शिवपुरी। नेशनल हाईवे-46 पर गुरुवार दोपहर एक ऐसा वाकया हुआ जिसे देख लोग दंग रह गए। अमूमन पुलिस और जनता के बीच टकराव की खबरें आती हैं, लेकिन यहाँ एक पुलिस इंस्पेक्टर को अपनी दरियादिली की कीमत गाली और वर्दी पर हाथ डालने से मिला। मामला देहात थाना क्षेत्र के शारदा सॉल्वेंट के पास का है, जहाँ एक सड़क हादसे के बाद मानवता शर्मसार होती दिखी।
तेज रफ्तार ट्रक ने ऑटो को रौंदा, मची चीख-पुकार
हादसा उस वक्त हुआ जब कोलारस की ओर जा रहे एक पैसेंजर ऑटो को पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो सड़क पर ही पलट गया। इसमें सवार मुकेश नामदेव समेत 5 लोग लहूलुहान हो गए। हादसे के बाद चालक ट्रक लेकर रफूचक्कर हो गया, लेकिन मौके पर मौजूद गुस्साई भीड़ ने ट्रक के हेल्पर को दबोच लिया और उसकी मॉब लिंचिंग जैसी स्थिति बन गई। लोग उसे बेरहमी से पीट रहे थे।
देवदूत बनकर पहुंचे इंस्पेक्टर निभाया फर्ज
इसी दौरान पुलिस लाइन में पदस्थ टीआई रविशंकर कौशल अपनी निजी कार से कोलारस कथा में ड्यूटी के लिए जा रहे थे। घायलों और भीड़ को देख उन्होंने गाड़ी रोकी। एक तरफ घायल तड़प रहे थे, दूसरी तरफ भीड़ हेल्पर को जान से मारने पर उतारू थी। इंस्पेक्टर कौशल ने अपनी वर्दी का फर्ज निभाते हुए भीड़ में कूट रहे युवक को बचाते हुए खीच लिया और सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
जिसकी जान बचाई, उसी ने पकड़ ली वर्दी!
हैरानी की बात तब हुई जब टीआई ने जिस युवक की जान बचाई, उसी ने आपा खो दिया। उपकार मानने के बजाय उस युवक ने सरेआम इंस्पेक्टर को गालियां देना शुरू कर दिया और उनकी वर्दी की कॉलर पकड़ ली। मौके पर मौजूद लोग यह देख भड़क उठे और दोबारा युवक को पीटने दौड़े, लेकिन अनुभवी TI ने बड़ी सूझबूझ से स्थिति संभाली। उन्होंने खुद को छुड़ाया और युवक को पुलिस के हवाले कर दिया।
अस्पताल में घायलों का इलाज जारी
इंस्पेक्टर की प्राथमिकता घायलों की जान बचाना थी। उन्होंने तुरंत सभी 5 घायलों को जिला अस्पताल भिजवाया, जहाँ उनका उपचार जारी है। पुलिस ने अभद्रता करने वाले युवक को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की वैधानिक जांच शुरू कर दी है।
तेज रफ्तार ट्रक ने ऑटो को रौंदा, मची चीख-पुकार
हादसा उस वक्त हुआ जब कोलारस की ओर जा रहे एक पैसेंजर ऑटो को पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो सड़क पर ही पलट गया। इसमें सवार मुकेश नामदेव समेत 5 लोग लहूलुहान हो गए। हादसे के बाद चालक ट्रक लेकर रफूचक्कर हो गया, लेकिन मौके पर मौजूद गुस्साई भीड़ ने ट्रक के हेल्पर को दबोच लिया और उसकी मॉब लिंचिंग जैसी स्थिति बन गई। लोग उसे बेरहमी से पीट रहे थे।
देवदूत बनकर पहुंचे इंस्पेक्टर निभाया फर्ज
इसी दौरान पुलिस लाइन में पदस्थ टीआई रविशंकर कौशल अपनी निजी कार से कोलारस कथा में ड्यूटी के लिए जा रहे थे। घायलों और भीड़ को देख उन्होंने गाड़ी रोकी। एक तरफ घायल तड़प रहे थे, दूसरी तरफ भीड़ हेल्पर को जान से मारने पर उतारू थी। इंस्पेक्टर कौशल ने अपनी वर्दी का फर्ज निभाते हुए भीड़ में कूट रहे युवक को बचाते हुए खीच लिया और सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
जिसकी जान बचाई, उसी ने पकड़ ली वर्दी!
हैरानी की बात तब हुई जब टीआई ने जिस युवक की जान बचाई, उसी ने आपा खो दिया। उपकार मानने के बजाय उस युवक ने सरेआम इंस्पेक्टर को गालियां देना शुरू कर दिया और उनकी वर्दी की कॉलर पकड़ ली। मौके पर मौजूद लोग यह देख भड़क उठे और दोबारा युवक को पीटने दौड़े, लेकिन अनुभवी TI ने बड़ी सूझबूझ से स्थिति संभाली। उन्होंने खुद को छुड़ाया और युवक को पुलिस के हवाले कर दिया।
अस्पताल में घायलों का इलाज जारी
इंस्पेक्टर की प्राथमिकता घायलों की जान बचाना थी। उन्होंने तुरंत सभी 5 घायलों को जिला अस्पताल भिजवाया, जहाँ उनका उपचार जारी है। पुलिस ने अभद्रता करने वाले युवक को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की वैधानिक जांच शुरू कर दी है।