नरवर मे फिर टूटे ताले, दो लाख के जेवर और 25 हजार नगदी चोरी

Adhiraj Awasthi
नरवर। नगर में बीते एक माह से लगातार हो रही चोरी की घटनाओं ने आमजन की नींद उड़ा दी है। हालात यह हैं कि लोग अब अपने घरों की सुरक्षा को लेकर चिंतित ही नहीं, बल्कि भयभीत भी नजर आ रहे हैं। ताजा मामला वार्ड क्रमांक 2 निवासी त्रिलोक सिंह कुशवाह के घर का है, जहां अज्ञात चोरों ने सुनियोजित तरीके से धावा बोलते हुए करीब दो लाख रुपये के जेवरात और 25 हजार रुपये नगद पर हाथ साफ कर दिया। घटना के बाद पीड़ित परिवार ने नरवर थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई है और पुलिस से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।

गौरतलब है कि यह कोई एकलौती घटना नहीं है। नगर में बीते दिनों लगातार चोरी की वारदातें सामने आ रही हैं, लेकिन पुलिस अब तक किसी भी मामले में ठोस सफलता हासिल नहीं कर सकी है। लगभग दस दिन पहले अशोक अग्रवाल की दुकान से काउंटर में रखी नकदी चोरी हो गई थी। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया, जिससे आरोपियों की पहचान की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन पुलिस अब तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है।

इसी क्रम में तीन दिन पूर्व एक किसान के घर से दो बोरी गेहूं चोरी होने का मामला भी सामने आया, जो ग्रामीण क्षेत्र में बढ़ती असुरक्षा को दर्शाता है। वहीं हाल ही में एक मोटरसाइकिल चोरी की घटना ने भी लोगों की चिंता को और बढ़ा दिया है। इन सभी मामलों में पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं।

लगातार हो रही इन घटनाओं ने नरवर नगर में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है। स्थिति यह है कि कई परिवार रातभर जागकर अपने घरों और संपत्ति की निगरानी करने को मजबूर हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि यही हाल रहा तो आमजन का पुलिस पर से विश्वास पूरी तरह उठ सकता है।

स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि न तो गश्त बढ़ाई गई है और न ही संदिग्धों पर निगरानी रखी जा रही है। चोरी की घटनाओं के बाद भी पुलिस की निष्क्रियता से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

नगर के जागरूक नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं। रात्रि गश्त को सख्ती से लागू किया जाए, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाए और जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी गए सामान की बरामदगी सुनिश्चित की जाए। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।