शिवपुरी। मप्र सरकार से मान्यता प्राप्त लूट करने वाला बिजली विभाग अब अपने डिक्शनरी में स्मार्ट शब्द को लगाकर स्मार्ट तरीके से लूट कर रहा है। शिवपुरी में बिजली विभाग की स्मार्टनेस अब आम जनता के लिए जी का जंजाल बन गई है। बिजली के भारी-भरकम बिलों से जनता पहले ही करंट के झटके महसूस कर रही थी, और अब घरों के आगे मुंह लटकाए स्मार्ट मीटर विभाग की कार्यशैली का मजाक उड़ा रहे हैं। विडंबना देखिए कि मीटर तो स्मार्ट हो गए हैं, लेकिन उन्हें लगाने वाली कंपनी के कर्मचारी और शिकायतों को अनसुना करने वाले अधिकारी आज भी पुराने ढर्रे पर ही अटके हैं। किसी का बिल हज़ारों में उछल गया तो किसी का मीटर दरवाजे पर मौत बनकर लटक रहा है, लेकिन साहबों के फोन स्विच ऑफ हैं।
1500 का बिल सीधे 9500 पार, स्मार्ट मीटर का स्मार्ट झटका
हाल ही में एक मामला टीवी टावर शांति नगर कॉलोनी निवासी संजय सेजवार का सामने आया है। उनके यहां विभाग ने कुछ माह पहले स्मार्ट मीटर लगाया। स्मार्ट मीटर लगने के बाद उनके घर का 1500-1600 रुपये प्रति महीने का बिल 9500 रुपये तक आया। संजय सेजवार ने विभाग में लिखित और मौखिक रूप से शिकायत की और घर के लोड को चेक करने का आग्रह किया, ताकि बिल को सही किया जा सके। विभाग के अधिकारियों उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया। दस दिन पहले बिल न भरने पर उनके घर का कनेक्शन काट दिया गया। उन्होंने एक बार फिर से लिखित शिकायत विभाग को कराई कि, उनके बिल की जांच कर बिल जमा करवा लिया जाए और उनका कनेक्शन जोड़ दिया जाए। उनके घर में बच्चों की परीक्षाएं चल रही हैं, बिजली न होने से पढ़ाई में परेशानी आती है, लेकिन आज तक न तो बिजली का लोड चेक किया गया है। न ही कनेक्शन जोड़ा गया है।
दरवाजे पर मौत बनकर लटका स्मार्ट मीटर
एक अन्य मामला श्रीराम कालोनी क्षेत्र का है, यहां निवासरत अशोक कोचेटा के घर पर कुछ दिन पहले पुराने मीटर को बदलकर स्मार्ट मीटर लगाया गया। अशोक कोचेटा के अनुसार उन्होंने मीटर बदलने आए कर्मचारियों से कहा कि जहां पुरान मीटर लगा है वहीं मीटर की जगह है, आप इस मीटर को यहीं लगा जाओ। उनके अनुसार कर्मचारी नहीं माने और गेट के बाहर जगह न होने के बावजूद मीटर को बाहर लगाने की औपचारिकता पूरी कर भाग गए। मीटर गेट पर लटका हुआ है जो किसी दिन बड़े हादसे का कारण बन सकता है। अशोक कोचेटा ने भी मामले की शिकायत विभाग के जिम्मेदारों को दर्ज करवाई, परंतु कई दिन बाद भी उनके मीटर को उचित स्थान पर नहीं लगवाया गया है। मीटर गेट पर लटका हुआ है।
घरों पर लटकती स्मार्टफोन और जेब काटती बिजली
यह मामले तो सिर्फ उदाहरण मात्र हैं, शहर भर में देखा जाए तो ऐसी कई तरह की शिकायतें दर्जनों की संख्या में पेंडिंग पड़ी हुई हैं। इन समस्याओं के निराकरण की दिशा में विभाग के अधिकारियों द्वारा कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। उपभोक्ता परेशान हैं, लोगों का कहना है कि उपभोक्ताओं के पास सिर्फ एक ही कंपनी है, जिससे बिजली लेनी है। यही कारण है कि उपभोक्ताओं की सुनवाई नहीं हो रही है। अगर यहां पर भी मोबाइलों की तरह अलग-अलग कंपनियां हाेतीं तो शायद उपभोक्ता को राहत मिल जाती और उसे परेशान नहीं होना पड़ता।
मेरा बिल अचानक से बढ़ गया
मेरा बिजली का बिल अचानक से जब कई गुना बढ़ गया तो मैंने विभाग को शिकायत दर्ज कराई, उनका निराकरण करने की बजाय मेरा कनेक्शन काट दिया गया। मेरे बच्चों की बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं, बिजली विभाग की लापरवाही का खामियाजा मेरे परिवार और बच्चों को भुगतना पड़ रहा है।
