शिवपुरी कलेक्टर की टीम को शहर में सूअर नहीं मिल रहे, पहले दिन सिर्फ 4 मारे- Shivpuri News

शिवपुरी।
शिवपुरी शहर में तेजी से फैल रही अफ्रीकन स्वाइन फीवर की बीमारी से प्रतिदिन दर्जनों सूअर अपने आप मार रहे है। शिवपुरी के सूअरो के अपने आप तडप तडपकर मरने के बाद जांच की गई जिसमें अफ्रीकन स्वाइन फीवर की बीमारी का पता चला। नगर पालिका ने इसके रोकथाम के लिए सूअरों को मारने के लिए मंगलवार को अभियान शुरू किया। इस अभियान के लिए भी शनिवार से तैयारी की जा रही थी।

इसके लिए चार टीमें गठित की गई थी जिसमें पशु चिकित्सा विभाग, राजस्व, नपा और पुलिस विभाग के सदस्य थे। इसके बाद भी पहले दिन सिर्फ चार सुअरों को ही ढूंढ कर मारा जा सक। वह भी एक बाडे में बेहोश किया और उन्हें ही मार दिया गया। जबकि इससे कई गुना अधिक सुअर तो बीमारी की वजह से वैसे ही रोज मर रहे हैं। रविवार को ही करीब 80 सूअरों की मौत इस बीमारी के चलते हो गई थी। इसके पहले भी हर दिन करीब आधा सैकड़ा सुअर इस बीमारी की वजह से मर रहे हैं।

बीमारी जितनी तेजी से सूअरों के बीच फैल रही है, जिम्मेदार उतनी धीमी गति से इसके रोकथाम में जुटे हुए हैं। बीमारी की पुष्टि होने के बाद से ही इस मामले में प्रशासनिक स्तर पर ढीला रवैया अपनाया जा रहा है। बीमारी की पुष्टि पिछले सप्ताह चार तारीख के पहले ही हो गई थी। इसके बाद भी अभियान शुरू करने में एक सप्ताह का समय लग गया था।

शुरुआत में तो जिम्मेदार यही तय नहीं कर पाए कि इस बीमारी से निजात पाने के लिए क्या तरीका अपनाया जाए। अब अधिकारी आज से अभियान की गति देने की बात कह रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि गत सप्ताह बुधवार को शहर में सूअरों में अफ्रीकन स्वाइन फीवर की पुष्टि हुई थी। यह बीमारी जानवरों से इंसानों में नहीं फैलती है, लेकिन इसका अभी तक इलाज भी नहीं है। पशु चिकित्सा विभाग के अनुसार यह बहुत ही संक्रामक बीमारी है। विभाग ने सुअरों को मानवीय तरीके से मारने का निर्णय लिया है। इसमें बाड़ों में जिन सुअरों को मारा जाएगा उन्हें वजन के अनुसार मुआवजा भी दिया जाएगा। लेकिन यदि सुअर आवारा बाहर घूमते मिले तो पालक को मुआवजा नहीं दिया जाएगा।

अब भी पालकों से ही गुहार लगा रहे अधिकारी

सुअर पालकों के आगे प्रशासन अब भी गुहार लगाता नजर आ रहा है। सोमवार को पहले अधिकारियों ने सुअर पालकों के साथ बैठक की और उन्हें वही निर्देश दिए जो काफी समय से दिए जा रहे हैं। उनसे सुअरों को शहरी सीमा से बाहर रखें। जो बाड़े बनाए गए हैं उन्हें उसमें ही रखें। इसके बाद एक सुअर पालक से पूछा गया कि तुम्हारे बाड़े में कितने सुअर है। जब उसने चार की संख्या बताई तो टीम वही पहुंच गई और इन चार को ही बेहोश करके मार दिया।

इनका कहना है
पहले दिन में शासन की गाइडलाइन के अनुसार चार सुअर मारे गए हैं। इन्हें बेहोशी का इंजेक्शन लगाकर ट्रेचिंग ग्राउंड पर लेजाकर इंजेक्शन देकर मारा गया है। शहर से एक किमी की दूरी पर इन्हें डिस्पोज किया गया है।
एमसी तमोरी,सहायक संचालक, पशु चिकित्सा विभाग शिवपुरी