शिवपुरी। बिना अध्यात्म के व्यक्तित्व विकास संभव नहीं है। जीवन के सिद्धांत भूलने से लोगों के जीवन, परिवार, समाज में खींचतान देखी जा रही है। ऐसे हालात में अखिल भारतीय विश्व गायत्री परिवार जिला शिवपुरी अब संपर्क, समर्थन, सहयोग से गांव-गांव लोगों के व्यक्तित्व निर्माण की पहल करने जा रहा है। 13 कार्यों को धरातल पर उतारने के लिए इस महीने 10 से 19 अप्रैल तक जिले में 7 जगहों पर गोष्ठियां रखी हैं। इन गोष्ठियों में 100 से अधिक समिति सदस्यों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक शांतिकुंज हरिद्वार और मप्र जोन भोपाल से जारी निर्देशों के तहत शिवपुरी जिला स्तर पर प्रशिक्षण की पूरी तैयारी हो गई है। शनिवार की बैठक के बाद 5 अप्रैल को गोष्ठियों का लेटर जारी कर दिया गया है। हर गोष्ठी में कम से कम 15 सदस्य शामिल रहेंगे। समिति सदस्य अपनी उप-समितियों को प्रशिक्षण देंगे। गांव-गांव संपर्क करेंगे। 13 कार्यों से लोगों को अवगत कराएंगे। जनसंपर्क के जरिए समर्थन लेंगे। फिर 13 कार्यों को जीवन में उतारने के लिए सहयोग लेंगे। संगठनात्मक गोष्ठियों के आयोजन को लेकर जरूरी व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए हैं।
पहली गोष्ठी 10 को कोलारस में, आखिरी 19 अप्रैल को बैराड़ में
10 अप्रैल को पहली गोष्ठी कोलारस गायत्री शक्तिपीठ पर शाम 4 बजे से 6.30 बजे तक रहेगी। 15 अप्रैल को गायत्री शक्तिपीठ पिछोर पर सुबह 11 बजे से दोपहर 2.30 बजे तक रहेगी। गायत्री शक्तिपीठ खनियाधाना पर दोपहर 3 बजे से गोष्ठी होगी। 17 अप्रैल को गायत्री शक्तिपीठ खतौरा पर सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक रहेगी। गायत्री शक्तिपीठ रन्नौद पर दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक गोष्ठी का समय रखा है। 18 अप्रैल को गायत्री शक्तिपीठ बैराड़-ककरौआ पर सुबह 11 बजे से गोष्ठी होगी। 19 अप्रैल को गायत्री शक्तिपीठ करैरा में शाम 4.30 बजे से गोष्ठी होगी।
13 कायर्यों से जीवन में बदलाव की कवायद
साधना, शिक्षा, स्वास्थ्य, नशा एवं व्यसन मुक्ति, पर्यावरण संरक्षण, नारी जागरण, आओ गढ़ें संस्कारवान पीढ़ी, युवा जोड़ों एवं सद्साहित्य विस्तार, स्वाध्याय, स्वावलंबन आदि कार्य हैं। यह कार्य आंदोलनों के रूप में लेकर गायत्री परिवार जन-जन तक पहुंचेगा। परिष्कृत व्यक्तित्व वाली नवागत पीढ़ी तैयार करना अभियानों का प्रमुख लक्ष्य है।
समिति सदस्य गांव-गांव पहुंचेंगे
अप्रैल में 7 जगहों पर संगोष्ठियां आयोजित कर 15-15 समिति सदस्यों का प्रशिक्षण रखा है। 13 कार्यों को लेकर समिति सदस्य गांव-गांव पहुंचेंगे। पहले जनसंपर्क, फिर जन-समर्थन, उसके बाद जन-सहयोग लेंगे। जन-सहयोग के रूप में 13 कार्यों से लोगों को जोड़ेंगे, ताकि उनका व्यक्तित्व निर्माण हो सके।
डॉ. पीके खरे, जिला समन्वय, जिला संयुक्त समन्वय समिति एवं अवि गायत्री परिवार जिला शिवपुरी
जानकारी के मुताबिक शांतिकुंज हरिद्वार और मप्र जोन भोपाल से जारी निर्देशों के तहत शिवपुरी जिला स्तर पर प्रशिक्षण की पूरी तैयारी हो गई है। शनिवार की बैठक के बाद 5 अप्रैल को गोष्ठियों का लेटर जारी कर दिया गया है। हर गोष्ठी में कम से कम 15 सदस्य शामिल रहेंगे। समिति सदस्य अपनी उप-समितियों को प्रशिक्षण देंगे। गांव-गांव संपर्क करेंगे। 13 कार्यों से लोगों को अवगत कराएंगे। जनसंपर्क के जरिए समर्थन लेंगे। फिर 13 कार्यों को जीवन में उतारने के लिए सहयोग लेंगे। संगठनात्मक गोष्ठियों के आयोजन को लेकर जरूरी व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए हैं।
पहली गोष्ठी 10 को कोलारस में, आखिरी 19 अप्रैल को बैराड़ में
10 अप्रैल को पहली गोष्ठी कोलारस गायत्री शक्तिपीठ पर शाम 4 बजे से 6.30 बजे तक रहेगी। 15 अप्रैल को गायत्री शक्तिपीठ पिछोर पर सुबह 11 बजे से दोपहर 2.30 बजे तक रहेगी। गायत्री शक्तिपीठ खनियाधाना पर दोपहर 3 बजे से गोष्ठी होगी। 17 अप्रैल को गायत्री शक्तिपीठ खतौरा पर सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक रहेगी। गायत्री शक्तिपीठ रन्नौद पर दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक गोष्ठी का समय रखा है। 18 अप्रैल को गायत्री शक्तिपीठ बैराड़-ककरौआ पर सुबह 11 बजे से गोष्ठी होगी। 19 अप्रैल को गायत्री शक्तिपीठ करैरा में शाम 4.30 बजे से गोष्ठी होगी।
13 कायर्यों से जीवन में बदलाव की कवायद
साधना, शिक्षा, स्वास्थ्य, नशा एवं व्यसन मुक्ति, पर्यावरण संरक्षण, नारी जागरण, आओ गढ़ें संस्कारवान पीढ़ी, युवा जोड़ों एवं सद्साहित्य विस्तार, स्वाध्याय, स्वावलंबन आदि कार्य हैं। यह कार्य आंदोलनों के रूप में लेकर गायत्री परिवार जन-जन तक पहुंचेगा। परिष्कृत व्यक्तित्व वाली नवागत पीढ़ी तैयार करना अभियानों का प्रमुख लक्ष्य है।
समिति सदस्य गांव-गांव पहुंचेंगे
अप्रैल में 7 जगहों पर संगोष्ठियां आयोजित कर 15-15 समिति सदस्यों का प्रशिक्षण रखा है। 13 कार्यों को लेकर समिति सदस्य गांव-गांव पहुंचेंगे। पहले जनसंपर्क, फिर जन-समर्थन, उसके बाद जन-सहयोग लेंगे। जन-सहयोग के रूप में 13 कार्यों से लोगों को जोड़ेंगे, ताकि उनका व्यक्तित्व निर्माण हो सके।
डॉ. पीके खरे, जिला समन्वय, जिला संयुक्त समन्वय समिति एवं अवि गायत्री परिवार जिला शिवपुरी