शिवपुरी। अब शिवपुरी के खेतों में केवल फसल नहीं, बल्कि बोनस भी लहलहाएगा। कृषि विभाग द्वारा आयोजित एक विशेष पाठशाला में वैज्ञानिकों ने किसानों को पारंपरिक ढर्रे से हटकर स्मार्ट खेती करने के गुर सिखाए।
उड़द उगाओ, ₹600 का बोनस पाओ
सबसे बड़ा धमाका उप संचालक कृषि, पान सिंह करौरिया ने किया। उन्होंने घोषणा की कि ग्रीष्मकालीन मूंग के बजाय यदि किसान उड़द की बुवाई करते हैं, तो शासन उन्हें 600 रुपये प्रति क्विंटल का सीधा बोनस देगा। यह कदम न केवल मिट्टी की उर्वरता बढ़ाएगा, बल्कि किसानों की जेब भी भरेगी।
नरवाई की आग से तौबा, भूसे से कमाई
वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने किसानों को चेतावनी दी कि गेहूं की कटाई के बाद 'नरवाई' (फसल अवशेष) में आग लगाना अपनी ही जमीन का नुकसान करना है। इसके बजाय, स्ट्रारीपर मशीन का उपयोग कर भूसा बनाने की सलाह दी गई। इस भूसे को गौशालाओं में देकर पुण्य और पैसा दोनों कमाया जा सकता है।
विशेषज्ञों की टीम पहुंची खेतों तक
डॉ. पुनीत राठौर और डॉ. पुष्पेंद्र सिंह जैसे दिग्गज वैज्ञानिकों ने उन्नत बीजों और तिलहन उत्पादन की बारीकियां समझाईं। सिर्फ भाषण ही नहीं, बल्कि अधिकारियों ने टोंगरा और तानपुर जैसे गांवों का दौरा कर फसलों का खुद मुआयना किया, ताकि किसानों को मौके पर ही समाधान मिल सके।
उड़द उगाओ, ₹600 का बोनस पाओ
सबसे बड़ा धमाका उप संचालक कृषि, पान सिंह करौरिया ने किया। उन्होंने घोषणा की कि ग्रीष्मकालीन मूंग के बजाय यदि किसान उड़द की बुवाई करते हैं, तो शासन उन्हें 600 रुपये प्रति क्विंटल का सीधा बोनस देगा। यह कदम न केवल मिट्टी की उर्वरता बढ़ाएगा, बल्कि किसानों की जेब भी भरेगी।
नरवाई की आग से तौबा, भूसे से कमाई
वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने किसानों को चेतावनी दी कि गेहूं की कटाई के बाद 'नरवाई' (फसल अवशेष) में आग लगाना अपनी ही जमीन का नुकसान करना है। इसके बजाय, स्ट्रारीपर मशीन का उपयोग कर भूसा बनाने की सलाह दी गई। इस भूसे को गौशालाओं में देकर पुण्य और पैसा दोनों कमाया जा सकता है।
विशेषज्ञों की टीम पहुंची खेतों तक
डॉ. पुनीत राठौर और डॉ. पुष्पेंद्र सिंह जैसे दिग्गज वैज्ञानिकों ने उन्नत बीजों और तिलहन उत्पादन की बारीकियां समझाईं। सिर्फ भाषण ही नहीं, बल्कि अधिकारियों ने टोंगरा और तानपुर जैसे गांवों का दौरा कर फसलों का खुद मुआयना किया, ताकि किसानों को मौके पर ही समाधान मिल सके।