शिवपुरी से बादल अभी नहीं होंगे विदा, फिर होगी बारिश, न्यूनतम तापमान पहुंचा 18 डिग्री पर

Adhiraj Awasthi

शिवपुरी। जिले में इन दिनों मौसम लगातार अजीब रंग दिखा रहा है। एक ओर अप्रैल की शुरुआत के साथ तेज गर्मी पड़ने की उम्मीद थी, लेकिन दूसरी ओर बारिश, ओलावृष्टि और सर्द हवाओं ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। शनिवार देर शाम शहर सहित जिले के कई हिस्सों में तेज बारिश हुई, जबकि कोलारस, बदरवास और पिछोर क्षेत्र में ओलावृष्टि भी दर्ज की गई। अब मौसम विभाग ने 8 अप्रैल को एक बार फिर मौसम बिगड़ने और बारिश होने की संभावना जताई है।

बीते दिनों हुई बारिश और ओलावृष्टि के बाद जिले के तापमान में अचानक गिरावट दर्ज की गई है। हालात ऐसे बने कि अप्रैल की गर्म रातों की जगह लोगों को सर्दी का अहसास होने लगा। रविवार को न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि अधिकतम तापमान 34 डिग्री से गिरकर 30 डिग्री पर आ गया। मौसम में आई इस ठंडक ने लोगों को कुछ राहत जरूर दी, लेकिन किसानों के लिए यह राहत चिंता में बदलती दिखाई दे रही है।

8 अप्रैल पर टिकी नजर, फिर सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ
मौसम विभाग के अनुसार यह पूरा बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हो रहा है। अभी एक-दो दिन मौसम सामान्य रहने की संभावना है, लेकिन 7 या 8 अप्रैल को नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से शिवपुरी जिले में फिर से तेज बारिश, गरज-चमक और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की स्थिति बन सकती है। ऐसे में जिले का मौसम एक बार फिर करवट ले सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अप्रैल के शुरुआती दिनों में इस तरह का उतार-चढ़ाव असामान्य जरूर लगता है, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने पर उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में इस तरह का मौसम बन जाता है। यही कारण है कि गर्मी की शुरुआत के बीच भी शिवपुरी जिले में ठंडी हवाओं और बूंदाबांदी का दौर देखने को मिल रहा है।

बारिश से राहत भी, किसानों की मुश्किल भी
बारिश और ओलावृष्टि का असर सबसे ज्यादा खेतों में दिखाई दिया है। खासकर उन इलाकों में जहां गेहूं की कटाई के बाद फसल खेतों में पड़ी हुई है, वहां परेशानी बढ़ गई है। नरवर क्षेत्र में बारिश के कारण खेतों में रखी गेहूं की फसल भीग गई, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि राहत की बात यह रही कि अधिकतर क्षेत्रों में गेहूं की कटाई लगभग पूरी हो चुकी है, इसलिए बड़े नुकसान की खबर सामने नहीं आई है।

लेकिन जिन खेतों में बारिश और ओले साथ में गिरे, वहां अब थ्रेसिंग का काम दो से तीन दिन तक प्रभावित रह सकता है। भीगी हुई फसल को सुखाए बिना मशीन से निकालना मुश्किल होगा। इसका सीधा असर किसानों के श्रम, समय और लागत पर पड़ सकता है।

कृषि विभाग ने क्या कहा
कृषि अधिकारी पान सिंह करौरिया के अनुसार, बीते दिनों हुई ओलावृष्टि से जिले में किसानों को बड़े स्तर पर नुकसान नहीं हुआ है, क्योंकि करीब 95 प्रतिशत गेहूं की फसल की कटाई पहले ही हो चुकी थी। उन्होंने बताया कि जहां खड़ी फसल या कटी हुई उपज बारिश से गीली हुई है, वहां किसानों को कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे किसानों को सलाह दी गई है कि वे फसल को अच्छी तरह सूखने दें, तभी आगे की प्रक्रिया करें।

रात में सर्दी, दिन में गर्मी-अजीब बना मौसम
शनिवार रात हुई बारिश के बाद जिलेभर में पूरी रात ठंडी हवाएं चलती रहीं। रविवार सुबह भी मौसम में ठंडक बनी रही, जिससे लोगों को अप्रैल में भी फरवरी जैसी हवा महसूस हुई। हालांकि मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सोमवार और उसके बाद धूप तेज निकली, तो तापमान फिर बढ़ सकता है। लेकिन 8 अप्रैल को यदि फिर से बारिश होती है, तो गर्मी और ठंड के बीच यह असमंजस भरा मौसम कुछ दिन और बना रह सकता है।

आगे क्या ?
मौसम विभाग का अनुमान है कि 8 अप्रैल के बाद यदि पश्चिमी विक्षोभ का असर कमजोर हुआ, तो इसके बाद तेज गर्मी का दौर शुरू हो सकता है। यानी फिलहाल शिवपुरी जिले को कुछ दिन राहत मिल रही है, लेकिन इसके बाद अप्रैल का असली तापमान लोगों को परेशान कर सकता है। फिलहाल जिले में हर किसी की नजर 8 अप्रैल पर टिकी हुई है-क्योंकि यह तारीख तय करेगी कि मौसम राहत देगा या फिर किसानों और आमजन की मुश्किलें और बढ़ाएगा।