजना अधिकांश ग्राम पंचायतों में चालू होने के बाद से ही बंद पड़ी हुई है और  लाखों रुपए का बजट पीएचई विभाग सहित पंचायत के कर्ताधर्ताओने मिल बाटकर हजम कर लिया अधिकांश आदिवासी बाहुल्य ग्रामों से आदिवासी लोग पानी के लिए पलायन तक कर चुके हैं अधिकांश ग्रामीण लोग भी कोलारस  शिवपुरी निवास कर रहे हैं जबकि प्रति वर्ष गर्मी आने से पहले ही जिला कलेक्टर द्वारा ग्राम के कर्ताधर्ता ओं कोगमी पूर्व पानी की व्यवस्था करने के आदेश दिए जाते हैं परंतु ग्राम पंचायतों में पदस्थ सरपंच सचिव ग्रामीण लोगों की पानी की समस्या की ओर कतई ध्यान नहीं देते जिसके चलते ग्रामीण लोग इस भीषण गर्मी में पानी के लिए इधर-उधर भटकते हुए जनप्रतिनिधियों से लेकर पीएचई विभाग के आला अधिकारियों को कोसते हुए दिखाई दे रहे हैं।

सांसद सहित विधायक निधि से दिए गए टैंकरों का हो रहा है दुरुपयोग

पूर्व सांसद सहित पूर्व विधायक द्वारा अपनी निधि से ग्राम पंचायतों को दिए गए पानी के टैंकरों का अधिकांश ग्राम पंचायतों में अता पता ही नहीं है और अधिकांश टेकरतो कोलारस से लेकर शिवपुरी में ग्राम पंचायतों के सरपंचो ओर दबंगों के यहां रखे हुए हैं अधिकांश टैंकरों का उपयोग कोलारस में बन रहे मकानों में खुलेआम किया जा रहा है सांसद निधि से लेकर विधायक निधि द्वारा ग्रामीण अंचलों में जहां जहां पानी की विकराल समस्या थी।

वहां के सरपंच सचिव को टैंकर प्रदान किए गए थे परंतु इन टैंकरों का अता पता ही नहीं है और अधिकांश टैंकरों से कोलारस में मकानों का निर्माण किया जा रहा है कोलारस जनपद पंचायत मैं पदस्थ जिम्मेदार अधिकारी से टैंकरों के दुरुपयोग के बारे में पूछा जाता है तो वह टालमटोल जवाब देकर पल्ला झाड़ लेती हैं परंतु आज तक उन्होंने इनटेकरो के बारे में पंचायत में जानकारी ही नहीं ली जिसके चलते टैंकरों का दुरुपयोग खुलेआम जारी बना हुआ है और ग्रामीण लोगों को इन टैंकरों से कोई लाभ प्राप्त नहीं हो पा रहा है कुल मिलाकर ग्रामीण अंचलों में प्रदान किए गए टैंकरों के बारे में पता करना चाहिए और टैंकरों का होरहे दुरुपयोग पर अंकुश लगाकर जिम्मेदारों को नोटिस देना चाहिए जिससे इन टैंकरों का लाभ ग्रामीण क्षेत्रों में आ रही पानी की समस्या को कुछ हद तक कम करने मैकिया जा सके।