सड़कों के गड्ढे करेंगे स्वयं का इलाज, कांग्रेस के इस प्रस्ताव को भाजपा ने दी स्वीकृति: गढडे भरने को देना होगा टैक्स- Shivpuri News

शिवपुरी। आप रोड टैक्स देते हैं रोड पर चलने के लिए और टोल टैक्स वसूला जाता हैं चमचमाती सड़कों पर चलने के लिए। अभी तक तो आप सभी को यह जानकारी थी कि सरकार अगर किसी नई सड़क का निर्माण करती हैं तो उसकी लागत निकालने के लिए टोल टैक्स वसूलती हैं और सड़क की लागत निकल आती है तो उस पर टोल बंद कर दिया जाता है।

लेकिन सोचिए यदि बेहतर सड़क के लिए नहीं, बल्कि गढ्डों वाली सड़क के लिए टोल देना पड़े तो क्या होगा? अब जिले में दो टोल पर ऐसा ही होने जा रहा है। नई सड़क बनने पर नहीं, बल्कि सड़क खराब हो जाने के कारण लोगों से टोल टैक्स वसूला जाएगा। टैक्स से शासन को जो राशि मिलेगी उससे फिर उस सड़क का निर्माण कराया जाएगा।

इस तर्ज पर जिले में एक टोल टैक्स तो शुरू हो चुका है और अब एक और टोल टैक्स जल्द ही लगने वाला है। मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा संधारित सड़कों पर अब गुजरने वाले वाहनों पर टोल टैक्स लगाने की तैयारी कर ली है। जिले में सिरसौद और गोरस पर टोल नाके लगाकर टैक्स वसूला जाएगा।

कमलनाथ सरकार ने आय बढ़ाने किया था प्रस्ताव पास

पूर्व में तत्कालीन कमलनाथ सरकार के समय मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम के राज्य मार्गों पर टोल टैक्स लगाकर सरकार की आय में बढोत्तरी करने का एक प्रस्ताव पास किया गया था। परन्तु सरकार के उठा पटक होने के बाद यह प्रस्ताव ठंड़े बस्ते में चला गया था लेकिन अब प्रदेश की शिवराज सरकार ने इस प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी हैं।

मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा इस संबंध में टेंडर भी दे दिए गए हैं। शिवपुरी से पाली रोड़ तक टोल टैक्स बसूल करने का ठेका आरएमएन टोल वेज प्राईवेट लिमिटेड को दिया गया हैं। जो कि सिरसौद एवं गोरस पर अपने टोल नाके लगाकर बसूली का काम करेगी।

शिवपुरी पाली मार्ग दो जगह देना टोल, मेंटीनेंस के लिए वाहनों से वसूली

हल्के वाणिज्यिक वाहन से 65 रुपये, ट्रकों से 160 रुपये तथा मल्टी एक्सेल वाहन से 325 रुपये की राशि वसूल की जाएगी। टोल टैक्स कंपनी द्वारा शिवपुरी पाली मार्ग पर दो स्थानों पर इस राशि का भार वाहन चालकों पर अतिरिक्त पड़ेगा।

एमपीआरडीसी के एक अधिकारी ने बताया कि मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा शिवपुरी पाली मार्र्ग का निर्माण पहले ऐशीयन विकास बैंक द्वारा प्राप्त राशि से बीओटी के तहत कराया गया था। अब सरकार सड़कों के मेंटीनेंस के लिए भी वाहनों से वसूली जाने वाली रोड़ टैक्स की राशि से नहीं करा पा रही हैं।

इसके लिए अब ओएमटी (ओपरेट मेंटेन, ट्रांसफर )के आधार पर टोल टैक्स बैरियर लगाकर वाहनों से वसूली करेगी। इन टोल टैक्स बैरियरों से प्राप्त राशि का उपयोग सड़कों को सही करने में खर्च किया जाएगा।