MP डकैती अधिनियम का दुरुपयोग- पुलिस ने खेत पर रखवाली कर रहे युवको को डकैत बना दिया - Shivpuri News

एक्सरे ललित मुदगल@ शिवपुरी।
शिवपुरी जिले के पोहरी अनुविभाग के गोवर्धन थाने की पुलिस ने बीते रोज पूर्व सरपंच के घर में डकैती डालने की योजना बनाते हुए 5 बदमाशों को गिरफ्तार करने का दावा किया था। पुलिस की इस सफलता का विधिवत प्रेस नोट जारी भी किया गया था। शिवपुरी समाचार डॉट कॉम ने गोवर्धन थाना क्षेत्र के जंगलो में घूम रहे हथियार धारी डकैत, ग्रामीणों ने दबोचा, पुलिस छुपा रही हैं शीर्षक से खबर का प्रकाशन किया था इस खबर को पुलिस के प्रेस नोट जारी करने से पूर्व ही प्रकाशित किया था। गोवर्धन पुलिस इस मामले में कुछ भी बताने से इंकार कर रही थी,शायद वह इस प्रेस नोट की ताना बाना बुन रही थी।

समझे पहले मामले को

शिवपुरी जिले के गोवर्धन थाना पुलिस ने ढेवला गांव से मुरैना के एक शिकारी के साथ साथ चार आदिवासियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। गोवर्धन थाना पुलिस ने पकड़े गए पांचों आरोपियों को सरपंच के घर लूट की वारदात को अंजाम देने की योजना बनाने पर पकड़ने की बात कही है। इसमें मुख्य आरोपी बुद्ध सिंह पुत्र पूरन सिंह मोगिया 30 निवासी ग्राम मरा थाना पहाड़गढ़ जिला मुरैना, अनिल पुत्र मनीराम आदिवासी 22 प्रहलाद पुत्र स्व: डोमू आदिवासी 37, कोमल पुत्र विषम आदिवासी 18 और बलराम उर्फ भूरा पुत्र सुरेश आदिवासी 22 निवासी सभी गोहरा गांव शामिल हैं।

सुबह क्या सीन था,क्या खबरें आ रही थी इस मामले को लेकर

गोवर्धन थाना क्षेत्र के ढेवला में शनिवार को गांव से लगे जंगल में डकैत गिरोह घूमने की खबर से आसपास के गांवों में दहशत फैल गई। जंगल से लगे खेतों में काम कर रहे किसानों को 5 से 6 की संख्या अज्ञात बंदूकधारी लोग घूमते नजर आए किसानों ने इन्हें डकैत गिरोह समझा और खेतों से गांव की ओर दौड़ लगा दी।

गांव में पहुंचकर किसानों ने जंगल में डकैतों के घूमने की सूचना ग्रामीणों को दी जिससे गांव में दहशत फैल गई।जंगल में डकैत गिरोह घूमने की खबर आसपास के गांवों में जंगल में आग की तरह चारों ओर फैल गई। जिसके बाद पुलिस को जंगल में डकैत गिरोह घूमने की सूचना देकर कुछ ग्रामीणों ने लाइसेंसी बंदूकों के साथ जब जंगल से लगे खेतों में जाकर देखा तो पास के ही गांव के कुछ शिकारी जंगल में शिकार की तलाश में बंदूक लेकर घूमते नजर आए।

ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए शिकारियों को घेर कर मय बंदूक के पकड़ लिया। बाद में मौके पर पहुंची गोवर्धन थाना पुलिस ग्रामीणों द्वारा पकड़े गए शिकारियों और उनके कब्जे से बरामद एक टोपी मार बंदूक को जब्त कर अपने साथ ले गई।

अब क्या हुआ, क्यों उठ रहे है सवाल

गोहरा गांव के आदिवासियों ने नगर परिषद बैराड़ पहुंचे पीडब्ल्यूडी राज्य मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक सुरेश धाकड़ से गोवर्धन थाना प्रभारी रघुवीर सिंह धाकड़ की शिकायत दर्ज कराई है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के चार आदिवासियों पर गोवर्धन थाना प्रभारी रघुवीर सिंह धाकड़ ने झूठा मामला दर्ज करते हुई जेल भेज दिया है।

