सूर्य के वाहन का प्रतीक हैं मिट्टी का यह वाहन,इन्हें रिद्धी सिद्धी की भी दी है संज्ञा, क्या है आध्यात्मिक और वैज्ञानिक कारण- Shivpuri News

शिवपुरी।
कल मकर संक्रांति हैं कल सूर्य उपासना दान और तिल और दान करने का दिन हैं। लेकिन आपने मकर संक्रांति के दिन मिट्टी की गाडी चलाते हुए छोटे बच्चो को देखा होगा इसे गडगडिया कहते हैं। हालाकि शहर में अभी बच्चे को हाथो में अब यह दूर हो चुकी हैं,लेकिन वर्तमान में जिनकी उम्र 40 के करीब हैं उन्होने इन यह गडगरिया या तो स्वयं चालाई होंगी या किसी बच्चो के हाथो मे देखी होगी,क्या हैं इस मिट्टी की गडगडिया का महत्व,पुराणो में इसका कोई उल्लेख नही हैं फिर जानने की कोशिश करते हैं

लक्ष्मीकांत शर्मा मशापूर्ण वाले पंडित जी से इस विषय में बात की गई तो उन्होने बताया कि मिट्टी की गडगडिया भगवान सूर्य के वाहन का प्रतीक हैं और भगवान सूर्य अपने वाहान से बैठकर ही मकर राशि में प्रवेश करते हैं। इस कारण ही मिट्टी का वाहान की पूजा होती हैं इसे हम आम बोलचाल की भाषा में गडगडिया करते है।

प्रकाश नारायण भार्गव पंडित जी रामगढ वालो का कहना हैं कि यह मिट्टी का वाहन है वह रिद्धी सिद्धी का प्रतीक हैं। मकर संक्रांति के दिन घर के द्धवार पर दोनो ओर इस मिट्टी के वाहन को रखा जाता हैं और इसकी पूजा की जाती है। यह सपन्नता का प्रतीक हैं पूजा करते समय लक्ष्मी जी से प्रार्थना की जाती हैं कि हमारे घर में अबकी बार खेतो से गाडी भर भर के धान्य आए।

वही कुछ लोगो का कहना है कि जनवरी के समय में ठंड अधिक पडती है। छोटे बच्चे कोई शरिरिक श्रम नही करते हैं इस कारण इस मिट्टी के वाहन को दिया जाता हैं जिससे उनके रक्त का संचार बड सके। समय बदला शहरो में अभी भी लकडी की गाडी बिकने लगी,लेकिन वर्तमान समय की बात करे तो अब ग्रामीण क्षेत्रो में मिट्टी के वाहन देखने को मिल जाते हैं लेकिन शहरो से अब यह दिखने को नही मिलते है।