बिना OTP के पैसा कटता है तो बैंक को 3 दिन मे पैसा वापस देना होगा, RBI का है​ नियम - Shivpuri News

शिवपुरी। बढ़ते सायबर अपराधों को देखते हुए पुलिस लाइन स्थित पुलिस प्रशिक्षण हॉल में बुधवार से दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की जा रही है। पुलिस अधिकारी व कर्मचारियों के लिए आयोजित कार्यशाला में सायबर से जुड़े अपराधों के मामले में कार्रवाई और पीडितों की मदद के संबंध में विस्तार से बारीकियां समझाई गईं। स्टेट सायबर सेल जोन ग्वालियर से आई टीम ने साइबर क्राइम के बारे में हर तरह के साइबर अपराधों के बारे में जानकारियां दीं।

प्रशिक्षण के दौरान बताया कि किसी के साथ फोन-पे, गेट-वे के जरिए ऑनलाइन फ्रॉड होता है तो तुरंत बैंक शाखा जाकर संपर्क करें और जिस खाते में पैसों का ट्रांजेक्शन हुआ है, उस पर होल्ड लगवा दें। 50 हजार से अधिक के ऑनलाइन फ्रॉड केस में पुलिस थाने में केस दर्ज करके खाते पर होल्ड लगवा सकते हैं। वहीं बिना ओटीपी फ्रॉड के लिए बैंक पूरी तरह से जवाबदेह है। ऐसे मामलों में आरबीआई की गाइडलाइन के तहत बैंक को तीन दिन में काटा गया पैसा रिफंड कराने का प्रावधान है।

कार्यालय में SP राजेश सिंह चंदेल, ASP प्रवीण भूरिया, एसडीओपी निरंजन सिंह राजपूत मौजूद रहे। कार्यशाला 24 मार्च को भी चलेगी। अकाउंट सुरक्षित रखने के लिए टू-फेक्टर ऑथेंटिकेशन जरूरी :सायबर अपराध मामलों से बचने के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन को लेकर कार्यशाला में विस्तार से बताया।

सोशल मीडिया पर प्रोफाइल बनाने पर टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का पालन करें। प्रोफाइल हैक होने व अपना डाटा सुरक्षित रखने के लिए मोबाइल व ईमेल पर ओटीपी पहुंचता है। ओटीपी के जरिए प्रोफाइल पर लॉग-इन कर अकाउंट हैक होने से बचा सकते हैं। प्रोफाइल को हमेशा लॉक रखें और खासकर लड़कियां भी पिक्चर लॉक करके रखें।

ग्वालियर में ऑनलाइन फ्रॉड केस में पीडितों के 12 करोड़ रुपए रिफंड कराए, एक व्यक्ति के 7 लाख दिलाए

एसआई रीना शर्मा ने साइबर क्राइम एवं इससे जुड़े आईटी एक्ट पर चर्चा कर अलग-अलग अपराधों में धाराएं लगाने की जानकारी दी। कार्य शाला के महत्व को बताया, बाद स्टेट सायबर सेल जोन ग्वालियर से आई टीम द्वारा साइबर क्राइम पर विस्तार से चर्चा की गई। एसआई अनिल शर्मा ने साइबर क्राइम टाइप पर विस्तार से चर्चा की।

एसआई कौशलेंद्र शर्मा ने फाइनेंशियल फ्रॉड केस में कार्रवाई कर पैसा रिफंड के तरीके सुझाए। उन्होंने बताया कि ग्वालियर जिले में पीडितों के 12 करोड़ रुपए वापस दिला चुके हैं, जिसमें एक व्यक्ति के 7 लाख रुपए दिलाए हैं।