शिवपुरी। शहर में भक्ति और आस्था के नाम पर ठगी और चोरी का एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। पिछले लंबे समय से साधु के वेश में मंजीरा बजाकर भजन-कीर्तन करने वाला एक अधेड़ व्यक्ति असल में चोर निकला। आरोपी की पहचान कप्पू जाटव के रूप में हुई है, जिसने छत्री कॉलोनी और आसपास के मंदिरों को अपना निशाना बनाया था।
भक्ति का चोला और चोरी की नीयत
कप्पू जाटव ने शहर में अपनी पहचान एक भक्त के रूप में बना ली थी। वह अक्सर मंदिरों के बाहर और कॉलोनियों में मंजीरा बजाते हुए नाचता-गाता रहता था। उसकी इस वेशभूषा और कला के कारण लोग उसे श्रद्धा भाव से देखते थे और कभी उस पर संदेह नहीं किया। इसी का फायदा उठाकर उसने छत्री के पुराने गेट के पास स्थित क्वार्टरों और मंदिरों की रेकी की।
साइकिल और मंदिर के घंटे उड़ाए
मौका मिलते ही बाबा ने अपना असली रंग दिखाया। उसने छत्री क्वार्टर निवासी दिलीप पाराशर के घर से साइकिल चोरी की और मंदिर के कीमती घंटे भी पार कर दिए। चोरी के बाद जब बाबा इलाके से गायब हो गया, तो स्थानीय लोगों का माथा ठनका। तलाश शुरू हुई तो एक ग्रामीण ने जानकारी दी कि उक्त बाबा को करही क्षेत्र की ओर देखा गया है।
पूछताछ में खुला राज, पार्टनर के साथ मिलकर बेचता था माल
गुरुवार को जब लोगों ने घेराबंदी कर कप्पू जाटव को पकड़ा और सख्ती से पूछताछ की, तो उसने सारा सच उगल दिया। कप्पू ने स्वीकार किया कि उसने साइकिल और मंदिर के घंटे चोरी किए हैं। उसने बताया कि साइकिल उसने तोड़कर पुर्जों के रूप में बेच दी है,और चोरी के घंटे उसने अपने साथी चंद्रभान (निवासी लाल माटी) को सौंप दिए हैं, जो उन्हें बेचने की फिराक में है।
भक्ति का चोला और चोरी की नीयत
कप्पू जाटव ने शहर में अपनी पहचान एक भक्त के रूप में बना ली थी। वह अक्सर मंदिरों के बाहर और कॉलोनियों में मंजीरा बजाते हुए नाचता-गाता रहता था। उसकी इस वेशभूषा और कला के कारण लोग उसे श्रद्धा भाव से देखते थे और कभी उस पर संदेह नहीं किया। इसी का फायदा उठाकर उसने छत्री के पुराने गेट के पास स्थित क्वार्टरों और मंदिरों की रेकी की।
साइकिल और मंदिर के घंटे उड़ाए
मौका मिलते ही बाबा ने अपना असली रंग दिखाया। उसने छत्री क्वार्टर निवासी दिलीप पाराशर के घर से साइकिल चोरी की और मंदिर के कीमती घंटे भी पार कर दिए। चोरी के बाद जब बाबा इलाके से गायब हो गया, तो स्थानीय लोगों का माथा ठनका। तलाश शुरू हुई तो एक ग्रामीण ने जानकारी दी कि उक्त बाबा को करही क्षेत्र की ओर देखा गया है।
पूछताछ में खुला राज, पार्टनर के साथ मिलकर बेचता था माल
गुरुवार को जब लोगों ने घेराबंदी कर कप्पू जाटव को पकड़ा और सख्ती से पूछताछ की, तो उसने सारा सच उगल दिया। कप्पू ने स्वीकार किया कि उसने साइकिल और मंदिर के घंटे चोरी किए हैं। उसने बताया कि साइकिल उसने तोड़कर पुर्जों के रूप में बेच दी है,और चोरी के घंटे उसने अपने साथी चंद्रभान (निवासी लाल माटी) को सौंप दिए हैं, जो उन्हें बेचने की फिराक में है।