यह कैसी एजेंसी उपभोक्ताओं की रसोई गैस वाली किताब बहार फैक दी, सवाल बडा हैं

Adhiraj Awasthi
खनियाधाना। नगर की एकमात्र मां वैष्णो इंडेन गैस एजेंसी इन दिनों उपभोक्ताओं के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गई है। हालात यह हैं कि ऑनलाइन बुकिंग कराने के एक महीने बाद भी लोगों को गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। परेशान उपभोक्ता रोजाना एजेंसी के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें राहत मिलने के बजाय टालमटोल और अव्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है।

उपभोक्ताओं का आरोप है कि एजेंसी पर न तो समय पर सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं और न ही कोई स्पष्ट व्यवस्था है। कभी देर रात 9 बजे आने को कहा जाता है तो कभी सुबह 4 बजे लाइन में लगने के निर्देश दिए जाते हैं। इस अव्यवस्था के चलते आम लोगों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो रही है।

मामले को और गंभीर तब बना दिया, जब उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी के आरोप भी सामने आने लगे। कई ग्राहकों ने बताया कि ऑनलाइन बुकिंग और भुगतान के बाद एजेंसी कर्मचारियों के फोन आते हैं, जिनमें तत्काल सिलेंडर देने का झांसा देकर ओटीपी मांगा जाता है। जैसे ही उपभोक्ता ओटीपी साझा करता है, उसे फिर से नकद पैसे देने और लाइन में लगने को कहा जाता है। विरोध करने पर कर्मचारियों द्वारा अभद्र व्यवहार तक किया जा रहा है।

क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि सिलेंडरों की खुलेआम ब्लैक मार्केटिंग की जा रही है। कुछ उपभोक्ताओं का आरोप है कि अतिरिक्त पैसे देने पर ही सिलेंडर उपलब्ध कराया जाता है, जबकि सामान्य उपभोक्ताओं को हफ्तों इंतजार करना पड़ता है।

लापरवाही की हद-फेंक दीं उपभोक्ताओं की किताबें

एजेंसी की मनमानी का आलम यह है कि उपभोक्ताओं की कनेक्शन पुस्तिकाएं (किताबें) एजेंसी के बाहर फेंक दी गईं। ग्राहक अपनी ही किताबें ढूंढते नजर आए। ऐसी स्थिति में अगर किसी की किताब खो जाए तो उसे सिलेंडर मिलना लगभग असंभव हो जाएगा।

चंद्रेश जैन (उपभोक्ता)
20-25 दिन पहले बुकिंग की थी, लेकिन आज तक सिलेंडर नहीं मिला। हर बार अलग-अलग समय पर आने को कहा जाता है।”
आनंद जैन (उपभोक्ता)
“ऑनलाइन भुगतान के बाद कर्मचारी ने ओटीपी मांगा और तुरंत सिलेंडर देने का भरोसा दिया, लेकिन बाद में नकद पैसे मांगने लगे।”
बल्लू केवट (उपभोक्ता)
“पांच दिन से एजेंसी के चक्कर काट रहा हूं, कह रहे हैं 2000 रुपये दो तभी सिलेंडर मिलेगा।”

अधिकारियों की चुप्पी पर सवाल

इस पूरे मामले में सबसे चिंताजनक बात यह है कि लगातार शिकायतों के बावजूद संबंधित अधिकारी अब तक मौन साधे हुए हैं। इससे एजेंसी संचालक के हौसले और बढ़ते नजर आ रहे हैं।

हालांकि, एसडीएम पिछोर ममता शाक्य ने कहा कि उन्हें इस प्रकार की शिकायतें मिली हैं। वीडियो और शिकायतें उपलब्ध कराएं, जांच कराकर दोषी पाए जाने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, एजेंसी संचालक वैष्णवी भारद्वाज से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।