शिवपुरी, व्यवसाय की भट्ठियां तो जलने लगीं, लेकिन आम आदमी की रसोई की आग संकट में

Adhiraj Awasthi

शिवपुरी। शहर में गैस संकट की तस्वीर अब दो हिस्सों में बंट गई है, एक तरफ होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों के चूल्हे जलते रहें, इसके लिए सरकार ने कमर्शियल सिलेंडर की डिलीवरी शुरू कर दी है, वहीं दूसरी तरफ आम आदमी की रसोई अब भी सिलेंडर के इंतजार में अटकी हुई है। हालात ऐसे हैं कि होटल कारोबारी लिखित डिमांड देकर 24 से 48 घंटे में सिलेंडर पा रहे हैं, लेकिन घरेलू उपभोक्ता बुकिंग के बाद भी 4 से 5 दिन तक गैस एजेंसी और गोदाम के चक्कर काटने को मजबूर हैं।

सरकार ने कमर्शियल सिलेंडर के लिए साफ नियम लागू किए हैं। अब होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट संचालकों को 15 दिन या एक महीने की गैस खपत लिखित रूप में एजेंसी को देनी होगी, जिसके बाद उन्हें तय समय में सिलेंडर उपलब्ध करा दिया जाएगा। यह व्यवस्था कारोबारियों के लिए राहत बनकर आई है, लेकिन इसी के साथ एक बड़ा सवाल भी खड़ा हो गया है-क्या शहर की रसोई से ज्यादा जरूरी अब बाजार की भट्टियां हो गई हैं?

व्यवसाय को राहत, आमजन को इंतजार
शिवपुरी शहर और अंचल में इन दिनों कमर्शियल सिलेंडर की खपत चार गुना तक बढ़ चुकी है। शादी समारोह, आयोजनों और खानपान कारोबार की मांग को देखते हुए एजेंसियों ने भी व्यावसायिक उपभोक्ताओं की सप्लाई तेज कर दी है। हालांकि इसके लिए कारोबारी अब 2303 रुपए में नॉर्मल और 2326 रुपए में एक्स्ट्रा कमर्शियल सिलेंडर खरीद रहे हैं। लेकिन दूसरी ओर घरेलू गैस सिलेंडर 992 रुपए का होकर भी आम आदमी की पहुंच से दूर होता जा रहा है। सिलेंडर की बुकिंग हो रही है, लेकिन सप्लाई समय पर नहीं। नतीजा-घरों में चूल्हा जलाने की चिंता अब रोज का तनाव बन चुकी है।

बुकिंग करो… फिर डीएसी नंबर का इंतजार करो
घरेलू उपभोक्ताओं की परेशानी सिर्फ सिलेंडर की कमी तक सीमित नहीं है। सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि बुकिंग के बाद डीएसी (DAC) नंबर ही समय पर नहीं आ रहा। यानी उपभोक्ता ने गैस बुक कर दी, लेकिन सिस्टम में उसकी बुकिंग "पूरी" मानी ही नहीं जा रही। कई लोगों का कहना है कि 5 दिन तक सिर्फ बुकिंग का मैसेज आता है, डीएसी नंबर नहीं, और जब तक यह नंबर नहीं आए, तब तक सिलेंडर की डिलीवरी की कोई गारंटी नहीं। ऐसे में उपभोक्ता न एजेंसी पर भरोसा कर पा रहा है, न सिस्टम पर।

शहर वासी अनुज लोधी का दर्द इस संकट की हकीकत बयां करता है।
मैं पिछले तीन दिन से सिलेंडर के लिए बुकिंग कर रहा हूं। अभी तक डीएसी नंबर नहीं आया। जब तक यह नंबर नहीं आएगा, बुकिंग मानी ही नहीं जाएगी। घर में गैस खत्म है, लेकिन एजेंसी की तरफ से कोई ठोस जवाब नहीं मिल रहा। यानी रसोई गैस अब सुविधा नहीं, संघर्ष बन गई है। जिनके घर में छोटा सिलेंडर, लकड़ी या दूसरा इंतजाम नहीं है, उनके लिए यह संकट और भी बड़ा हो गया है।

रसूखदारों के घर जल्दी पहुंच रही गैस
शहर में यह चर्चा भी तेज है कि आम उपभोक्ता जहां सिलेंडर के लिए लाइन में है, वहीं कुछ रसूखदारों के घर गैस दो दिन में पहुंच रही है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या गैस की सप्लाई भी अब पहचान और पहुँच से तय होगी यह सवाल बडा हैं।

यही नहीं, शहर में यह भी आरोप हैं कि कुछ होटलों और प्रतिष्ठानों तक अब भी घरेलू सिलेंडर पहुंच रहे हैं, जबकि नियम साफ तौर पर उन्हें कमर्शियल गैस लेने को कहते हैं। बाजार में चर्चा है कि 992 रुपए वाले घरेलू सिलेंडर के लिए 1500 रुपए तक वसूले जा रहे हैं। अगर यह सच है, तो यह सिर्फ नियमों की धज्जियां नहीं, बल्कि आम उपभोक्ता के हिस्से की गैस पर खुली सेंध है।

15 अप्रैल के बाद और बढ़ेगी मारामारी
शहर में 15 अप्रैल से शादी-विवाह और आयोजनों का सीजन तेज होने जा रहा है। ऐसे में गैस की मांग और बढ़ना तय है। होटल, कैटरिंग, हलवाई, मैरिज गार्डन और ढाबा कारोबारियों की बढ़ती जरूरतें कमर्शियल सिलेंडरों पर और दबाव डालेंगी। अगर सप्लाई सिस्टम अभी नहीं संभला, तो आने वाले दिनों में घरेलू और व्यावसायिक दोनों सेक्टर में गैस के लिए खुली खींचतान देखने को मिल सकती है।

अब प्रशासन पीएनजी की ओर धकेल रहा शहर
गैस संकट के बीच जिला प्रशासन अब पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) को विकल्प के रूप में तेजी से आगे बढ़ा रहा है। शहर की 20 से अधिक कॉलोनियों में गैस लाइन बिछाई जा चुकी है और करीब 890 कनेक्शन चालू भी हो चुके हैं। लेकिन पुराने गैस विस्फोट हादसे के बाद लोग अब भी पीएनजी लेने में हिचक रहे हैं। अब प्रशासन का जोर है कि जहां लाइन पहुंच गई है, वहां लोग जल्द से जल्द पीएनजी अपनाएं। इसके लिए सोमवार से कैंप और जागरूकता अभियान भी शुरू किए जा रहे हैं। लेकिन सवाल यह है कि जब लोगों के मन में सुरक्षा का डर बैठा है, तब सिर्फ अपीलों से क्या पीएनजी पर भरोसा लौट आएगा?

वहीं जिला खाद्य अधिकारी तुलेश्वर कुर्रे का कहना है कि डिमांड पर कमर्शियल सिलेंडर चालू कर दिए हैं। साथ ही लोगों से अपील की जा रही है कि वे पीएनजी कनेक्शन का उपयोग करें।