संजय सेजवार
मैंने मीटर बदलने वालों को कहा कि
मीटर की जगह पर मीटर लगा दो, लेकिन उन्होंने जबरन गेट के बाहर मीटर लगाने की औपचारिकता पूरी कर दी। अब मीटर गेट पर हवा में लटका हुआ है। यह किसी दिन बड़े हादसे का कारण बन सकता है। विभाग में कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
अशोक कोचेटा उपभोक्ता
1500 का बिल सीधे 9500 पार, स्मार्ट मीटर का स्मार्ट झटका
हाल ही में एक मामला टीवी टावर शांति नगर कॉलोनी निवासी संजय सेजवार का सामने आया है। उनके यहां विभाग ने कुछ माह पहले स्मार्ट मीटर लगाया। स्मार्ट मीटर लगने के बाद उनके घर का 1500-1600 रुपये प्रति महीने का बिल 9500 रुपये तक आया। संजय सेजवार ने विभाग में लिखित और मौखिक रूप से शिकायत की और घर के लोड को चेक करने का आग्रह किया, ताकि बिल को सही किया जा सके। विभाग के अधिकारियों उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया। दस दिन पहले बिल न भरने पर उनके घर का कनेक्शन काट दिया गया। उन्होंने एक बार फिर से लिखित शिकायत विभाग को कराई कि, उनके बिल की जांच कर बिल जमा करवा लिया जाए और उनका कनेक्शन जोड़ दिया जाए। उनके घर में बच्चों की परीक्षाएं चल रही हैं, बिजली न होने से पढ़ाई में परेशानी आती है, लेकिन आज तक न तो बिजली का लोड चेक किया गया है। न ही कनेक्शन जोड़ा गया है।
दरवाजे पर मौत बनकर लटका स्मार्ट मीटर
एक अन्य मामला श्रीराम कालोनी क्षेत्र का है, यहां निवासरत अशोक कोचेटा के घर पर कुछ दिन पहले पुराने मीटर को बदलकर स्मार्ट मीटर लगाया गया। अशोक कोचेटा के अनुसार उन्होंने मीटर बदलने आए कर्मचारियों से कहा कि जहां पुरान मीटर लगा है वहीं मीटर की जगह है, आप इस मीटर को यहीं लगा जाओ। उनके अनुसार कर्मचारी नहीं माने और गेट के बाहर जगह न होने के बावजूद मीटर को बाहर लगाने की औपचारिकता पूरी कर भाग गए। मीटर गेट पर लटका हुआ है जो किसी दिन बड़े हादसे का कारण बन सकता है। अशोक कोचेटा ने भी मामले की शिकायत विभाग के जिम्मेदारों को दर्ज करवाई, परंतु कई दिन बाद भी उनके मीटर को उचित स्थान पर नहीं लगवाया गया है। मीटर गेट पर लटका हुआ है।
घरों पर लटकती स्मार्टफोन और जेब काटती बिजली
यह मामले तो सिर्फ उदाहरण मात्र हैं, शहर भर में देखा जाए तो ऐसी कई तरह की शिकायतें दर्जनों की संख्या में पेंडिंग पड़ी हुई हैं। इन समस्याओं के निराकरण की दिशा में विभाग के अधिकारियों द्वारा कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। उपभोक्ता परेशान हैं, लोगों का कहना है कि उपभोक्ताओं के पास सिर्फ एक ही कंपनी है, जिससे बिजली लेनी है। यही कारण है कि उपभोक्ताओं की सुनवाई नहीं हो रही है। अगर यहां पर भी मोबाइलों की तरह अलग-अलग कंपनियां हाेतीं तो शायद उपभोक्ता को राहत मिल जाती और उसे परेशान नहीं होना पड़ता।
मेरा बिल अचानक से बढ़ गया
मेरा बिजली का बिल अचानक से जब कई गुना बढ़ गया तो मैंने विभाग को शिकायत दर्ज कराई, उनका निराकरण करने की बजाय मेरा कनेक्शन काट दिया गया। मेरे बच्चों की बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं, बिजली विभाग की लापरवाही का खामियाजा मेरे परिवार और बच्चों को भुगतना पड़ रहा है।
संजय सेजवार
मैंने मीटर बदलने वालों को कहा कि
मीटर की जगह पर मीटर लगा दो, लेकिन उन्होंने जबरन गेट के बाहर मीटर लगाने की औपचारिकता पूरी कर दी। अब मीटर गेट पर हवा में लटका हुआ है। यह किसी दिन बड़े हादसे का कारण बन सकता है। विभाग में कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
अशोक कोचेटा उपभोक्ता