चारों आदिवासी युवक खेत पर काम कर रहे थे। इसी दौरान गोवर्धन थाना प्रभारी रघुवीर सिंह धाकड़ आकर चारों युवकों को उठाकर अपने साथ ले गए और रात के समय उन पर मामला दर्ज कर जेल भेज दिया था। थाना प्रभारी से जब पूछा गया तो थाना प्रभारी का कहना था कि पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल किया है।

ग्वालियर चंबल संभाग में डकैत अधिनियम विशेषाधिकार के कारण एक्टिव

ग्वालियर.चंबल अंचल में बंदूक का आतंक होने के कारण ग्वालियर और चंबल संभाग में यहां 1981 में मप्र डकैती अधिनियम प्रभावी किया गया था सन 1998 में राज्य शासन ने इस अधिनियम को वापस ले लिया था लेकिन 2001 में भिंड, मुरैना शिवपुरी,ग्वालियर का ग्रामीण क्षेत्र सहित संभाग में आने वाले जिलों में 2004 में 11/13 डकैती अधिनियम फिर से प्रभावी कर दिया। वह डकैतों से संपर्क रखने व मदद करने वालों पर अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर सकती है।

प्रदेश के ग्वालियर क्षेत्र के अतिरिक्त अन्य जिलों में लूट के मामले में आरोपी के खिलाफ केवल धारा 394 लगती है,लेकिन दस्यू प्रभावित जिलो में इस धारा में मप्र डकैती अधिनियम और जोड दिया जाता है,इस अधिनियम के नियम के अनुसार 11/13 मप्र डकैती अधिनियम सूचीबद्ध गैंगों से ताल्लुक रखने वालों पर लगाया जा सकता है। लेकिन गोवर्धन थाना पुलिस ने जिन 4 आदिवासी युवको को डकैती डालने की योजना में पकड़ा है वह कोई सूचीबद्ध गैंगो से ताल्लुक नहीं रखते ना ही उन पर पूर्व में कोई संगीन अपराध के मामले दर्ज हैं इनमें से पकडा गया एक आदिवासी युवक की उम्र तो केवल 18 साल कुछ दिन ही बताई जा रही है।

चालान पेश करने मिलता है अतिरिक्त माह

अमूमन पुलिस को किसी भी केस में 90 दिन में चालान पेश करना होता है लेकिन मप्र डकैती अधिनियम लगने के बाद 120 दिन में चालान पेश करने का समय मिल जाता है।
मप्र डकैत अधिनियम लगते ही मामला विशेष कोर्ट में चला जाता है। साधारण लूट के मामले में 3 साल की सजा का प्रावधान है। लेकिन डकैती अधिनियम जुड़ जाने से आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है।

इस मामले में अपने राम का कहना है कि इस मामले में थानेदार साहब फस गए है,बिना होमवर्क किए पब्लिक के द्वारा पकडे गए शिकारी के साथ 4 आदिवासी युवको पर डकैती अधिनियम लगा दिया लेकिन इस फर्जी वाडे पर होमवर्क नहीं किया कि आदिवासी युवकों पर पूर्व में कोई मामला दर्ज है । पब्लिक ने शिकारी को पकडा फोटो वीडियो वायरल होने लगे ,खबरों का प्रकाशन होने लगा। आनन फानन में डकैती डालने की योजना का सीन क्रिएट किया लेकिन अब उल्टा हो गयां।

पुलिस के द्वारा इस डकैत अधिनियम के दुरुपयोग करने का मामला तूल पकड़ने लगा है। अभी तक पुलिस ऐसे मामले मीडिया के सामने लाती थी कि फला साहब के यहां डकैती की योजना बनाते पुलिया के नीचे 4 डकैत पकडे गए,लेकिन जिन लोगों को आरोपी बनाया जाता रहा है वह आदत न होते थे और पकड़े गए ऐसे लोगों पर कई मामले दर्ज होते थे,लेकिन गोवर्धन पुलिस ने नए फ्रेश लोगो पर मप्र डकैत अधिनियम चिपका दिया इस कारण ही यह मामला उजागर हो गया।