RGPV COLLEGE: पानी से करंट पैदा करने की तकनीक, ऑफलाइन कक्षाएं शुरू होने से स्टूडेंट्स में उत्साह- Shivpuri News

Bhopal Samachar
शिवपुरी। पिछले 2 साल से कोरोना संक्रमण के चलते बीटेक और इंजीनियरिंग करने वाले विद्यार्थियों की कक्षाएं नियमित रूप से ऑफलाइन नहीं लग पा रही थी, लेकिन अब भविष्य के इंजीनियरों की पढ़ाई की रफ्तार जिले के एकमात्र शासकीय कॉलेज आरजीपीवी में शुरू हो गई है। खास बात यह है कि यहां दक्षता ले रहे विद्यार्थियों को इंटर्नशिप ट्रेनिंग एनपीटीआई में सोमवार से शुरू हुई, जहां विद्यार्थी पानी से बिजली कैसे बनती है, इस प्रयोग को मड़ीखेड़ा डैम से प्रशिक्षण लेकर दक्षता ग्रहण करेंगे।

दरअसल शिवपुरी में 2020 में आरजीपीवी इंजीनियरिंग कॉलेज की शुरुआत सतनवाड़ा में हुई थी। यहां पर तकनीकी रूप से विद्यार्थी बीटेक और इंजीनियरिंग की शिक्षा ग्रहण करें। इस लिहाज से प्रैक्टिकल सहित आंतरिक संसाधनों से सुसज्जित इस कॉलेज की स्थापना की गई थी। लेकिन कॉलेज में प्रवेश की बारी आई तभी कोरोना संक्रमण का असर पहली लहर में शुरू हो गया। यह संक्रमण इतना तेज था कि स्कूल कॉलेज सहित सभी शैक्षणिक संस्थानों में ताले पड़ गए। नतीजा यह निकला कि विद्यार्थियों को ऑफलाइन ट्रेनिंग नहीं मिल सकी।

विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाई तो कराई गई लेकिन विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान रूबरू पढ़ाई से ही होता है। यही कारण है कि जब 2021-22 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हुई तो उसमें ऑफलाइन पढ़ाई का अवसर नई साल से शुरू हो गया है। ऐसे में यहां दक्षता हासिल करने वाले विद्यार्थियों को अब तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ इंटर्नशिप की शुरुआत भी की गई है। ताकि विद्यार्थी संपूर्ण ज्ञान हासिल कर भविष्य के योग्य इंजीनियर और आर्किटेक्ट बने।

पिछली बार 118 सीटों पर प्रवेश इस बार 178 ले रहे प्रशिक्षण, कंप्यूटर साइंस की सीटें फुल
आरजीपीवी इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य श्री धाकड़ ने बताया कि पिछली बार विद्यार्थियों ने 118 सीटों पर प्रवेश लिया था। लेकिन इस बार विद्यार्थियों ने गजब का उत्साह दिखाया है और 178 सीटों पर विद्यार्थी यहां अध्ययन कर रहे हैं। खास बात यह है कि कंप्यूटर साइंस की 60 सीटें पूरी इसलिए फुल है क्योंकि इसकी पढ़ाई कोरोना कि यदि आगामी लहर आती भी है तो फिर घर से हो सकती है। जबकि शेष सब्जेक्ट की सीट देखे तो उसमें सीट अभी भी रिक्त हैं।

बीटेक के सिविल कोर्स करने के लिए यहां 60 में से महज 30 सीटों पर प्रवेश विद्यार्थियों ने दिए हैं। मैकेनिकल में 60 में से 48 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। इलेक्ट्रिक और इलेक्ट्रॉनिक्स में 60 सीटों में से 38 पर विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। जबकि कंप्यूटर साइंस की 60 सीटें पूरी फुल है। कुल मिलाकर गत वर्षों की तुलना में इस बार विद्यार्थियों में ऑफलाइन पढ़ाई को लेकर ज्यादा रुझान है, और उनके प्रैक्टिकल की परीक्षा के साथ-साथ इंटर्नशिप की तैयारियां भी शुरू हो गई है।

अधिकारी बोले- ऑटोकेड की ट्रेनिंग शुरू

यहां हॉस्टल प्रभारी और कॉलेज के प्रोफेसर डॉक्टर संजीव गुप्ता ने बताया कि विद्यार्थियों की अभी ऑटोकेड ट्रेनिंग शुरू हो गई है जिसमें सिविल और मैकेनिकल के विद्यार्थियों को प्रैक्टिकल ट्रेनिंग देकर उन्हें दक्ष किया जा रहा है। इसके साथ ही आगे की ट्रेनिंग थर्ड सेम के विद्यार्थियों की एनपीटीआई सेंटर पर होगी।

जिसकी शुरुआत सोमवार से हो गई। यहां अधिकारियों और विशेषज्ञों द्वारा अध्ययन कर रहे छात्र-छात्राओं को बताया जाएगा कि किस तरह से मड़ी खेड़ा डैम से थर्मल पावर के जरिए पानी से बिजली उत्पादन किया जाता है। इस प्रक्रिया को सीखकर विद्यार्थी तकनीकी रूप से दक्ष होंगे और वह भविष्य में और नए प्रयोग करके अपनी बौद्धिक क्षमता दिखाएंगे।

श्रेष्ठ इंजीनियर बनाएंगे
पढ़ाई तो विद्यार्थियों की कोरोना संक्रमण काल के दौरान भी जारी रही। लेकिन अब ऑफलाइन कक्षाएं शुरू हो जाने से यहां पर विद्यार्थियों में गजब का उत्साह देखा जा रहा है। हम इन्हें हर रूप में बेहतर प्रशिक्षण देकर भविष्य का श्रेष्ठ इंजीनियर बनाएंगे।
डॉ. राकेश सिंघई, डायरेक्टर आरजीपीवी कॉलेज, शिवपुरी
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