पोहरी। शिवपुरी जिले की पोहरी नगर परिषद एक बार फिर विवादों में घिर गई है। नगर परिषद में वित्तीय अनियमितताओं और करोड़ों रुपए के कथित गबन को लेकर उच्च अधिकारियों को शिकायत भेजी गई है, जिससे प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। मामले में नगर परिषद अध्यक्ष और मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं।
शिकायत के अनुसार, 5 अगस्त 2025 से लेकर 13 अप्रैल 2026 तक स्वच्छ भारत मिशन (SBM) के तहत नगर परिषद पोहरी में लगातार विभिन्न विद्युत और अन्य उपकरणों की खरीद की गई। इनमें CCTV कैमरे, वाहन, ओपन जिम, LED लाइट्स और कंक्रीट पाइप जैसी सामग्री शामिल है। आरोप है कि इन सभी खरीदारियों और भुगतान की प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया गया।
बताया गया है कि इन कार्यों के लिए न तो सक्षम प्राधिकारी से पूर्व स्वीकृति ली गई और न ही अधीक्षण अभियंता से सत्यापन कराया गया। इसके बावजूद CMO द्वारा लगातार भुगतान किए जाते रहे। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस अवधि में लगभग 3 करोड़ रुपए का भुगतान बिना आवश्यक अनुमोदन के कर दिया गया।
इस पूरे मामले को लेकर शिकायतकर्ता माखन सिंह धाकड़ जिला अध्यक्ष राष्ट्रीय भ्रष्टाचार उन्मूलन समिति शिवपुरी ने आरोप लगाया है कि यह एक बड़ा घोटाला है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में कई बार आयुक्त नगरीय प्रशासन, संयुक्त संचालक ग्वालियर और कलेक्टर शिवपुरी को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
धाकड़ ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासनिक स्तर पर निष्पक्ष जांच नहीं हुई और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो वह इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण राज्य के राजकोष को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है।
शिकायत में संबंधित अधिकारियों से मांग की गई है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं पर अंकुश लगाया जा सके।
%20(11).webp)