प्री- मानसून में शिवपुरी में जमकर बरसे बदरा, तापमान गिरा धड़ाम, खुशनुमा हुआ मौसम, लाइट से परेशान शहरवासी - Shivpuri News

शिवपुरी।
प्रदेश के अन्य भागों की तरह शिवपुरी में कल रात प्री-मानसून की जोरदार बरसात हुई। कल शहर में लगभग आधे घंटे तक झमाझम पानी गिरा और आज सुबह लगभग 1 घंटे बारिश हुए जिससे सड़कों पर पानी का सैलाव जमा हो गया। तेज आंधी, तूफान और बिजली की जोरदार गडगडाहट से वातावरण रातभर गूंजता रहा। अच्छी बरसात से तापमान में गिरावट महसूस की गई और गर्मी से तप रहे लोगोंं ने राहत अनुभव की।

लेकिन बिजली विभाग की मनमानी के कारण शहर के अधिकांश लोग रातभर नहीं सो सके। शहर के विभिन्न इलाकों में लाइट 5 से लेकर 10 घंटे तक गायब रही। जिससे घरों में सोना मुश्किल हो गया और लोगों ने जागते हुए और बिजली विभाग को कोसते हुए रात गुजारी।

नो तपा के पहले ही शिवपुरी में मौसम ठंडा हो गया है। पिछले एक सप्ताह से शिवपुरी में तेज गर्मी पड़ रही थी और तापमान 46 डिग्री तक पहुंच गया था। रात में भी तेज गर्मी पड़ रही थी। पंखे और कूलर राहत देने में असफल हो रहे थे। लू का प्रकोप भी जोरों पर था। जिससे शहर में बीमारियों का प्रकोप बढ़ रहा था। लेकिन कल शाम से तापमान में अचानक गिरावट आई और रात 8 बजे के आसपास बरसात शुरू हो गई।

कभी रिमझिम तो कभी तेज बरसात रात 12 बजे तक होती रही। बरसात के पूर्व ही बिजली विभाग ने शहर की लाइट काट दी थी। जिससे घरों में बरसात के बावजूद भी लोग गर्मी महसूस कर रहे थे। कूलर पंखे आदि न चलने से मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया था। लाइट न आने से लोगों ने घरों के खिड़की दरबाजे भी खोल लिए थे। जिससे मच्छरों की संख्या घर में काफी बढ़ गई थी।

गर्मी और मच्छरों के प्रकोप के कारण लोगों को नींद नहीं आ रही थी और वे यहीं कामना कर रहे थे कि किसी तरह लाइट आ जाए और उन्हें राहत महसूस हो। लेकिन रात साढ़े 8 बजे से गई हुई लाइट कई इलाकों में सुबह 4 बजे तक गायब रही और बहुत से लोगों ने शिकायत की कि उनके यहां तो रातभर लाइट नहीं आई। उसके बाद सुबह तेज आंधी के साथ तेज बारिश हुई और तापमान 44 से सीधा 33 पर जा पहुंचा। गर्मी के तेज प्रकोप के बीच हुई इस बारिश से मौसम खुशनुमा हो गया।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले एक-दो दिनों तक रिमझिम बरसात बनी रह सकती है। बताया जाता है कि उत्तप्रदेश के दक्षिण-पश्चिम हिस्से और उडीसा के पास एक-एक चक्रपात बना है। ईस्ट-बेस्ट ट्रफ लाइन है। इनके कारण बंगाल की खाडी से नमी आ रही है। इसी के चलते यह बारिश हो रही है। इस बारिश से जिन किसानों की प्याज खेतों से निकालकर खेतों में ही डाल दी है उनके माथें पर चिंता की लखीर खिच गई है। किसानों को प्याज इस बार रूला रही है। एक तो प्याज के दाम कम और उपर से बारिश ने किसानों को रूलाने में कसर नहीं छोडी है।